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राजस्थान में बदला मौसम, कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि

राजस्थान में बदला मौसम, कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि

राजस्थान में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट लेकर लोगों को चौंका दिया। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि के रूप में राहत मिली। हालांकि मौसम में आए इस बदलाव ने कुछ इलाकों में नुकसान भी पहुंचाया। गंगापुरसिटी, करौली, खैरथल और बानसूर सहित कई जिलों में तेज हवाओं, बारिश और बड़े आकार के ओलों ने जनजीवन को प्रभावित किया। कहीं खेत सफेद ओलों से ढक गए तो कहीं तेज आंधी में पेड़ टूटकर मकानों पर गिर पड़े। अचानक बदले मौसम ने लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी, लेकिन किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।

प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार को दिनभर उमस और गर्म हवाओं का असर बना रहा। दोपहर तक लोग तेज धूप और गर्मी से बेहाल नजर आए, लेकिन शाम होते-होते मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। कई जिलों में काले बादल छा गए और कुछ ही देर में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। मौसम में आई इस तेजी ने लोगों को हैरान कर दिया।

गंगापुरसिटी में शाम करीब साढ़े पांच बजे अचानक मौसम ने करवट ली। दिनभर तेज गर्मी और उमस के बाद आसमान में घने बादल छा गए। कुछ ही मिनटों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई और फिर बड़े आकार के ओले गिरने लगे। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब पांच से छह मिनट तक लगातार नींबू के आकार के ओले गिरते रहे। सड़कें और मकानों की छतें ओलों से पट गईं। इस दौरान लोगों ने मोबाइल फोन से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी साझा किए।

गंगापुरसिटी में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने लोगों को चौंका दिया। कई लोग घरों से बाहर निकल आए और ओलावृष्टि का नजारा देखने लगे। बच्चों और युवाओं में उत्साह भी देखने को मिला, क्योंकि लंबे समय बाद इलाके में इस तरह की ओलावृष्टि हुई। हालांकि कुछ स्थानों पर वाहनों और कच्चे ढांचों को हल्का नुकसान भी पहुंचने की खबरें सामने आईं। इसके बावजूद अधिकांश लोगों ने गर्मी से मिली राहत को लेकर संतोष जताया।

करौली जिले में भी दोपहर बाद मौसम अचानक बदल गया। आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच कई इलाकों में हल्की बारिश और ओलावृष्टि हुई। तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण में ठंडक घुल गई। पिछले कई दिनों से जिले में भीषण गर्मी पड़ रही थी, जिससे आमजन परेशान थे। बारिश के बाद लोगों ने राहत महसूस की और बाजारों में भी मौसम को लेकर चर्चा का माहौल दिखाई दिया।

करौली के ग्रामीण इलाकों में किसानों ने बारिश को मिश्रित प्रतिक्रिया दी। कुछ किसानों का मानना है कि बारिश से फसलों और पशुओं को गर्मी से राहत मिलेगी, जबकि कुछ किसानों ने ओलावृष्टि को लेकर चिंता जताई। विशेष रूप से सब्जी और बागवानी फसलों पर असर पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

उधर खैरथल जिले में मौसम का असर सबसे अधिक देखने को मिला। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे तेज गर्जना, बिजली चमकने और बारिश के साथ बड़े आकार के ओले गिरने शुरू हो गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि बेर के आकार के ओलों ने पूरे इलाके को सफेद चादर की तरह ढक दिया। करीब डेढ़ घंटे तक जारी रही बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों, सड़कों और मकानों की छतों पर बर्फ जैसी परत जम गई।

खैरथल में सुबह का दृश्य लोगों के लिए किसी पहाड़ी इलाके जैसा नजर आ रहा था। बच्चे और युवा ओलों के बीच खेलते दिखाई दिए, जबकि किसानों के चेहरे पर चिंता साफ नजर आई। किसानों ने बताया कि खेतों में खड़ी सब्जियों और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। खासकर टमाटर, मिर्च और अन्य नाजुक फसलों पर ओलों का असर पड़ने की आशंका है। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह का मौसम बना रहा तो फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

अलवर जिले के बानसूर कस्बे में तेज आंधी के कारण बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां तहसील कार्यालय के पीछे स्थित पीडब्ल्यूडी परिसर में लगे दो बड़े पेड़ तेज हवाओं के कारण टूटकर पास के एक मकान पर गिर पड़े। पेड़ गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। गनीमत यह रही कि घटना के समय मकान की छत या आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

मकान मालिक महेंद्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि अचानक तेज आंधी शुरू हुई और कुछ ही क्षणों में दोनों बड़े पेड़ मकान पर गिर पड़े। घटना में मकान के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से टूटे हुए पेड़ों को हटाने और क्षेत्र में पुराने पेड़ों की जांच कराने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

राजस्थान में मौसम के इस बदलाव ने एक तरफ जहां लोगों को झुलसा देने वाली गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं, बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम बदलने की संभावना बनी हुई है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम तंत्र के सक्रिय होने के कारण राजस्थान में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। फिलहाल प्रदेश के कई जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि कृषि क्षेत्र में संभावित नुकसान को लेकर प्रशासन और किसान दोनों सतर्क नजर आ रहे हैं।

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