अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के असर से घरेलू बाजार में महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है और इसका ताजा उदाहरण राजस्थान में एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में आई भारी बढ़ोतरी के रूप में सामने आया है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, विशेष रूप से अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष की स्थिति ने ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर भारत के विभिन्न राज्यों सहित राजस्थान में भी देखने को मिल रहा है। इस स्थिति के चलते कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आमजन, व्यापारी और श्रमिक वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने लगा है।
राजस्थान में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल आया है। नई दरों के लागू होने के बाद अब 19 किलोग्राम का कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 2106 रुपए की जगह 3099 रुपए में उपलब्ध होगा। यानी एक ही झटके में कीमतों में 993 रुपए की बढ़ोतरी कर दी गई है। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों को प्रभावित करेगी, जहां गैस सिलेंडर का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है। ऐसे में इन व्यवसायों के लिए लागत बढ़ना तय है, जिसका असर अंततः आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा।
हालांकि इस बढ़ोतरी के बीच एक राहत भरी खबर यह है कि घरेलू उपयोग में आने वाले 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह सिलेंडर अभी भी 916.50 रुपए में उपलब्ध रहेगा। इससे आम घरेलू उपभोक्ताओं को कुछ हद तक राहत जरूर मिली है, लेकिन कॉमर्शियल गैस की बढ़ती कीमतों का अप्रत्यक्ष असर उनके दैनिक जीवन पर पड़ना तय माना जा रहा है।
इस मूल्य वृद्धि का सबसे अधिक असर उन श्रमिकों और निम्न आय वर्ग के लोगों पर पड़ने वाला है, जो पहले से ही महंगाई के दबाव में जीवन यापन कर रहे हैं। प्रदेश में दिहाड़ी मजदूरों और प्रवासी श्रमिकों को राहत देने के उद्देश्य से पहले 5 किलोग्राम के छोटे गैस सिलेंडर, जिन्हें एफटीएल (Free Trade LPG) कहा जाता है, पहचान पत्र के आधार पर उपलब्ध कराए जा रहे थे। इन छोटे सिलेंडरों की कीमत पहले 592 से 616 रुपए के बीच थी, लेकिन अब इन्हीं के लिए 833 से 857 रुपए तक चुकाने पड़ रहे हैं। इस प्रकार इस श्रेणी में भी कीमतों में भारी वृद्धि हुई है, जिससे लाखों श्रमिकों के सामने अतिरिक्त आर्थिक चुनौती खड़ी हो गई है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो यह स्पष्ट होता है कि साल 2026 के दौरान कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार वृद्धि होती रही है। वर्ष 2025 के अंत तक जहां यह सिलेंडर 1669 रुपए में उपलब्ध था, वहीं अब इसकी कीमत बढ़कर 3099 रुपए तक पहुंच गई है। यानी कुछ ही महीनों में लगभग 1490 रुपए की वृद्धि दर्ज की गई है। जनवरी में 111 रुपए, फरवरी में 49.50 रुपए, मार्च में 141.50 रुपए और अप्रैल में 195 रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी पहले ही की जा चुकी थी, जिसके बाद अब यह नई वृद्धि लागू की गई है।
व्यापारियों और उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी उनके लिए मजबूरी बन गई है। उनका तर्क है कि जब कच्चे माल और ईंधन की लागत बढ़ती है, तो उसे उपभोक्ताओं तक पहुंचाना अपरिहार्य हो जाता है। ऐसे में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य व्यवसायों में खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। इससे आम जनता के बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, क्योंकि भोजन और दैनिक उपयोग की वस्तुएं महंगी हो जाएंगी।
ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर अस्थिरता के कारण तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होती है, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव आता है। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने इस स्थिति को और जटिल बना दिया है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ रही हैं और इसका असर घरेलू बाजार में भी देखने को मिल रहा है।
कुल मिलाकर, राजस्थान में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आई यह भारी वृद्धि केवल एक आर्थिक घटना नहीं है, बल्कि इसका व्यापक सामाजिक और आर्थिक प्रभाव पड़ने वाला है। जहां एक ओर व्यापारियों के लिए लागत बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर श्रमिकों और आम नागरिकों के लिए जीवन यापन और अधिक महंगा हो जाएगा। आने वाले समय में यदि वैश्विक परिस्थितियां सामान्य नहीं होती हैं, तो इस तरह की मूल्य वृद्धि का सिलसिला जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में सरकार और नीति निर्माताओं के सामने यह चुनौती बनी रहेगी कि वे आमजन को राहत देने के लिए संतुलित कदम उठाएं।


