अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सोमवार को अपनी पत्नी Janet D. Rubio के साथ राजस्थान की राजधानी Jaipur के विश्वप्रसिद्ध Amer Fort का दौरा किया। उनके इस दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारियां की थीं। अमेरिकी विदेश मंत्री के आगमन को देखते हुए आमेर महल परिसर में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई और पर्यटकों की आवाजाही को भी कुछ समय के लिए प्रतिबंधित रखा गया।
मार्को रूबियो दोपहर में विशेष विमान से आगरा से जयपुर पहुंचे। जयपुर एयरपोर्ट पर उनके स्वागत की औपचारिकताएं पूरी की गईं। विमान से उतरने के बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए “हैव फन” कहकर अपनी सहजता का परिचय दिया। उनके साथ अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद थे। एयरपोर्ट से आमेर महल तक उनकी यात्रा के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। वीवीआईपी मूवमेंट के कारण एयरपोर्ट से आमेर तक लगभग 19 किलोमीटर लंबे मार्ग पर यातायात को अस्थायी रूप से नियंत्रित किया गया। जेएलएन मार्ग सहित कई प्रमुख सड़कों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई ताकि उनका काफिला बिना किसी व्यवधान के अपने गंतव्य तक पहुंच सके।
आमेर महल पहुंचने पर अमेरिकी विदेश मंत्री और उनकी पत्नी का पारंपरिक राजस्थानी शैली में स्वागत किया गया। ऐतिहासिक जलेब चौक में लोक कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। राजस्थान की प्रसिद्ध घूमर, कालबेलिया और कच्छी घोड़ी नृत्य प्रस्तुतियों ने अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे कलाकारों ने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की। विदेशी मेहमानों के लिए यह अनुभव खास रहा और उन्होंने राजस्थानी लोक संस्कृति को करीब से देखा।
आमेर महल के भ्रमण के दौरान उन्हें महल की स्थापत्य कला, इतिहास और सांस्कृतिक महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अनुभवी गाइड महेश कुमार शर्मा ने उन्हें महल के प्रमुख हिस्सों का भ्रमण कराया। इस दौरान उन्होंने शीश महल, गणेश पोल, दीवाने आम, दीवाने खास, सुख निवास और मावठा झील के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। आमेर महल की भव्य वास्तुकला और इसके ऐतिहासिक महत्व ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को प्रभावित किया।
भ्रमण के दौरान मार्को रूबियो ने विशेष रूप से महल की स्थापत्य शैली में दिखाई देने वाले विभिन्न सांस्कृतिक प्रभावों में रुचि दिखाई। गाइड के अनुसार, वे आमेर महल में दिखाई देने वाले ब्रिटिश प्रभाव के बारे में जानकर कुछ आश्चर्यचकित नजर आए। महल के इतिहास और इसके विभिन्न कालखंडों में हुए विकास की जानकारी उन्होंने ध्यानपूर्वक सुनी। आमेर महल की भव्यता, इसकी कलात्मक नक्काशी और शाही वैभव को देखकर उन्होंने इसे “इन्क्रेडिबल पैलेस” बताया। यह टिप्पणी उनके इस ऐतिहासिक धरोहर के प्रति प्रभावित होने को दर्शाती है।
हालांकि उनका आमेर महल दौरा अपेक्षाकृत संक्षिप्त रहा और करीब 20 मिनट तक चला, लेकिन इस दौरान उन्होंने महल के प्रमुख आकर्षणों को करीब से देखा। सुरक्षा कारणों और व्यस्त कार्यक्रम के चलते उनका दौरा सीमित समय का था, फिर भी उन्होंने राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक विरासत में गहरी रुचि दिखाई। उनके कार्यक्रम में प्रारंभिक रूप से हाथी गांव का दौरा भी शामिल था, जहां विदेशी पर्यटकों को राजस्थान की पारंपरिक हाथी संरक्षण गतिविधियों और स्थानीय पर्यटन मॉडल के बारे में जानकारी दी जाती है। हालांकि बाद में सुरक्षा और समय संबंधी कारणों से इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया।
मार्को रूबियो की यात्रा के मद्देनजर आमेर महल को दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक आम पर्यटकों के लिए बंद रखा गया। इस दौरान केवल अधिकृत अधिकारियों, सुरक्षा कर्मियों और विशेष आमंत्रित लोगों को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति थी। इससे पहले ही प्रशासन ने पर्यटकों को वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में सूचित कर दिया था ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। सुरक्षा एजेंसियों ने महल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी थी।
आमेर महल के दौरे के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री अपनी पत्नी के साथ जयपुर के प्रतिष्ठित Rambagh Palace पहुंचे। यह होटल अपनी शाही विरासत और विश्वस्तरीय आतिथ्य सेवाओं के लिए प्रसिद्ध है। माना जाता है कि यहां उन्होंने कुछ समय विश्राम किया और अपने निर्धारित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
मार्को रूबियो का यह दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं था, बल्कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का भी अवसर बना। आमेर महल जैसे ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करने वाले विदेशी नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी राज्य के पर्यटन महत्व को और मजबूत करती है। इस यात्रा ने एक बार फिर साबित किया कि जयपुर और आमेर महल दुनिया भर के पर्यटकों और वैश्विक नेताओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। राजस्थान की मेहमाननवाजी, सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक धरोहर ने अमेरिकी विदेश मंत्री पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ा, जिसकी झलक उनके द्वारा आमेर महल को “इन्क्रेडिबल पैलेस” कहने में साफ दिखाई दी।


