राजस्थान सरकार के जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत हाल ही में उदयपुर दौरे पर रहे, जहां उन्होंने सर्किट हाउस में मीडिया से विस्तार से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों, विकास कार्यों और विपक्ष की भूमिका पर खुलकर अपने विचार रखे। मंत्री रावत ने खासतौर पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष तथ्यों के बजाय भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहा है, जो लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर तीखा हमला बोला। रावत ने कहा कि डोटासरा बिना तथ्यों के बयानबाजी करते हैं और जनता को गुमराह करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जिम्मेदार पद पर बैठे नेताओं को अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए, क्योंकि उनके बयान का सीधा असर आमजन पर पड़ता है।
रावत ने राज्य सरकार के कामकाज का बचाव करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार पूरी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ नहीं, बल्कि आम जनता और किसानों के हितों को प्राथमिकता देना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार किसी प्रकार के दबाव में काम नहीं करती और हर निर्णय जनहित को ध्यान में रखकर लिया जाता है।
अपने उदयपुर दौरे के दौरान मंत्री रावत ने जल संसाधन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण परियोजना का भी उल्लेख किया, जिसे राज्य के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि जाखम बांध से जयसमंद झील, बड़गांव डेम और मातृकुंडिया डेम के रास्ते मेजा बांध (भीलवाड़ा) तक पानी डायवर्जन की पुरानी मांग पर अब सरकार ने ठोस कदम उठाया है। इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार करने हेतु लगभग 12.5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
रावत के अनुसार, यह परियोजना न केवल सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाएगी बल्कि पेयजल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों को भी राहत प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि इस योजना की अनुमानित लागत करीब 10 हजार करोड़ रुपये है और इसकी डीपीआर तैयार कर केंद्रीय जल आयोग को भेजी जा रही है। आयोग से मंजूरी मिलने के बाद इस पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से दक्षिणी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में जल प्रबंधन की स्थिति में बड़ा सुधार होगा। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या भी काफी हद तक कम हो सकेगी।
राजनीतिक मुद्दों पर बात करते हुए मंत्री रावत ने हाल ही में हुए पांच राज्यों के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की जीत को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को दिया। रावत ने कहा कि इन चुनाव परिणामों ने यह साबित कर दिया है कि देश की जनता भाजपा की नीतियों और नेतृत्व पर भरोसा करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस जीत का सकारात्मक प्रभाव राजस्थान में भी देखने को मिल रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और वे आगामी समय में और अधिक मेहनत के साथ जनता के बीच जाकर सरकार की योजनाओं को पहुंचाने का काम करेंगे।
विपक्ष को सलाह देते हुए रावत ने कहा कि लोकतंत्र में स्वस्थ आलोचना जरूरी है, लेकिन तथ्यों के आधार पर। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे नकारात्मक राजनीति से हटकर रचनात्मक भूमिका निभाएं और राज्य के विकास में सहयोग करें।
उदयपुर दौरे के दौरान मंत्री रावत का यह बयान साफ संकेत देता है कि राज्य सरकार जहां एक ओर विकास परियोजनाओं को गति देने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक स्तर पर भी अपनी स्थिति को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। जल परियोजनाओं पर फोकस और विपक्ष पर आक्रामक रुख, दोनों ही पहलू इस दौरे में स्पष्ट रूप से सामने आए।


