जयपुर के बीएम बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित असम राइफल्स की भूतपूर्व सैनिक रैली देश सेवा, सैन्य परंपराओं और पूर्व सैनिकों के सम्मान का एक भावनात्मक और प्रेरणादायक आयोजन बनकर सामने आई। इस कार्यक्रम में राजस्थान, हरियाणा और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां, शहीद परिवारों के सदस्य और उनके परिजन शामिल हुए। रैली की अध्यक्षता असम राइफल्स के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल जय सिंह बैंसला ने की। कार्यक्रम के दौरान पूर्व सैनिकों की समस्याओं, उनके कल्याण और राष्ट्र सेवा में उनके योगदान को केंद्र में रखा गया।
अपने संबोधन में मेजर जनरल जय सिंह बैंसला ने कहा कि असम राइफल्स केवल देश की सुरक्षा करने वाला बल नहीं है, बल्कि यह पूर्वोत्तर भारत के लोगों के साथ गहरे भावनात्मक रिश्ते का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि असम राइफल्स के जवान सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ मानवता की सेवा में भी हमेशा आगे रहते हैं। रक्तदान शिविरों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि असम राइफल्स के जवान जो रक्तदान करते हैं, वही रक्त जरूरतमंद लोगों की नसों में जीवन बनकर दौड़ता है। यह केवल सेवा नहीं बल्कि लोगों के साथ आत्मीय संबंध का प्रतीक है।
उन्होंने पूर्वोत्तर भारत के साथ असम राइफल्स के संबंधों को बेहद मजबूत बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र से संगठन को कोई अलग नहीं कर सकता। वहां के लोगों के साथ सेवा, विश्वास और समर्पण का जो रिश्ता वर्षों में बना है, वह बेहद गहरा और अटूट है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत का असम राइफल्स से बड़ा शुभचिंतक कोई नहीं हो सकता, क्योंकि यह बल वर्षों से वहां शांति, सुरक्षा और विकास के लिए कार्य करता आया है।
कार्यक्रम के दौरान मेजर जनरल बैंसला ने असम राइफल्स की गौरवशाली विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि असम राइफल्स देश का सबसे पुराना अर्धसैनिक बल है, जिसे पूर्वोत्तर का प्रहरी कहा जाता है। इसकी कई पीढ़ियां राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्तमान और पूर्व सैनिक को इस बात पर गर्व होना चाहिए कि उनके पूर्वजों ने देश की एकता, अखंडता और शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके त्याग और अनुशासन की वजह से ही देश सुरक्षित और मजबूत बना हुआ है।
पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण को लेकर भी कार्यक्रम में गंभीर चर्चा हुई। मेजर जनरल बैंसला ने कहा कि असम राइफल्स अपने पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और आश्रित परिवारों के साथ हर परिस्थिति में खड़ी है। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व सैनिकों की विभिन्न मांगों और समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार के मुख्य सचिव को पत्र भी लिखा गया है, ताकि संबंधित मुद्दों का शीघ्र निस्तारण हो सके।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब देखने को मिला जब राष्ट्र सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले छह वीरता पुरस्कार विजेताओं और आठ वीर नारियों को सम्मानित किया गया। मंच पर सम्मान प्राप्त करते समय कई वीर नारियां भावुक नजर आईं। उपस्थित लोगों ने तालियों की गूंज के साथ उनके साहस, त्याग और बलिदान को नमन किया। यह दृश्य कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों के लिए गर्व और सम्मान का क्षण बन गया।
रैली के दौरान पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए विशेष हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए। इन डेस्क पर पेंशन संबंधी समस्याओं, ईसीएचएस सुविधाओं, दस्तावेज सहायता, शिकायत निवारण और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई। चिकित्सा परामर्श की सुविधाएं भी मौजूद थीं, ताकि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी सहायता मिल सके। इस पहल को पूर्व सैनिकों ने काफी सराहा।
असम राइफल्स की ओर से बताया गया कि यह आयोजन संगठन के निरंतर चल रहे आउटरीच कार्यक्रम का हिस्सा है। इस अभियान के तहत पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, विधवाओं और आश्रित परिवारों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझा जा रहा है और उनके समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक इस पहल के तहत 17 राज्यों के 44 स्थानों पर पहुंचकर लगभग 8,992 पूर्व सैनिकों और आश्रितों से संवाद किया जा चुका है। इसके अलावा 66 शैय्याग्रस्त पूर्व सैनिकों और उनके निकटतम परिजनों से व्यक्तिगत मुलाकात कर उन्हें सहायता भी प्रदान की गई है।
यह कार्यक्रम पूर्व सैनिकों और वर्तमान जवानों के बीच संवाद का मजबूत मंच भी बना। पूर्व सैनिकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को सेना और अर्धसैनिक बलों में शामिल होकर देश सेवा के लिए प्रेरित किया। समारोह में सैन्य अनुशासन, परंपराओं और राष्ट्रभक्ति की स्पष्ट झलक दिखाई दी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने देश की सुरक्षा में सैनिकों की भूमिका को सम्मानपूर्वक याद किया।
इस अवसर पर ऋतु बैंसला ने भी वीर नारियों और पूर्व सैनिक परिवारों के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि संगठन सैनिक परिवारों के कल्याण और सम्मान के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, लेकिन यह आयोजन उपस्थित लोगों के मन में देशभक्ति, सम्मान और सेवा का गहरा संदेश छोड़ गया।


