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राजस्थान में भीषण गर्मी का कहर, 45 डिग्री के करीब पहुंचा पारा

राजस्थान में भीषण गर्मी का कहर, 45 डिग्री के करीब पहुंचा पारा

राजस्थान में इन दिनों भीषण गर्मी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और हालात ऐसे हो गए हैं कि दिन के समय बाहर निकलना भी चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है। बीते 24 घंटों के दौरान श्रीगंगानगर जिले ने पूरे देश में सबसे अधिक तापमान दर्ज कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यहां अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन की सबसे तीव्र गर्मी को दर्शाता है।

राजधानी जयपुर समेत राज्य के कई हिस्सों में पारा 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जबकि एक दर्जन से अधिक जिलों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिकॉर्ड किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी का यह दौर और तेज हो सकता है। अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों में तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि हो सकती है, जिससे हालात और अधिक कठिन हो सकते हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश के कई इलाकों में हीटवेव की चेतावनी जारी की है। विभाग के जयपुर केंद्र के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में पिछले कई दिनों से तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री अधिक बना हुआ है। आगामी दिनों में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है, जिससे गर्मी और अधिक तीखी हो सकती है। खासकर उत्तरी राजस्थान के इलाकों में हीटवेव का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।

गर्मी के बढ़ते प्रकोप का असर अब आम जीवन के हर क्षेत्र में नजर आने लगा है। शिक्षा व्यवस्था भी इससे अछूती नहीं रही है। तेज धूप और लू से बच्चों को बचाने के लिए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। जयपुर जिला प्रशासन ने भी इसी दिशा में कदम उठाते हुए 27 अप्रैल से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों का समय सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया है। इस निर्णय का उद्देश्य बच्चों को भीषण गर्मी के दुष्प्रभाव से बचाना है।

गर्मी का असर केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक गतिविधियों और पर्यटन पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ा है। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में कमी देखी जा रही है, क्योंकि अत्यधिक गर्मी के कारण लोग यात्रा करने से बच रहे हैं। वहीं, धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की संख्या में गिरावट आई है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।

इस भीषण गर्मी के बीच वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। जयपुर स्थित नाहरगढ़ जैविक उद्यान में वन विभाग ने जानवरों को गर्मी से राहत देने के लिए कई उपाय किए हैं। यहां विभिन्न स्थानों पर जंबो कूलर, स्प्रिंकलर और रेन गन लगाए गए हैं, ताकि जानवरों को ठंडक मिल सके।

उद्यान के वरिष्ठ वाइल्डलाइफ वेटरिनेरियन डॉ. अरविंद माथुर के अनुसार, गर्मी के इस दौर में जानवरों की विशेष देखभाल की जा रही है। बाघ, तेंदुए, शेर और भालू जैसे वन्यजीवों को नियमित रूप से नहलाया जा रहा है और उनके रहने के स्थानों पर बड़े कूलर लगाए गए हैं। इसके अलावा उनके खान-पान में भी बदलाव किया गया है, ताकि वे इस भीषण गर्मी का सामना बेहतर तरीके से कर सकें।

पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों, विशेष रूप से जोधपुर संभाग में तेज धूलभरी हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। ये हवाएं गर्मी को और अधिक असहनीय बना सकती हैं और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं। ऐसे में विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने, दोपहर के समय घरों में रहने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।

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