latest-newsजोधपुरराजनीतिराजस्थान

मानवेंद्र सिंह का बड़ा दावा, ‘तीसरी निगाह’ रख रही नजर

मानवेंद्र सिंह का बड़ा दावा, ‘तीसरी निगाह’ रख रही नजर

राजस्थान की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाले पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह जसोल ने अपनी सुरक्षा को लेकर एक गंभीर और चौंकाने वाला दावा किया है। शनिवार को जोधपुर सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों से उन पर “तीसरी निगाह” रखी जा रही है और एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन लगातार उनका पीछा करने की कोशिश कर रहा है। इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

मानवेंद्र सिंह ने बताया कि वे हाल ही में सर्किट हाउस पहुंचे थे, जहां उनकी मुलाकात राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास से शिष्टाचार के तौर पर हुई। इस मुलाकात के बाद जब उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की, तो उन्होंने अपनी सुरक्षा से जुड़े इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। उनका कहना था कि पिछले दो दिनों से उन्हें लगातार यह महसूस हो रहा है कि कोई उन पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने विशेष रूप से एक स्कॉर्पियो वाहन का जिक्र करते हुए कहा कि वह गाड़ी बार-बार उनके आसपास दिखाई दे रही है और उनका पीछा करने की कोशिश कर रही है।

पूर्व सांसद ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस और संबंधित उच्च अधिकारियों को दे दी है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें पहले भी सतर्क रहने की सलाह दी गई थी, लेकिन इस तरह की गतिविधियों के बाद उनकी चिंताएं और बढ़ गई हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि फिलहाल वे यह नहीं कह सकते कि उनके पीछे कौन लोग हैं या उनका उद्देश्य क्या है। इसके बावजूद उन्होंने प्रशासन से इस मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की है।

मानवेंद्र सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दे चर्चा में हैं। इसी दौरान उन्होंने पचपदरा रिफाइनरी में हुए हादसे को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही निकाला जा सकता है, लेकिन उन्हें यह नहीं लगता कि वहां इस्तेमाल किया गया स्टील घटिया गुणवत्ता का था। उन्होंने तर्क दिया कि जिस स्थान पर देश के प्रधानमंत्री का कार्यक्रम प्रस्तावित हो, वहां इतनी बड़ी लापरवाही होने की संभावना कम होती है।

इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान में लंबे समय से लंबित पंचायती राज चुनावों पर भी अपनी राय रखी। उनका कहना था कि चुनावों में देरी के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है और जब तक यह रिपोर्ट नहीं आती, तब तक चुनाव कराना संभव नहीं है। इस बयान के जरिए उन्होंने चुनावी देरी को एक प्रक्रियात्मक आवश्यकता बताया, न कि प्रशासनिक विफलता।

राजनीतिक मुद्दों के अलावा मानवेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनावों को लेकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने वहां काफी मेहनत की है और इसका परिणाम सकारात्मक रूप में सामने आ सकता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस की ओर से जो प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वे इस बात का संकेत हैं कि लोकतंत्र के लिए कुछ अच्छा होने वाला है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे इजराइल-ईरान संघर्ष के प्रभाव पर भी उन्होंने चिंता जताई। उनका कहना था कि इस तरह के युद्धों का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है और इसका सबसे बड़ा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। उन्होंने विशेष रूप से पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि युद्ध की स्थिति में महंगाई बढ़ना स्वाभाविक है, क्योंकि इससे आपूर्ति और मांग का संतुलन बिगड़ जाता है।

मानवेंद्र सिंह ने वैश्विक राजनीति में बढ़ती आक्रामकता को भी चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया में जिस तरह से “दादागिरी” का माहौल बन रहा है, वह आम लोगों के लिए नुकसानदायक है। उनका मानना है कि युद्ध और टकराव की स्थिति से केवल आर्थिक संकट ही नहीं बढ़ता, बल्कि इससे देशों के बजट और विकास योजनाएं भी प्रभावित होती हैं।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading