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राजस्थान में गर्मी का कहर, बाड़मेर बना देश का सबसे गर्म शहर

राजस्थान में गर्मी का कहर, बाड़मेर बना देश का सबसे गर्म शहर

राजस्थान में इस बार गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मई महीने के मध्य में ही प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। खासतौर पर पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। पाकिस्तान सीमा से सटे बाड़मेर जिले में भीषण गर्मी ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। यहां बीते 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 47.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन में देश का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। तेज धूप, गर्म हवाओं और लगातार बढ़ती लू के कारण आम लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

बाड़मेर में सुबह से ही सूरज की तपिश इतनी तेज महसूस की जा रही है कि दिन चढ़ने के साथ ही सड़कें लगभग सूनी दिखाई देने लगीं। दोपहर के समय बाजारों में भीड़ कम नजर आई और अधिकांश लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी राजस्थान में शुष्क हवाओं और रेगिस्तानी क्षेत्र के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। गर्म हवाओं का असर इतना अधिक है कि दिन के समय खुले स्थानों पर कुछ मिनट खड़ा रहना भी मुश्किल महसूस हो रहा है।

भीषण गर्मी का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशु-पक्षियों और जल स्रोतों पर भी इसका प्रभाव दिखाई देने लगा है। कई इलाकों में दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है। लोग सुबह और शाम के समय ही जरूरी काम निपटाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। चिकित्सकों का कहना है कि लगातार लू और अत्यधिक गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है।

राजस्थान के अन्य जिलों में भी तापमान लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। जैसलमेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, जोधपुर और चित्तौड़गढ़ जैसे जिलों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। इन जिलों में भी गर्म हवाओं का असर साफ दिखाई दे रहा है। तेज धूप के कारण दोपहर के समय सड़कें खाली नजर आ रही हैं और लोग छांव तथा ठंडे स्थानों का सहारा लेने को मजबूर हैं। कई शहरों में बिजली और पानी की मांग भी तेजी से बढ़ने लगी है। एयर कूलर, पंखे और एयर कंडीशनर लगातार चलने से बिजली खपत में इजाफा देखने को मिल रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी राजस्थान में रेतीली जमीन और कम नमी के कारण तापमान तेजी से बढ़ता है। इस बार गर्मी का प्रभाव सामान्य वर्षों की तुलना में अधिक दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में भी पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में लू का असर जारी रह सकता है। दिन के समय गर्म हवाएं लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप में लंबे समय तक रहने से बचने की अपील की है।

एक तरफ जहां पश्चिमी राजस्थान भीषण गर्मी से झुलस रहा है, वहीं दूसरी ओर राजधानी जयपुर और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ दिखाई दे रहा है। जयपुर में पिछले दो दिनों के दौरान तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है। सुबह और शाम के समय चलने वाली हल्की ठंडी हवाओं ने मौसम को अपेक्षाकृत सुहावना बना दिया है। मौसम विभाग ने जयपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताई है।

राजधानी में मौसम में आए बदलाव के कारण लोगों को तपती गर्मी से थोड़ी राहत महसूस हो रही है। कई इलाकों में बादल छाने और हवाएं चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पूर्वी राजस्थान में सक्रिय स्थानीय मौसमी तंत्र के कारण आंधी और हल्की बारिश की स्थिति बन रही है। इससे तापमान में अस्थायी गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि यह राहत सीमित समय के लिए ही रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में फिलहाल दो तरह के मौसम का प्रभाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी जिलों में जहां लू और भीषण गर्मी का असर बना हुआ है, वहीं पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत नरम है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी यह मिला-जुला मौसम बना रह सकता है। पश्चिमी सीमा से जुड़े जिलों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जबकि जयपुर समेत कुछ इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।

गर्मी के इस बढ़ते असर ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। स्कूलों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर दोपहर के समय गतिविधियां कम होती दिखाई दे रही हैं। किसान और मजदूर वर्ग भी सुबह जल्दी या शाम के समय काम करना ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। राजस्थान में इस बार गर्मी का प्रकोप जिस तरह बढ़ रहा है, उसने आने वाले दिनों को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

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