राजस्थान में 3 मई को आयोजित होने वाली NEET UG परीक्षा को लेकर प्रशासन और रेलवे ने व्यापक तैयारियां की हैं, ताकि लाखों परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसी क्रम में उत्तर-पश्चिम रेलवे ने विशेष पहल करते हुए परीक्षार्थियों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए दो अनारक्षित स्पेशल ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। यह कदम खासतौर पर उन छात्रों के लिए राहत भरा साबित होगा, जिन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में लंबी दूरी तय करनी होती है।
जयपुर मंडल की सीनियर डीसीएम पूजा मित्तल के अनुसार, परीक्षा के दिन यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त व्यवस्था की है। इस व्यवस्था के तहत जयपुर-अलवर और चूरू-जयपुर रूट पर एक-एक ट्रिप की स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थी समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें और यात्रा के दौरान किसी प्रकार की भीड़भाड़ या परेशानी का सामना न करें।
चूरू से जयपुर के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन 3 मई की सुबह संचालित होगी। यह ट्रेन सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर चूरू जंक्शन से रवाना होकर विभिन्न स्टेशनों से होते हुए करीब 11 बजे जयपुर पहुंचेगी। इस रूट में बिसाऊ, रामगढ़ शेखावाटी, फतेहपुर शेखावाटी, लक्ष्मणगढ़, पलसाना, रींगस, गोविंदगढ़ मलिकपुर, चौमूं सामोद और ढेहर का बालाजी जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। इस मार्ग पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी रहते हैं, इसलिए यह ट्रेन उनके लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी।
इसी तरह जयपुर से अलवर के बीच शाम के समय एक और स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। यह ट्रेन शाम 7 बजकर 10 मिनट पर जयपुर जंक्शन से रवाना होकर रात 10 बजकर 55 मिनट पर अलवर पहुंचेगी। इस ट्रेन का रूट भी महत्वपूर्ण स्टेशनों को कवर करता है, जिनमें गांधीनगर जयपुर, गैटोर जगतपुरा, खातीपुरा, बस्सी, दौसा, बांदीकुई, बसवा, राजगढ़ और मालाखेड़ा शामिल हैं। इस व्यवस्था से परीक्षा के बाद घर लौटने वाले विद्यार्थियों को काफी राहत मिलेगी।
रेलवे प्रशासन ने इन दोनों स्पेशल ट्रेनों में पर्याप्त कोच लगाने का भी निर्णय लिया है। प्रत्येक ट्रेन में कुल 12 डिब्बे लगाए जाएंगे, जिनमें 10 सामान्य श्रेणी के कोच और 2 गार्ड डिब्बे शामिल होंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक यात्रियों को समायोजित करना और भीड़भाड़ को नियंत्रित करना है। अनारक्षित श्रेणी की ये ट्रेनें विशेष रूप से उन छात्रों के लिए उपयोगी होंगी, जो कम समय में यात्रा की योजना बनाते हैं और आरक्षण की प्रक्रिया से बचना चाहते हैं।
राज्य में इस बार नीट परीक्षा के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की गई है। कुल 27 जिलों में 611 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 2.09 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। जयपुर, सीकर और कोटा इस बार भी प्रमुख परीक्षा केंद्र के रूप में उभरे हैं। इनमें से जयपुर में सबसे अधिक 106 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो इसे राज्य का सबसे बड़ा परीक्षा हब बनाता है।
परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी कड़े कदम उठाए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है और अभ्यर्थियों की एंट्री सख्त जांच के बाद ही सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या ब्लूटूथ डिवाइस को परीक्षा केंद्र में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। यह व्यवस्था परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए लागू की गई है।
इसके अलावा, बड़े शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था को भी विशेष रूप से व्यवस्थित किया गया है। परीक्षा के दिन ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा, ताकि परीक्षार्थियों को समय पर केंद्र तक पहुंचने में कोई बाधा न हो। परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ नियंत्रण और पार्किंग के लिए अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे परीक्षा शुरू होने से काफी पहले केंद्र पर पहुंच जाएं, ताकि जांच प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सके।
ड्रेस कोड और अन्य जरूरी दिशा-निर्देशों को लेकर भी स्पष्ट गाइडलाइन जारी की गई है। अभ्यर्थियों को हल्के और आरामदायक कपड़े पहनने की सलाह दी गई है, ताकि जांच प्रक्रिया में आसानी हो। धार्मिक मान्यताओं से जुड़े वस्त्रों को पहनने की अनुमति दी गई है, जबकि जरूरत पड़ने पर फुल स्लीव्स कपड़े पहनने की भी छूट है। फुटवियर के रूप में चप्पल या कम हील वाले सैंडल पहनने को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, पारदर्शी पानी की बोतल साथ ले जाने की अनुमति भी दी गई है।


