राजस्थान में आयोजित होने वाली स्कूल लेक्चरर भर्ती परीक्षा को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए विशेष तैयारी की है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जिलों से परीक्षा केंद्रों तक आने-जाने को ध्यान में रखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने जयपुर और रेवाड़ी के बीच परीक्षा स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। रेलवे का यह कदम उन हजारों छात्रों के लिए राहत भरा माना जा रहा है, जो भर्ती परीक्षा के दौरान परिवहन व्यवस्था और भीड़भाड़ की समस्या से जूझते हैं। विशेष ट्रेन के संचालन से परीक्षार्थियों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी और यात्रा अधिक सुविधाजनक बन सकेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह स्पेशल ट्रेन 31 मई से 4 जून तक संचालित की जाएगी। इस दौरान ट्रेन चार-चार ट्रिप में चलेगी। रेलवे का उद्देश्य परीक्षा अवधि में बढ़ने वाली यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करना और छात्रों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा उपलब्ध कराना है। स्कूल लेक्चरर भर्ती परीक्षा के कारण हर बार बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जयपुर सहित विभिन्न शहरों की ओर यात्रा करते हैं। ऐसे में सामान्य ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ देखने को मिलती है। इसी स्थिति को देखते हुए रेलवे ने यह विशेष व्यवस्था लागू की है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रेन संख्या 09727 जयपुर-रेवाड़ी परीक्षा स्पेशल ट्रेन 31 मई से 3 जून तक प्रतिदिन संचालित होगी। यह ट्रेन जयपुर से शाम 7 बजकर 10 मिनट पर रवाना होगी और देर रात 12 बजकर 50 मिनट पर रेवाड़ी पहुंचेगी। इस समय-सारणी को इस प्रकार तैयार किया गया है ताकि परीक्षार्थी शाम के समय आसानी से यात्रा शुरू कर सकें और रात तक अपने गंतव्य तक पहुंच जाएं।
इसी तरह वापसी यात्रा के लिए ट्रेन संख्या 09728 रेवाड़ी-जयपुर परीक्षा स्पेशल ट्रेन 1 जून से 4 जून तक चलाई जाएगी। यह ट्रेन रेवाड़ी से रात 1 बजकर 30 मिनट पर रवाना होकर सुबह 7 बजे जयपुर पहुंचेगी। रेलवे का मानना है कि सुबह जयपुर पहुंचने से परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में आसानी होगी और उन्हें अतिरिक्त समय भी मिल सकेगा। इस ट्रेन की टाइमिंग विशेष रूप से परीक्षा देने आने वाले छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखकर निर्धारित की गई है।
रेलवे प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि यह स्पेशल ट्रेन मार्ग में कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुके, ताकि अधिक से अधिक परीक्षार्थियों को इसका लाभ मिल सके। ट्रेन गांधीनगर जयपुर, गैटोर जगतपुरा, खातीपुरा, बस्सी, दौसा, बांदीकुई, बसवा, राजगढ़, मालाखेड़ा, अलवर और खैरथल स्टेशनों पर ठहराव करेगी। इन स्टेशनों पर रुकने से आसपास के क्षेत्रों के छात्रों को सीधे ट्रेन सुविधा मिल पाएगी और उन्हें लंबी दूरी तय करके बड़े रेलवे स्टेशन तक पहुंचने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
रेलवे ने इस विशेष ट्रेन में यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त कोच लगाने का भी निर्णय लिया है। ट्रेन में कुल 12 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें 10 जनरल कोच और 2 गार्ड डिब्बे शामिल होंगे। चूंकि भर्ती परीक्षा के दौरान सबसे ज्यादा यात्रा सामान्य श्रेणी में होती है, इसलिए रेलवे ने जनरल कोचों की संख्या अधिक रखी है। इससे छात्रों को यात्रा के दौरान सीट और जगह मिलने की संभावना बढ़ेगी तथा भीड़भाड़ की स्थिति कुछ हद तक नियंत्रित हो सकेगी।
राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान रेलवे की ओर से स्पेशल ट्रेनों का संचालन अब एक जरूरी व्यवस्था बन चुका है। राज्य में हर साल विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में लाखों अभ्यर्थी हिस्सा लेते हैं। कई बार परीक्षार्थियों को बसों और ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रेलवे द्वारा चलाई जाने वाली विशेष ट्रेनें छात्रों के लिए बड़ी राहत साबित होती हैं। इससे न केवल यात्रा आसान होती है बल्कि समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में भी मदद मिलती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे की यह पहल परीक्षार्थियों के हित में एक सकारात्मक कदम है। इससे परिवहन व्यवस्था पर दबाव कम होगा और परीक्षा के दौरान होने वाली अव्यवस्था को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी। खासतौर पर जयपुर, दौसा, अलवर और रेवाड़ी जैसे क्षेत्रों से जुड़े छात्रों को इस सेवा का सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
राजस्थान सरकार की ओर से आयोजित स्कूल लेक्चरर भर्ती परीक्षा को लेकर पहले से ही युवाओं में काफी उत्साह बना हुआ है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने वाले हैं। ऐसे में रेलवे की यह अतिरिक्त सुविधा छात्रों की यात्रा को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आने वाले दिनों में यदि यात्रियों की संख्या और बढ़ती है तो रेलवे अतिरिक्त कोच या अन्य विशेष ट्रेनों पर भी विचार कर सकता है।
कुल मिलाकर परीक्षा स्पेशल ट्रेन का संचालन उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए राहत लेकर आया है, जो परीक्षा के दौरान यात्रा संबंधी परेशानियों से बचना चाहते हैं। रेलवे की यह व्यवस्था छात्रों को बेहतर सुविधा देने के साथ-साथ परीक्षा प्रबंधन को भी सुचारु बनाए रखने में मददगार साबित होगी।


