राजस्थान में अप्रैल की तेज गर्मी और लू के लंबे दौर के बाद अब मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मई की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में राहत भरे बदलाव देखने को मिल रहे हैं, जहां झुलसाने वाली गर्मी के बीच अब बारिश और आंधी का असर दिखाई देने लगा है। India Meteorological Department के जयपुर केंद्र ने ताजा अपडेट जारी करते हुए राज्य के कई जिलों में मेघगर्जन, तेज हवाओं और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित किया है। इस चेतावनी के बाद प्रदेश में मौसम को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
राजधानी Jaipur में शनिवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं और कई इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। तेज हवाओं के साथ हुई इस बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले घंटों में परिस्थितियां और अधिक तीव्र हो सकती हैं। खासतौर पर जिन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, वहां तेज आंधी, भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस बदलाव के पीछे तीन प्रमुख मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इनमें बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं, स्थानीय हीटिंग और पश्चिमी विक्षोभ शामिल हैं। इन तीनों के संयुक्त प्रभाव से वातावरण में अस्थिरता बढ़ी है, जिसके कारण अचानक मौसम में परिवर्तन हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसी वजह से अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
जयपुर के अलावा सीकर, टोंक, दौसा और झुंझुनूं जैसे जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, ओलावृष्टि और भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, अलवर, चूरू, हनुमानगढ़ और कोटपूतली-बहरोड़ जैसे जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक Radheshyam Sharma के अनुसार, इस साल मई के महीने में सामान्य से अधिक आंधी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। उनका कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने के कारण तापमान में हल्की गिरावट बनी रहेगी और यह सामान्य से एक से दो डिग्री तक कम रह सकता है। यह स्थिति प्रदेशवासियों के लिए राहत भरी साबित हो सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां अप्रैल में तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंच गया था।
मई महीने के पूरे पूर्वानुमान पर नजर डालें तो शुरुआत के सप्ताह में तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है और इस दौरान आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। हालांकि महीने के दूसरे सप्ताह में तापमान धीरे-धीरे बढ़कर 39 से 42 डिग्री तक पहुंच सकता है, जहां सुबह तेज धूप रहेगी, लेकिन दोपहर बाद मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। तीसरे सप्ताह में गर्मी का असर फिर से बढ़ने लगेगा और तापमान 40 से 43 डिग्री तक जा सकता है। महीने के अंतिम सप्ताह में गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है, जहां तापमान 41 से 44 डिग्री तक रहने की संभावना जताई गई है और रात के समय भी गर्मी का असर महसूस किया जा सकता है।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो पश्चिमी राजस्थान का Barmer जिला 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सबसे गर्म स्थान बना हुआ है। हालांकि, आने वाले दिनों में बारिश और आंधी के कारण तापमान में कुछ गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे लू के प्रभाव में कमी आ सकती है।
मौसम विभाग ने इस बदलते मौसम को देखते हुए लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। विभाग ने सलाह दी है कि मेघगर्जन के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों, क्योंकि इससे बिजली गिरने का खतरा हो सकता है। इसके अलावा, घरों में बिजली के उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें अनप्लग करने की भी सलाह दी गई है। किसानों को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। उन्हें अपनी कटी हुई फसल और खलिहानों को सुरक्षित ढककर रखने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, राजस्थान में मौसम का यह बदलाव जहां एक ओर गर्मी से राहत लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण सावधानी बरतना भी जरूरी हो गया है। आने वाले दिनों में मौसम के इस उतार-चढ़ाव का प्रभाव प्रदेश के जनजीवन और कृषि दोनों पर देखने को मिल सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहते हुए मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए।


