जयपुर। राजस्थान में मौसम एक बार फिर तेजी से करवट लेने जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से कहीं हल्की बारिश तो कहीं बादलों की आवाजाही के कारण लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं दिखाई दे रही। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले 48 घंटों के भीतर प्रदेश में तापमान में हल्की गिरावट के बाद फिर से भीषण गर्मी का दौर शुरू हो सकता है। खासतौर पर पश्चिमी राजस्थान के जिलों में 16 मई से तीव्र हीटवेव चलने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार फिलहाल प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में गुरुवार 15 मई को शाम करीब सवा चार बजे विभाग ने अगले तीन घंटे के लिए यलो अलर्ट जारी किया। इस अलर्ट के तहत बीकानेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे धूलभरी आंधी जैसी स्थिति भी बन सकती है।
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार वर्तमान समय में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के आसपास मौसम प्रणाली सक्रिय है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में बना गहरा निम्न दबाव क्षेत्र भी मौसम में बदलाव का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। इसी प्रभाव के चलते राजस्थान के कुछ हिस्सों में बादल छाने, हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की गतिविधियां देखी जा रही हैं।
हालांकि मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव अस्थायी है और इसके बाद गर्मी फिर से अपना प्रचंड रूप दिखा सकती है। विभाग के अनुसार 15 से 17 मई के बीच बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर संभाग और भरतपुर संभाग के उत्तरी इलाकों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ तेज आंधी चलने की संभावना है। इस दौरान हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कई इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की भी संभावना जताई गई है, जिससे कुछ समय के लिए तापमान में गिरावट महसूस हो सकती है।
15 मई को भरतपुर, कोटा और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने के आसार हैं। वहीं बीकानेर संभाग में भी कहीं-कहीं बूंदाबांदी दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि 16 और 17 मई को भी भरतपुर और कोटा संभाग में हल्की बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं, लेकिन पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। मौसम साफ होते ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी राजस्थान में गर्म हवाओं का प्रभाव दोबारा तेज हो सकता है। जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना है। इन इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर जा सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को दिन के समय बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लगातार बढ़ते तापमान का असर जनजीवन के साथ-साथ बिजली और पानी की मांग पर भी दिखाई देने लगा है।
राजस्थान में मई का महीना हर साल गर्मी के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार मौसम के बदलते पैटर्न ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। एक ओर कहीं बारिश और आंधी जैसी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं तो दूसरी ओर कुछ ही घंटों बाद भीषण गर्मी की चेतावनी जारी की जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और वातावरण में बन रही नई मौसमी प्रणालियों के कारण इस तरह के उतार-चढ़ाव लगातार बढ़ रहे हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने के लिए कहा गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज गर्मी और लू के दौरान शरीर में पानी की कमी तेजी से हो सकती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
कृषि क्षेत्र पर भी मौसम के इस बदलाव का असर पड़ सकता है। जिन क्षेत्रों में तेज आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, वहां किसानों को फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने को कहा गया है। तेज हवाओं के कारण खड़ी फसलों और खुले में रखे सामान को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है।


