राजस्थान की राजनीति और विकास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घटना में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को पहली बार जोधपुर जिले के ओसियां विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया। उनका यह दौरा न केवल राजनीतिक दृष्टि से अहम रहा, बल्कि विकास योजनाओं के लिहाज से भी क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात लेकर आया। मुख्यमंत्री शाम करीब 4:16 बजे हेलीकॉप्टर से मांडीयाई हेलीपैड पर पहुंचे, जहां स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे सड़क मार्ग से सभा स्थल पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में लोग उनकी एक झलक पाने के लिए मौजूद थे।
सभा स्थल पर पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने संत समाज के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उन्हें प्रणाम किया और शॉल ओढ़ाकर उनका अभिनंदन किया। यह दृश्य स्थानीय परंपराओं और संस्कृति के प्रति सम्मान को दर्शाता है। कार्यक्रम में ओसियां के विधायक भैराराम सियोल ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने किसानों के प्रतीक के रूप में हल भेंट किया, जिससे क्षेत्र की कृषि प्रधान पहचान को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘ओसियां विकास दर्शन’ नामक पुस्तिका का विमोचन भी किया। इस पुस्तिका में पिछले दो वर्षों के दौरान विधानसभा क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है। यह दस्तावेज न केवल सरकार की उपलब्धियों को दर्शाता है, बल्कि भविष्य की योजनाओं की झलक भी देता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने तकनीक का उपयोग करते हुए रिमोट के माध्यम से कुल 41 विकास कार्यों का शिलान्यास और 70 कार्यों का लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 416 करोड़ रुपये बताई गई है। इन योजनाओं के जरिए क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, पेयजल व्यवस्था सुधारने और अन्य जनसुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि इन परियोजनाओं से ओसियां क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान होगा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राजनीतिक मुद्दों पर भी स्पष्ट रूप से अपनी बात रखी। विशेष रूप से रिफाइनरी परियोजना को लेकर उन्होंने विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह परियोजना राज्य की महत्वपूर्ण धरोहर है और देश की प्रमुख रिफाइनरियों में शामिल होगी, जिससे प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि रिफाइनरी से जुड़े मामलों में अनियमितताएं हुईं और जमीनों के आवंटन में भी गड़बड़ियां सामने आई थीं।
मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि प्रदेश में किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जल जीवन मिशन के तहत हो रही कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले सामने आए थे, लेकिन वर्तमान सरकार ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है और दोषियों को जेल भेजा जा रहा है।
किसानों से जुड़े मुद्दों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसानों के सम्मान और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने किसान सम्मान निधि योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है और भविष्य में इस राशि को बढ़ाकर 12,000 रुपये तक करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने और किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
युवा वर्ग को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया, लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ऐसी घटनाओं पर रोक लगी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी तैयारी जारी रखें और अवसरों का लाभ उठाएं। साथ ही उन्होंने ‘राइजिंग राजस्थान’ जैसे कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं के तहत युवाओं को बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।
कार्यक्रम के दौरान विधायक भैराराम सियोल ने भी अपने संबोधन में क्षेत्र की प्रमुख मांगों को मुख्यमंत्री के सामने रखा। उन्होंने बताया कि ओसियां के लाखों मतदाताओं की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए वे लगातार क्षेत्र के विकास के लिए प्रयासरत हैं और मुख्यमंत्री ने भी इन मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है। उन्होंने गुजरात की तर्ज पर बेटियों की शादी से संबंधित कानून लागू करने की मांग उठाई, जिसमें माता-पिता की सहमति को अनिवार्य किया जाए। इसके अलावा उन्होंने डब्ल्यूआरसीपी परियोजना को लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, संत समाज के सदस्य और ग्रामीण उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उम्मीद का माहौल देखने को मिला। लोगों का मानना है कि इस तरह के दौरे न केवल विकास कार्यों को गति देते हैं, बल्कि सरकार और जनता के बीच संवाद को भी मजबूत बनाते हैं। ओसियां का यह दौरा आने वाले समय में क्षेत्र के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


