राजस्थान के अजमेर जिले में सामने आए पूर्व सरपंच रामसिंह हत्याकांड ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यह मामला केवल एक हत्या का नहीं, बल्कि लंबे समय से परिवार के भीतर पल रहे तनाव, घरेलू हिंसा, रिश्तों में बढ़ती दूरी और नफरत की भयावह परिणति का उदाहरण बनकर सामने आया है। पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने हर किसी को हैरान कर दिया है। इस सनसनीखेज वारदात में एक नाबालिग बेटे ने अपने पिता, सौतेली मां, दादी और रिश्ते में बहन लगने वाली महिला की हत्या करने की बात कबूल की है। इतना ही नहीं, हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शवों को गाड़ी में डालकर आग लगाने का भी खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार आरोपी नाबालिग अपने पिता से गहरी नफरत करने लगा था। पूछताछ में उसने बताया कि पिता द्वारा उसकी मां के साथ मारपीट और प्रताड़ना किए जाने से वह मानसिक रूप से टूट चुका था। आरोपी ने यह भी कहा कि वह कई बार अपने पिता को मारने की कोशिश कर चुका था। उसने पहले खाने में जहर देने और माइंस क्षेत्र में धक्का देकर हत्या करने की योजना बनाई थी, लेकिन दोनों प्रयास असफल रहे। धीरे-धीरे उसके मन में अपने पिता के प्रति इतनी नफरत भर गई कि उसने उन्हें अपना सबसे बड़ा दुश्मन मान लिया।
जानकारी के अनुसार रामसिंह ने वर्ष 2005 में सुनीता चौधरी से शादी की थी। इस विवाह से उनके एक बेटा और एक बेटी हुए। परिवार सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन वर्ष 2019 में रामसिंह ने सुरज्ञान नाम की महिला से दूसरी शादी कर ली। बताया जा रहा है कि सुरज्ञान पेशे से वकील थीं और रामसिंह से उनकी मुलाकात कानूनी मामलों के दौरान हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में उन्होंने कोर्ट मैरिज कर ली। दूसरी शादी के बाद परिवार में विवाद और तनाव बढ़ने लगा।
पुलिस जांच में सामने आया कि नाबालिग बेटा अपनी मां के साथ हो रहे व्यवहार से बेहद आहत था। उसने पुलिस को बताया कि उसका पिता शराब पीकर घर आता था और मां, बहन तथा उसके साथ मारपीट करता था। आरोपी के अनुसार उसके पिता उसकी मां को अपमानित करते थे और घर के सारे काम उसी से करवाते थे। परिवार के सदस्यों को घर से बाहर जाने तक की आजादी नहीं थी। इन परिस्थितियों ने बेटे के मन में गुस्सा और नफरत पैदा कर दी।
घटना से एक दिन पहले यानी 27 मई को भी घर में विवाद हुआ था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उस दौरान उसने अपनी मां से कह दिया था कि वह कभी भी पिता को जान से मार सकता है। इसी योजना के तहत उसने पहले से ऑनलाइन चाकू मंगवाया हुआ था। पुलिस के मुताबिक घटना वाली रात जब रामसिंह शराब के नशे में सो रहे थे, तब आरोपी ने उन पर हमला कर दिया। उसने नींद में ही पिता का गला काट दिया।
वारदात के दौरान पास में सो रही रामसिंह की दूसरी पत्नी सुरज्ञान जाग गईं और उन्होंने यह सब देख लिया। इसके बाद आरोपी ने उनका भी गला काट दिया। पुलिस के अनुसार चीख-पुकार सुनकर घर में मौजूद दादी और रिश्ते में बहन लगने वाली महिमा नामक महिला भी वहां पहुंच गईं। आरोपी ने अपनी मां और बहन की मदद से उन दोनों पर भी हमला कर दिया। इस तरह घर के भीतर चार लोगों की हत्या कर दी गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। आरोपी बेटे ने घर में खड़े ट्रैक्टर से डीजल निकाला और फिर चारों शवों को स्कॉर्पियो गाड़ी में डालकर घर से कुछ दूरी पर ले गया। वहां डीजल छिड़ककर शवों में आग लगा दी गई। पुलिस के अनुसार आग लगाने के लिए उसी माचिस का इस्तेमाल किया गया, जिससे रामसिंह सिगरेट पीते थे। इसके बाद आरोपी वापस घर लौटा और मां व बहन के साथ मिलकर घर की साफ-सफाई की ताकि खून के निशान मिटाए जा सकें। हत्या में इस्तेमाल चाकू को भी छिपा दिया गया।
हालांकि पुलिस को शुरुआत से ही इस पूरे मामले पर शक हो गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल पर कई ऐसे संकेत मिले थे, जिन्होंने हत्या की आशंका को मजबूत किया। दूसरी पत्नी का शव गाड़ी से बाहर खेत में मिला था और उसके शरीर पर चोट के निशान थे। गाड़ी की ड्राइवर सीट खाली थी और सभी शव पीछे की सीट पर पाए गए। इसके अलावा घर में खून के निशान और पहली पत्नी के हाथों पर कट के निशान भी मिले थे। गांव वालों से पूछताछ में यह जानकारी भी सामने आई कि घटना से पहले घर में झगड़ा हुआ था।
पुलिस ने जब पहली पत्नी और बच्चों से पूछताछ शुरू की तो सभी ने शुरुआत में हादसे की कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि दादी की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था और रास्ते में हादसा हो गया। लेकिन जब पुलिस ने तीनों को अलग-अलग बैठाकर पूछताछ की तो उनके बयानों में विरोधाभास सामने आने लगा। सख्ती से पूछताछ करने पर सबसे पहले नाबालिग बेटा टूट गया और उसने पूरी वारदात कबूल कर ली।
पुलिस ने मामले में पहली पत्नी और बेटी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नाबालिग बेटे को निरुद्ध किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। इस हत्याकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि घरेलू हिंसा और पारिवारिक तनाव किस तरह धीरे-धीरे रिश्तों को खत्म कर देते हैं और कभी-कभी स्थिति इतनी भयावह हो जाती है कि परिवार के सदस्य ही एक-दूसरे के दुश्मन बन जाते हैं।


