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Motorola फोन में मिला बग, Amazon ऐप से जुड़ा मामला

Motorola फोन में मिला बग, Amazon ऐप से जुड़ा मामला

स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Motorola हाल ही में एक ऐसे तकनीकी विवाद को लेकर चर्चा में आ गई, जिसने यूजर्स को चौंका दिया। कंपनी ने अपने कुछ स्मार्टफोन्स में सामने आई एक बड़ी समस्या को स्वीकार करते हुए उसे ठीक करने की घोषणा की है। यह मामला Amazon ऐप से जुड़ा था, जिसमें यूजर्स जब अपने Motorola फोन में Amazon ऐप खोलते थे, तो ऐप सीधे खुलने के बजाय पहले कुछ सेकंड के लिए एक अनजान लिंक पर रीडायरेक्ट हो जाता था। खास बात यह थी कि यह प्रक्रिया यूजर्स की जानकारी के बिना बैकग्राउंड में हो रही थी।

रिपोर्ट्स के अनुसार यह समस्या सबसे पहले एक Reddit यूजर और टेक वेबसाइट 9to5Google द्वारा नोटिस की गई। इसके बाद इस मामले ने सोशल मीडिया और टेक समुदाय में तेजी से चर्चा पकड़ ली। बताया गया कि Motorola के कुछ फोन्स में जब यूजर्स ऐप ड्रॉअर के जरिए Amazon ऐप खोलते थे, तब पहले एक इंटरनेट ब्राउजर विंडो खुलती थी और उसके बाद Amazon ऐप शुरू होता था। हालांकि अगर वही ऐप होम स्क्रीन पर बने शॉर्टकट से खोला जाता था, तो ऐसी कोई समस्या सामने नहीं आती थी।

इस अजीब व्यवहार ने यूजर्स को हैरान कर दिया, क्योंकि अधिकतर लोगों को यह समझ ही नहीं आ रहा था कि Amazon ऐप खोलने से पहले ब्राउजर विंडो आखिर क्यों दिखाई दे रही है। जांच के बाद सामने आया कि फोन सिस्टम पहले एक एफिलिएट ट्रैकिंग लिंक को ओपन कर रहा था। यह लिंक यूजर्स की गतिविधि को ट्रैक करने और एफिलिएट कोड जोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। आसान भाषा में समझें तो जब यूजर Amazon ऐप खोलता था, तब सिस्टम पहले एक खास ट्रैकिंग यूआरएल से होकर गुजरता था, जिससे किसी पार्टनर को कमीशन या ट्रैकिंग डेटा मिल सके।

रिपोर्ट्स के अनुसार इस समस्या के पीछे Motorola के फोन में पहले से इंस्टॉल आने वाला Smart Feed ऐप जिम्मेदार था। यह ऐप कंपनी के कई नए स्मार्टफोन्स में मौजूद रहता है और यूजर्स को ऐप सुझाव, न्यूज फीड और सर्च फीचर्स जैसी सुविधाएं प्रदान करता है। खासतौर पर Motorola Razr (2026) जैसे नए फोल्डेबल फोन्स में यह फीचर सक्रिय रूप से मौजूद था। बताया गया कि Smart Feed का वर्जन 2.03.0070 चलाने वाले कुछ डिवाइसेज में यह समस्या अधिक देखी गई।

मामला सामने आने के बाद Motorola ने अपनी सफाई भी पेश की। कंपनी ने कहा कि यह किसी तरह की जानबूझकर की गई गतिविधि नहीं थी, बल्कि एक तकनीकी गलती थी। Motorola के अनुसार यह समस्या उनकी “Device Native” नाम की एक पार्टनर कंपनी के साथ चल रहे सहयोग के दौरान सामने आई। दोनों कंपनियां मिलकर Motorola फोन्स के लिए एक नया “App Search and Suggestion” फीचर विकसित कर रही थीं। इसी फीचर के टेस्टिंग या इंटीग्रेशन के दौरान यह बग सामने आया, जिसकी वजह से यूजर्स Amazon ऐप खोलने से पहले ट्रैकिंग लिंक पर रीडायरेक्ट हो रहे थे।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह समस्या केवल अमेरिका के कुछ चुनिंदा यूजर्स को प्रभावित कर रही थी। खासकर वे यूजर्स जो ऐप ड्रॉअर के जरिए Amazon Shopping ऐप खोल रहे थे, उन्हीं के डिवाइस में यह रीडायरेक्ट देखा गया। Motorola ने दावा किया कि अब इस समस्या को पूरी तरह ठीक कर दिया गया है और किसी भी प्रकार का ट्रैकिंग लिंक अब एक्टिव नहीं है।

इस पूरे मामले ने स्मार्टफोन यूजर्स के बीच डेटा प्राइवेसी और डिजिटल ट्रैकिंग को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आज के समय में अधिकतर मोबाइल ऐप्स और सेवाएं यूजर्स की गतिविधियों को ट्रैक करती हैं, लेकिन जब कोई प्रक्रिया बिना यूजर की जानकारी के बैकग्राउंड में होती है, तो वह चिंता का विषय बन जाती है। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनियों को इस तरह के फीचर्स और डेटा ट्रैकिंग से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता बरतनी चाहिए ताकि यूजर्स का भरोसा बना रहे।

हालांकि Motorola ने इस बग को तकनीकी त्रुटि बताया है, लेकिन कई यूजर्स ने सवाल उठाए हैं कि किसी ऐप को खोलने से पहले ट्रैकिंग लिंक एक्टिव होना सामान्य नहीं माना जा सकता। कुछ लोगों ने इसे यूजर प्राइवेसी के लिए खतरा भी बताया। वहीं दूसरी ओर कई टेक विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला सीधे तौर पर डेटा चोरी से जुड़ा नहीं था, बल्कि एफिलिएट ट्रैकिंग सिस्टम की तकनीकी गड़बड़ी थी।

भारतीय यूजर्स के लिए राहत की बात यह है कि फिलहाल यह समस्या भारत में देखने को नहीं मिली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह बग केवल अमेरिका के कुछ चुनिंदा Motorola स्मार्टफोन्स तक सीमित था। इसलिए भारत में Motorola यूजर्स को घबराने की जरूरत नहीं है। कंपनी ने संबंधित अपडेट जारी कर समस्या को ठीक कर दिया है और अब Amazon ऐप सामान्य रूप से काम कर रहा है।

इस घटना ने यह जरूर दिखा दिया कि आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन कंपनियों को अपने सॉफ्टवेयर फीचर्स और पार्टनरशिप मॉडल को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। एक छोटी तकनीकी गलती भी यूजर्स के भरोसे को प्रभावित कर सकती है। साथ ही यह मामला यूजर्स को भी जागरूक करता है कि वे अपने स्मार्टफोन में होने वाली असामान्य गतिविधियों पर ध्यान दें और समय-समय पर सिस्टम अपडेट इंस्टॉल करते रहें।

Motorola की ओर से समस्या को जल्दी स्वीकार करना और उसे ठीक करना कंपनी के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है, लेकिन यह मामला भविष्य में टेक कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख भी बन सकता है कि यूजर प्राइवेसी और ट्रांसपेरेंसी को नजरअंदाज करना अब आसान नहीं रह गया है।

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