देश में प्री-मानसून सीजन की शुरुआत के साथ ही मौसम ने तेजी से करवट लेनी शुरू कर दी है। अप्रैल के अंतिम दिनों से ही कई राज्यों में तापमान में उतार-चढ़ाव और अचानक बारिश की गतिविधियों ने लोगों को राहत भी दी है और सतर्क भी किया है। मौसम के इस बदलते मिजाज के बीच India Meteorological Department ने आने वाले दिनों के लिए विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें 1 मई से 4 मई तक देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाएं और आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है।
पिछले वर्ष यानी 2025 का मानसून सीजन देश के लिए काफी अहम रहा था। उस दौरान अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई थी, जिसने जल स्तर को बेहतर बनाया और कृषि क्षेत्र को भी मजबूती दी। कई राज्यों में तो बारिश ने पुराने रिकॉर्ड तक तोड़ दिए थे। इसी सकारात्मक ट्रेंड को देखते हुए 2026 के मानसून को लेकर भी शुरुआती अनुमान उत्साहजनक माने जा रहे थे। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार अल-नीनो जैसी वैश्विक मौसमी घटना का असर भी देखने को मिल सकता है, जो बारिश के पैटर्न को प्रभावित कर सकती है।
फिलहाल देश में प्री-मानसून गतिविधियों ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। दक्षिण भारत के राज्य केरल में मौसम विभाग ने 1 से 4 मई के बीच भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान न केवल तेज बारिश होगी, बल्कि 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर धूल भरी आंधी चलने का भी अनुमान है। केरल में इस तरह की सक्रियता आमतौर पर मानसून के आगमन का संकेत मानी जाती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मौसम तेजी से बदलाव के दौर में है।
उत्तरी भारत के पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में भी मौसम का रुख बदलता नजर आएगा। यहां 1 से 4 मई के बीच तेज बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में कई इलाकों में बादल जमकर बरस सकते हैं। साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और आंधी-तूफान जैसी स्थिति बनने की आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह का मौसम भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकता है, इसलिए स्थानीय प्रशासन को अलर्ट रहने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने वाली हैं। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख समेत उत्तर भारत के बड़े हिस्से में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं दक्षिण भारत में कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड, मिजोरम और मणिपुर में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा और कई जगहों पर भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
पूर्वी और मध्य भारत भी इस बदलाव से अछूते नहीं रहेंगे। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके साथ ही अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में भी तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, कई क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है, जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है।
इस बदलते मौसम के बीच विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासतौर पर उन इलाकों में जहां तेज हवाएं, बिजली गिरने और आंधी-तूफान की संभावना है, वहां अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की जरूरत है, क्योंकि अचानक होने वाली बारिश और ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है।
कुल मिलाकर, देश में प्री-मानसून सीजन इस बार काफी सक्रिय नजर आ रहा है और आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं। जहां एक ओर यह बारिश गर्मी से राहत दिलाएगी, वहीं दूसरी ओर तेज हवाएं और आंधी-तूफान जैसी स्थितियां चुनौतियां भी खड़ी कर सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देते हुए सावधानी बरतनी होगी, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।


