अजमेर के गेगल-रीको औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगों के सामने एक गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। यहां स्थित एग्जाम सेंटर में परीक्षाओं के दौरान लगाए जाने वाले जैमर से मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं बाधित हो रही हैं, जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र का कारोबार प्रभावित हो रहा है। उद्योगपतियों का कहना है कि संचार व्यवस्था ठप होने से उत्पादन, भुगतान, ऑनलाइन लेन-देन और दैनिक व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। लगातार बढ़ती इस परेशानी को लेकर व्यापारियों में भारी नाराजगी है।
व्यापारियों के अनुसार गेगल-रीको क्षेत्र में कई वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। उद्योग संचालकों का कहना है कि जिस दिन एग्जाम सेंटर पर परीक्षा आयोजित होती है, उस दिन जैमर चालू कर दिया जाता है। इसकी फ्रीक्वेंसी इतनी तेज होती है कि पूरे क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क कमजोर पड़ जाता है या पूरी तरह बंद हो जाता है। इंटरनेट सेवा भी बाधित हो जाती है, जिससे डिजिटल सिस्टम पर निर्भर उद्योगों का काम रुक जाता है।
Gegal RIICO Industrial Area अजमेर-जयपुर नेशनल हाईवे से सटा एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है। यहां कपड़ा उद्योग, मिनरल स्टोन प्रोसेसिंग, गैस प्लांट, ट्रांसफॉर्मर निर्माण, इंजीनियरिंग यूनिट्स, पीतल बुश निर्माण, पाइप निर्माण, बेकरी, डेयरी, बीज, प्लास्टिक कैप्सूल और धागा निर्माण सहित अनेक उद्योग संचालित हैं। इस क्षेत्र में 100 से अधिक व्यापारी सक्रिय हैं और लगभग 2 हजार मजदूरों को रोजगार मिलता है। व्यापारियों के अनुसार यहां हर महीने 100 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होता है।
उद्योगपतियों का कहना है कि जब नेटवर्क बंद होता है, तो ग्राहकों और सप्लायर्स से संपर्क टूट जाता है। बैंकिंग कार्य, जीएसटी बिलिंग, ऑनलाइन भुगतान, अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर और ईमेल आधारित संचार प्रभावित हो जाते हैं। कई उद्योग अब पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया पर काम करते हैं, ऐसे में कुछ घंटों के लिए भी इंटरनेट बंद होना बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचाता है। उनका कहना है कि इस समस्या के कारण कई बार ऑर्डर समय पर पूरे नहीं हो पाते और व्यापारिक साख भी प्रभावित होती है।
गेगल रीको इंडस्ट्रियल एरिया के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि जहां यह एग्जाम सेंटर संचालित हो रहा है, वहां इंडस्ट्रियल उपयोग के लिए भूमि आवंटित है, जबकि व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उनका कहना है कि यह नियमों के विपरीत है और इसकी शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों और रीको प्रशासन से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
RIICO प्रशासन के प्रति नाराजगी केवल जैमर की समस्या तक सीमित नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं होने से उद्योगों और मजदूरों दोनों को परेशानी झेलनी पड़ती है। यहां पानी की टंकियां बनी हुई हैं, लेकिन पर्याप्त कनेक्शन नहीं दिए गए। कई बार टंकियां खाली हो जाती हैं और उद्योगों को महंगे दामों पर टैंकर मंगवाने पड़ते हैं।
औद्योगिक क्षेत्र में खाली पड़ी जमीनों और मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण भी बड़ी समस्या बन चुका है। व्यापारियों के अनुसार कई स्थानों पर झुग्गी-झोपड़ियां बन गई हैं, जिससे क्षेत्र की व्यवस्था और स्वच्छता प्रभावित हो रही है। ग्रीन बेल्ट और पार्कों की स्थिति भी खराब बताई जा रही है। जहां हरियाली होनी चाहिए, वहां झाड़ियां और बबूल उग आए हैं। इससे क्षेत्र की छवि पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
व्यापारियों ने यह भी बताया कि Gegal RIICO Industrial Area में लगभग 30 प्रतिशत फैक्ट्रियां बंद पड़ी हैं। इसके पीछे प्रमुख कारण मजदूरों की कमी, आवागमन की असुविधा, मूलभूत सुविधाओं का अभाव और उत्पादन लागत बढ़ना बताया जा रहा है। कई उद्योग पर्याप्त श्रमिक नहीं मिलने के कारण क्षमता से कम उत्पादन कर रहे हैं, जबकि कुछ इकाइयां पूरी तरह बंद हो चुकी हैं।
क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था भी कमजोर है। हाईवे के पास होने के बावजूद यहां लोकल पब्लिक ट्रांसपोर्ट की समुचित सुविधा नहीं है। जो बसें चलती हैं, वे अधिकतर एक्सप्रेस सेवा की होती हैं और कई बार यहां नहीं रुकतीं। यदि रुकती भी हैं, तो यात्रियों से लंबी दूरी का किराया लिया जाता है। ऐसे में मजदूर यहां काम करने आने से बचते हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि यदि नियमित लोकल बस सेवा शुरू हो जाए, तो श्रमिकों की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
सड़क सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। व्यापारियों के अनुसार पहले औद्योगिक क्षेत्र के सामने कट था, जिसे लगातार हादसों के कारण बंद कर दिया गया। अब डिवाइडर बना दिया गया है, जिससे वाहनों को लंबा चक्कर लगाकर आना पड़ता है। पास की पुलिया भी छोटी बताई जा रही है, जिससे भारी वाहनों की आवाजाही में दिक्कत आती है और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
उद्योग जगत का कहना है कि अजमेर जिले के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्य हुए हैं, लेकिन गेगल क्षेत्र अपेक्षित ध्यान से वंचित रह गया है। यहां उद्योगों की बड़ी संभावनाएं हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में निवेश प्रभावित हो रहा है। यदि नेटवर्क समस्या, पानी, सड़क, अतिक्रमण और परिवहन जैसी चुनौतियों का समाधान किया जाए, तो यह क्षेत्र रोजगार और राजस्व दोनों के लिहाज से मजबूत केंद्र बन सकता है।
व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि परीक्षा केंद्र में लगाए जाने वाले जैमर की तकनीकी सीमा तय की जाए, ताकि औद्योगिक क्षेत्र का नेटवर्क प्रभावित न हो। साथ ही मूलभूत सुविधाओं के विकास और परिवहन व्यवस्था में सुधार के लिए जल्द कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि यदि समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो बंद फैक्ट्रियों की संख्या और बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।


