लेकसिटी उदयपुर के प्रसिद्ध स्वर्ण शिल्पकार डॉ. इकबाल सक्का ने एक बार फिर अपनी अद्वितीय कला और सूक्ष्म शिल्पकौशल से देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने विश्व शांति और भाईचारे का संदेश देने के उद्देश्य से चांदी के 195 तिरंगे झंडे तैयार कर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। इस उपलब्धि की सबसे विशेष बात यह रही कि उन्होंने यह सभी झंडे मात्र 195 मिनट के भीतर तैयार कर दिए, जो उनकी असाधारण दक्षता और वर्षों के अनुभव का उत्कृष्ट प्रमाण है।
डॉ. सक्का की इस अनूठी उपलब्धि को रिपब्लिक बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। उन्हें एक साथ 195 रिकॉर्ड स्थापित करने वाले पहले कलाकार के रूप में मान्यता मिली है। यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उदयपुर की समृद्ध शिल्प परंपरा और भारत की कलात्मक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाली है। उनकी यह सफलता यह भी दर्शाती है कि भारतीय कारीगरों में आज भी विश्वस्तरीय प्रतिभा मौजूद है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अद्भुत कार्य कर सकती है।
इस उपलब्धि के पीछे केवल कला का प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि एक गहरा संदेश भी निहित है। डॉ. इकबाल सक्का ने बताया कि उन्होंने 195 तिरंगे झंडों का निर्माण दुनिया के 195 देशों को ध्यान में रखते हुए किया है, ताकि वैश्विक स्तर पर शांति और भाईचारे का संदेश पहुंचाया जा सके। वर्तमान समय में जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई क्षेत्रों में तनाव की स्थिति बनी हुई है, तब इस तरह की पहल एक सकारात्मक संदेश देने का कार्य करती है। विशेष रूप से इजरायल, अमेरिका और ईरान जैसे देशों के बीच चल रहे तनावपूर्ण हालात के बीच उन्होंने भारत की ओर से शांति का संदेश देने की कोशिश की है।
डॉ. सक्का ने इस पहल को और प्रभावी बनाने के लिए देश के शीर्ष नेतृत्व से भी संवाद स्थापित किया है। उन्होंने नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति और अमित शाह को पत्र लिखकर अपील की है कि भारत को वैश्विक मंच पर शांति स्थापना के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने आग्रह किया है कि भारत इन देशों के बीच संवाद और युद्ध विराम की दिशा में पहल करे, ताकि विश्व में स्थिरता और शांति कायम हो सके। उनकी यह सोच यह दर्शाती है कि एक कलाकार भी समाज और विश्व के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझता है और अपने स्तर पर सकारात्मक योगदान देने का प्रयास करता है।
डॉ. इकबाल सक्का की इस उपलब्धि पर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें बधाई दी है। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ और आचार्य डॉ. मुकेश शर्मा ने इस उपलब्धि को पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल न केवल कला को नई पहचान देती है, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देती है। उनका मानना है कि इस प्रकार के प्रयास युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकते हैं और उन्हें अपनी प्रतिभा को समाज के हित में उपयोग करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
गौरतलब है कि डॉ. इकबाल सक्का इससे पहले भी 200 से अधिक विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। उनकी कला की विशेषता यह है कि वे अत्यंत सूक्ष्म और बारीक कारीगरी में माहिर हैं। उनकी बनाई गई सोने की अत्यंत छोटी चेन, जिसे देखने के लिए लेंस की आवश्यकता होती है, पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुकी है। इस प्रकार की कृतियां यह दर्शाती हैं कि वे केवल एक कारीगर नहीं, बल्कि एक सृजनशील कलाकार हैं, जो अपनी कला के माध्यम से नए आयाम स्थापित करते रहते हैं।
उनकी यह नई उपलब्धि कला, देशभक्ति और वैश्विक शांति का एक अनूठा संगम प्रस्तुत करती है। यह केवल एक रिकॉर्ड बनाने की घटना नहीं है, बल्कि यह एक संदेश है कि कला के माध्यम से भी दुनिया को बेहतर बनाने की दिशा में योगदान दिया जा सकता है। आज जब दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे में इस तरह की सकारात्मक पहलें लोगों को एकजुट करने और शांति की दिशा में सोचने के लिए प्रेरित करती हैं।


