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मेलोडी टॉफी से चर्चा में आया पार्ले नाम

मेलोडी टॉफी से चर्चा में आया पार्ले नाम

भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi इन दिनों इटली दौरे को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में हैं। इस यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni से हुई। दोनों नेताओं की यह मुलाकात राजनीतिक और कूटनीतिक कारणों से महत्वपूर्ण मानी जा रही थी, लेकिन इस मुलाकात के दौरान दिया गया एक छोटा सा भारतीय तोहफा सोशल मीडिया और शेयर बाजार दोनों में चर्चा का विषय बन गया। प्रधानमंत्री मोदी ने जियोर्जिया मेलोनी को भारत की लोकप्रिय मेलोडी टॉफी गिफ्ट की, जिसके बाद अचानक ‘मेलोडी’ और ‘पार्ले’ नाम सुर्खियों में आ गए।

इस छोटे से मीठे तोहफे का असर केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। शेयर बाजार में भी इसका बड़ा प्रभाव देखने को मिला। दिलचस्प बात यह रही कि जिस कंपनी के नाम से लोग मेलोडी टॉफी को जोड़ रहे थे, उसी नाम से मिलती-जुलती एक दूसरी कंपनी के शेयरों में तेजी आ गई। बाजार में निवेशकों के बीच भ्रम की स्थिति बनी और Parle Industries Limited के शेयरों में अचानक लगभग 5 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली। हालांकि बाद में स्पष्ट हुआ कि मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी और शेयर बाजार में उछाल पाने वाली कंपनी दोनों अलग-अलग हैं।

असल में मेलोडी टॉफी भारत की प्रसिद्ध एफएमसीजी कंपनी Parle Products बनाती है। यह वही कंपनी है जिसने देश को पार्ले-जी जैसा मशहूर बिस्किट दिया। लेकिन शेयर बाजार में जिस कंपनी के शेयर तेजी से बढ़े, वह पार्ले इंडस्ट्रीज लिमिटेड थी, जिसका कारोबार पूरी तरह अलग क्षेत्र में है। कई निवेशकों ने नाम में समानता होने के कारण यह मान लिया कि मेलोडी टॉफी की चर्चा का फायदा इसी कंपनी को मिलेगा और इसी वजह से इसके शेयरों में तेजी देखी गई।

पार्ले प्रोडक्ट्स भारत की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित उपभोक्ता उत्पाद कंपनियों में से एक मानी जाती है। लगभग 97 साल पुरानी इस कंपनी की शुरुआत मोहनलाल दयाल ने ‘हाउस ऑफ पार्ले’ के नाम से की थी। धीरे-धीरे यह कंपनी भारतीय घरों का हिस्सा बन गई। आज देश के लगभग हर हिस्से में पार्ले के उत्पाद आसानी से मिल जाते हैं। कंपनी के पास 21 से अधिक प्रमुख ब्रांड हैं और देशभर में 125 से ज्यादा फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं।

पार्ले प्रोडक्ट्स का सबसे प्रसिद्ध उत्पाद Parle-G बिस्किट है, जिसे दशकों से भारत का सबसे लोकप्रिय ग्लूकोज बिस्किट माना जाता है। इसके अलावा कंपनी हाइड एंड सीक, क्रैकजैक, मोनाको, किस्मी, मेलोडी और पार्ले रस्क जैसे कई उत्पाद भी बनाती है। बीते कुछ वर्षों में कंपनी ने स्नैक्स, केक, चॉकलेट, ब्रेकफास्ट सीरियल और आटा जैसे उत्पादों के जरिए भी बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाई है।

मेलोडी टॉफी की बात करें तो यह भारतीय बाजार में लंबे समय से बेहद लोकप्रिय रही है। इसकी खास पहचान इसका चॉकलेटी स्वाद और अंदर मौजूद कैरेमल फिलिंग है। “मेलोडी इतनी चॉकलेटी क्यों है” जैसी टैगलाइन वर्षों तक भारतीय विज्ञापन जगत में चर्चित रही। यही वजह है कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने इसे विदेशी नेता को तोहफे के रूप में दिया तो सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति और देसी ब्रांड की पहचान से जोड़कर देखा।

हालांकि इस पूरी चर्चा के बीच एक बड़ा भ्रम भी सामने आया। कई लोगों को लगा कि पार्ले इंडस्ट्रीज और पार्ले प्रोडक्ट्स एक ही कंपनी हैं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। Parle Industries Limited एक अलग कंपनी है जो रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और रीसाइक्लिंग के कारोबार से जुड़ी हुई है। यह कंपनी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध है। दूसरी ओर पार्ले प्रोडक्ट्स एक निजी एफएमसीजी कंपनी है और इसका कारोबार खाद्य उत्पादों पर आधारित है।

शेयर बाजार में इस तरह की घटनाएं पहले भी देखने को मिल चुकी हैं, जब किसी चर्चित नाम या खबर के कारण समान नाम वाली कंपनियों के शेयर अचानक बढ़ जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उसकी वास्तविक गतिविधियों और बिजनेस मॉडल की सही जानकारी लेना बेहद जरूरी है। केवल नाम के आधार पर निवेश करना कई बार भ्रम और नुकसान का कारण बन सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मेलोडी टॉफी गिफ्ट करने की घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारतीय ब्रांड्स की पहचान अब वैश्विक मंचों तक पहुंच रही है। छोटे-छोटे देसी उत्पाद भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन सकते हैं। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर लोगों ने दिलचस्प प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने इसे भारतीय संस्कृति और बचपन की यादों से जोड़कर देखा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं भारतीय एफएमसीजी ब्रांड्स की लोकप्रियता को और मजबूत करती हैं। पार्ले जैसे ब्रांड दशकों से भारतीय परिवारों का हिस्सा रहे हैं और अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उनकी चर्चा होना भारतीय उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। वहीं निवेशकों के लिए यह घटना एक सीख भी बनकर सामने आई है कि किसी भी शेयर में निवेश से पहले सही जानकारी और रिसर्च करना कितना जरूरी है।

प्रधानमंत्री मोदी और जियोर्जिया मेलोनी की मुलाकात के दौरान दिया गया यह छोटा सा मीठा तोहफा अब एक बड़े आर्थिक और सोशल मीडिया ट्रेंड में बदल चुका है। मेलोडी टॉफी की चर्चा ने न केवल पार्ले ब्रांड को सुर्खियों में ला दिया, बल्कि शेयर बाजार में भी हलचल पैदा कर दी।

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