latest-newsउदयपुरराजनीतिराजस्थान

महिला आरक्षण पर दीप्ति माहेश्वरी का विपक्ष पर तीखा हमला

महिला आरक्षण पर दीप्ति माहेश्वरी का विपक्ष पर तीखा हमला

उदयपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी तापमान एक बार फिर बढ़ता नजर आया। उदयपुर के पटेल सर्किल स्थित भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए राजसमंद से विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और महिला आरक्षण बिल को लेकर अपनी पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

प्रेस वार्ता के दौरान दीप्ति माहेश्वरी ने महिला आरक्षण को महिलाओं के अधिकार और सशक्तिकरण से जुड़ा अहम विषय बताते हुए कहा कि देश की आधी आबादी को नेतृत्व में समान भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ एक ऐतिहासिक पहल थी, लेकिन संसद में इसे आवश्यक समर्थन नहीं मिल पाने के कारण इसका पारित न हो पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार, यह कानून महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता था, लेकिन विपक्ष के रवैये के कारण इसे वह समर्थन नहीं मिल सका जिसकी अपेक्षा की जा रही थी।

विधायक माहेश्वरी ने विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस, पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष महिलाओं के अधिकारों को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष महिलाओं को नेतृत्व की मुख्यधारा में आने से रोकना चाहता है और इसी सोच के चलते महिला आरक्षण बिल का विरोध किया गया। उनके अनुसार, यह मानसिकता महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण के रास्ते में बाधा बन रही है। उन्होंने कहा कि समय के साथ यह सोच बदलेगी और महिलाएं अपने अधिकारों के लिए आगे बढ़ती रहेंगी।

अपने बयान में उन्होंने ममता बनर्जी का भी जिक्र किया और कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री द्वारा इस तरह के विधेयक का समर्थन न करना आश्चर्यजनक है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर एकजुटता दिखानी चाहिए थी। उनके अनुसार, महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर व्यापक सहमति बनना देश के हित में होता।

दीप्ति माहेश्वरी ने यह भी कहा कि यदि शासन और प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है, तो व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं के नेतृत्व में भ्रष्टाचार में कमी आ सकती है और शासन अधिक संवेदनशील हो सकता है। उनके अनुसार, आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं और राजनीति भी इससे अछूती नहीं रहनी चाहिए।

प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा संगठन में महिलाओं की भूमिका और सुरक्षा को लेकर उठे सवालों पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पार्टी में महिलाओं को पूरा सम्मान और बराबरी के अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए काम कर रही है और संगठन में उनकी भूमिका पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही इस बार महिला आरक्षण बिल पारित नहीं हो सका हो, लेकिन महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई यहीं समाप्त नहीं होगी। उनके अनुसार, यह एक लंबी प्रक्रिया है और आने वाले समय में इस मुद्दे पर फिर से पहल की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की महिलाएं अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हैं और उन्हें उनका हक जरूर मिलेगा।

इस प्रेस वार्ता में भाजपा की स्थानीय नेता रजनी डांगी, किरण तातेड़ और प्रतिभा नागदा सहित कई कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान महिला आरक्षण को लेकर पार्टी की रणनीति और विचारधारा को स्पष्ट रूप से सामने रखा गया।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading