अजमेर में निवेश और संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) ने शहर और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित कुल 184 भूखंडों की ई-नीलामी करने का निर्णय लिया है। इन भूखंडों में आवासीय, व्यावसायिक, वेयरहाउस, फार्म हाउस और रिसोर्ट श्रेणी के प्लॉट शामिल हैं। एडीए द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार यह ई-नीलामी 13 मई 2026 से शुरू होकर 16 जुलाई 2026 तक आयोजित की जाएगी। प्राधिकरण का उद्देश्य शहर में नियोजित विकास को बढ़ावा देना और लोगों को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से भूखंड उपलब्ध कराना है।
अजमेर विकास प्राधिकरण ने नीलामी प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा है ताकि अधिक से अधिक लोग आसानी से भाग ले सकें। इसके लिए अमानत राशि जमा कराने और ऑनलाइन बोली लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक आवेदकों को निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा और संबंधित भूखंड के लिए तय अमानत राशि जमा करनी होगी। इसके बाद ही वे ई-नीलामी प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।
प्राधिकरण ने सफल बोलीदाताओं को भुगतान में राहत देते हुए नीलामी राशि का पूर्ण भुगतान करने के लिए 180 दिनों का समय दिया है। इसके अलावा जो आवेदक 15 दिनों के भीतर पूरी राशि जमा कर देंगे, उन्हें 2 प्रतिशत की विशेष छूट भी प्रदान की जाएगी। माना जा रहा है कि यह सुविधा निवेशकों और आम लोगों को आकर्षित करने के लिए दी गई है, ताकि वे कम समय में भुगतान कर आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकें।
इस बार की ई-नीलामी में शहर की कई प्रमुख योजनाओं और विकसित हो रहे क्षेत्रों के भूखंड शामिल किए गए हैं। दीन दयाल उपाध्याय पुरम के ई-ब्लॉक में आवासीय भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं कोटड़ा आवासीय योजना में भी प्लॉट नीलामी के लिए रखे गए हैं। पृथ्वीराज नगर आवासीय योजना और कम्यूनिटी सेंटर क्षेत्र में भी कई भूखंडों की नीलामी की जाएगी। इन क्षेत्रों को शहर के तेजी से विकसित हो रहे हिस्सों में माना जाता है, जहां भविष्य में बेहतर आवासीय और व्यावसायिक संभावनाएं देखी जा रही हैं।
व्यावसायिक निवेशकों के लिए भी इस नीलामी में कई महत्वपूर्ण विकल्प शामिल किए गए हैं। ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में शॉप, शो-रूम, रिपेयर शॉप और अन्य व्यावसायिक भूखंडों की नीलामी की जाएगी। इसके अलावा दौराई व्यावसायिक योजना, जो ट्रांसपोर्ट नगर के सामने स्थित है, वहां भी बड़ी संख्या में भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे। शहर के व्यापारिक विस्तार को देखते हुए इन क्षेत्रों में निवेश को लाभदायक माना जा रहा है।
वेयरहाउस और गोदाम क्षेत्र में भी निवेश की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए नारेली स्थित वेयरहाउस एवं गोडाउन योजना में भूखंड शामिल किया गया है। औद्योगिक और लॉजिस्टिक गतिविधियों में लगातार बढ़ोतरी के कारण इस प्रकार के भूखंडों की मांग में तेजी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में वेयरहाउस और स्टोरेज सेक्टर में निवेश करने वालों के लिए यह अवसर फायदेमंद साबित हो सकता है।
पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े निवेशकों के लिए भी एडीए ने विशेष योजनाएं शामिल की हैं। होकरा स्थित रिसोर्ट योजना फेज-1 और पुष्कर वेडिंग डेस्टिनेशन योजना में रिसोर्ट और पर्यटन गतिविधियों के लिए भूखंड नीलामी में रखे गए हैं। पुष्कर क्षेत्र में लगातार बढ़ते पर्यटन और डेस्टिनेशन वेडिंग ट्रेंड को देखते हुए इन योजनाओं में निवेश की अच्छी संभावनाएं मानी जा रही हैं।
इसके अलावा सूरजकुंड क्षेत्र में फार्म हाउस, इकोलॉजिकल हाउस और रिसोर्ट योजना के तहत भी भूखंडों की नीलामी की जाएगी। प्राकृतिक वातावरण और शहर से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण इस क्षेत्र में फार्म हाउस और रिसोर्ट परियोजनाओं के लिए निवेशकों की रुचि बढ़ रही है। ब्रह्मा एन्क्लेव कानस पुष्कर योजना में भी भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र में निवेश करने वालों को अवसर मिलेगा।
अजमेर विकास प्राधिकरण का कहना है कि पूरी नीलामी प्रक्रिया पारदर्शी और ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाएगी। इससे बोलीदाताओं को निष्पक्ष अवसर मिलेगा और प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी। प्राधिकरण द्वारा शहर के अलग-अलग हिस्सों में योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य किए जा रहे हैं और इसी क्रम में इन भूखंडों की ई-नीलामी आयोजित की जा रही है।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार अजमेर में लगातार बढ़ रहे शहरी विस्तार, पर्यटन गतिविधियों और व्यापारिक संभावनाओं के कारण संपत्ति बाजार में निवेश की संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं। खासतौर पर पुष्कर, ट्रांसपोर्ट नगर, पृथ्वीराज नगर और सूरजकुंड जैसे क्षेत्रों में आने वाले समय में जमीन की कीमतों में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में एडीए की यह ई-नीलामी निवेशकों और आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।
प्राधिकरण ने भूखंडों से संबंधित विस्तृत जानकारी और नीलामी प्रक्रिया के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। इच्छुक लोग निर्धारित नंबर पर संपर्क कर भूखंडों की स्थिति, आरक्षित मूल्य, भुगतान प्रक्रिया और अन्य शर्तों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एडीए को उम्मीद है कि इस ई-नीलामी के जरिए शहर के विकास को गति मिलेगी और लोगों को योजनाबद्ध एवं सुविधाजनक भूखंड उपलब्ध हो सकेंगे।


