राजस्थान कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी टीना डाबी एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में हैं। देशभर में प्रशासनिक कार्यों और जनसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलाधिकारियों की सूची में उनका नाम शामिल किया गया है। फेम इंडिया मैगजीन और एशिया पोस्ट द्वारा जारी ‘सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026’ की टॉप 100 सूची में टीना डाबी को जगह मिली है। इस सूची में देश के विभिन्न राज्यों के करीब 800 जिलों में कार्यरत अधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन किया गया, जिसके बाद यह चयन किया गया। राजस्थान से कुल छह आईएएस अधिकारियों को इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार जिलाधिकारियों के चयन में कई अहम मानकों को आधार बनाया गया। इसमें विकास कार्य, प्रशासनिक क्षमता, जनसंपर्क, नवाचार, योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और आम जनता के बीच अधिकारियों की सक्रियता जैसे पहलुओं का मूल्यांकन किया गया। इस राष्ट्रीय सूची में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब और राजस्थान सहित कई राज्यों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। राजस्थान के जिन अधिकारियों ने इस सूची में स्थान बनाया है उनमें टोंक कलेक्टर टीना डाबी के अलावा Alok Ranjan, Ankit, Arun Garg, Jitendra Kumar Soni और Mukul Sharma के नाम भी शामिल हैं।
फेम इंडिया मैगजीन के प्रबंध संपादक अनिल सिंह के अनुसार इस पहल का उद्देश्य उन अधिकारियों के कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देना है जिन्होंने प्रशासन और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनका कहना है कि आज के समय में जिलाधिकारी केवल प्रशासनिक अधिकारी नहीं बल्कि विकास और बदलाव के नेतृत्वकर्ता के रूप में भी काम कर रहे हैं। ऐसे में उन अधिकारियों को सामने लाना जरूरी है जिन्होंने अपने जिलों में सकारात्मक परिवर्तन किए हैं।
टीना डाबी को इस सूची में शामिल किए जाने के पीछे उनका प्रशासनिक कार्य और जमीनी स्तर पर किए गए अभियान प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। वर्तमान में वे Tonk जिले की कलेक्टर हैं, लेकिन इससे पहले Barmer में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कई ऐसे अभियान चलाए जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया। विशेष रूप से उनका ‘नवो बाड़मेर’ अभियान काफी चर्चित रहा। इस अभियान के तहत उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था, ड्रेनेज सिस्टम और सार्वजनिक सुविधाओं को सुधारने के लिए स्वयं सड़कों पर उतरकर निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए और आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने का प्रयास किया।
‘नवो बाड़मेर’ अभियान के दौरान शहर की सड़कों, नालों और दीवारों की स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। प्रशासनिक सक्रियता और तेज फैसलों के कारण यह अभियान प्रदेश के साथ-साथ देशभर में चर्चा का विषय बना। लोगों ने इसे प्रशासन और जनभागीदारी का प्रभावी मॉडल बताया। इस पहल के लिए टीना डाबी को सम्मानित भी किया गया था।
इसके अलावा बाड़मेर में जल संरक्षण को लेकर चलाया गया उनका अभियान भी काफी सफल माना गया। राजस्थान जैसे जल संकट वाले राज्य में पानी बचाने और जल संचय को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने कई योजनाएं शुरू कीं। प्रशासन और ग्रामीणों की साझेदारी से जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम हुआ। इसी प्रयास के कारण बाड़मेर जिले को जल संचय जनभागीदारी श्रेणी में पहला पुरस्कार प्राप्त हुआ। इस उपलब्धि ने राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान को नई पहचान दिलाई।
टीना डाबी के कार्यों की चर्चा दिल्ली तक पहुंची थी। जल संरक्षण और जनभागीदारी मॉडल के लिए उन्हें राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2025 में सम्मानित किया गया। यह सम्मान राष्ट्रपति Droupadi Murmu द्वारा प्रदान किया गया था। इस दौरान उन्हें दो करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि भी दी गई थी। प्रशासनिक क्षेत्र में यह उपलब्धि उनके करियर की बड़ी सफलताओं में गिनी जाती है।
टीना डाबी लंबे समय से युवाओं के बीच प्रेरणा का स्रोत रही हैं। वे वर्ष 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और उन्होंने यूपीएससी 2015 परीक्षा में पहली ही कोशिश में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की थी। उनकी सफलता ने देशभर के युवाओं, विशेष रूप से लड़कियों के बीच नई प्रेरणा पैदा की थी। दिल्ली के प्रतिष्ठित Lady Shri Ram College से स्नातक करने वाली टीना डाबी ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर प्रशासनिक सेवा में पहचान बनाई।
राजस्थान में उनकी कार्यशैली को लेकर हमेशा चर्चा होती रही है। वे आम जनता के बीच जाकर समस्याएं सुनने और फील्ड विजिट करने के लिए जानी जाती हैं। प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ संवेदनशील रवैये के कारण भी उन्हें लोगों का समर्थन मिलता रहा है। सोशल मीडिया पर भी उनके अभियानों और कामकाज की अक्सर चर्चा होती रहती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आज प्रशासनिक सेवाओं में केवल दफ्तरों तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। जनता से जुड़ाव, पारदर्शिता और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही किसी अधिकारी की असली पहचान बनता है। टीना डाबी का नाम इस सूची में शामिल होना इसी बात का उदाहरण माना जा रहा है। राजस्थान के छह अधिकारियों का देश की टॉप 100 जिलाधिकारियों की सूची में स्थान बनाना राज्य के प्रशासनिक ढांचे के लिए भी गौरव की बात माना जा रहा है।
टीना डाबी की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की सफलता है, बल्कि यह उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है जो प्रशासनिक सेवाओं में जाकर समाज में बदलाव लाने का सपना देखते हैं। लगातार सक्रियता, नवाचार और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता ने उन्हें देश के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों में शामिल कर दिया है।


