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पचपदरा रिफाइनरी में आग के बाद पीएम मोदी का राजस्थान दौरा स्थगित

पचपदरा रिफाइनरी में आग के बाद पीएम मोदी का राजस्थान दौरा स्थगित

राजस्थान के बालोतरा स्थित पचपदरा रिफाइनरी में आग लगने की घटना ने राज्य के एक बड़े कार्यक्रम को प्रभावित कर दिया है। इस घटना के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  का प्रस्तावित राजस्थान दौरा स्थगित कर दिया गया है। प्रधानमंत्री 21 अप्रैल को इस रिफाइनरी का उद्घाटन करने वाले थे, लेकिन उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले हुई इस दुर्घटना के बाद कार्यक्रम को टालना पड़ा।

सूत्रों के अनुसार, रिफाइनरी की एक महत्वपूर्ण यूनिट में आग लगने की सूचना मिलते ही प्रशासन और प्रबंधन में हड़कंप मच गया। यह आग क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) के पास लगी बताई जा रही है, जो रिफाइनरी के संचालन के लिहाज से बेहद अहम मानी जाती है। आग लगने के बाद एहतियातन कर्मचारियों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और पूरे क्षेत्र को खाली कराया गया।

इस घटना के बाद पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से जानकारी देते हुए कहा कि 21 अप्रैल को होने वाला लोकार्पण कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। मंत्रालय के अनुसार, आग पर काबू पा लिया गया है और किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि की खबर नहीं है। साथ ही, घटना के कारणों की जांच के लिए एक विस्तृत प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

प्रधानमंत्री के दौरे के साथ-साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का कार्यक्रम भी प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री को इसी दिन शाम 4 बजे पचपदरा रिफाइनरी का दौरा करना था, लेकिन अब उनका कार्यक्रम भी पुनर्निर्धारित कर दिया गया है। इस घटना ने न केवल प्रशासनिक तैयारियों पर असर डाला है, बल्कि उस बहुप्रतीक्षित उद्घाटन को भी टाल दिया है, जिसका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था।

घटना के दौरान रिफाइनरी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटनास्थल से घना धुआं उठता हुआ देखा गया, जिससे आसपास के क्षेत्र में भी चिंता का माहौल बन गया। आग बुझाने के लिए करीब 20 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया और आपातकालीन टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग पर नियंत्रण पाया। रिफाइनरी में पहले से मौजूद अग्निशमन प्रणालियों ने भी इस दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अधिकारियों ने इस घटना को “मामूली” बताते हुए कहा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और जांच पूरी होने के बाद ही इस पर स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

गौरतलब है कि यह रिफाइनरी देश की पहली ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स मानी जा रही है। इसके उद्घाटन के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की गई थीं। कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री को रिफाइनरी से LPG टैंकरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करना था और इसके बाद एक जनसभा को भी संबोधित करना प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और भाजपा संगठन ने व्यापक तैयारियां की थीं।

इस बीच, इस घटना ने राजनीतिक बयानबाजी को भी जन्म दे दिया है। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Tikaram Julie ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उद्घाटन से ठीक पहले इस तरह की घटना बेहद गंभीर और चिंताजनक है, जो सुरक्षा और तैयारियों पर सवाल खड़े करती है।

टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि इस परियोजना को जल्दबाजी में उद्घाटन के लिए तैयार किया जा रहा था, जबकि इसका काम अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट की लागत पहले ही काफी बढ़ चुकी है और इसे राजनीतिक प्रचार के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके अनुसार, यदि सरकार ने पर्याप्त समय लेकर पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की होती, तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता था।

वहीं, सरकार और प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि रिफाइनरी के उद्घाटन की नई तारीख का ऐलान उचित समय पर किया जाएगा।

इस पूरी घटना ने एक बार फिर बड़े औद्योगिक परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों की अहमियत को रेखांकित किया है। भले ही इस हादसे में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह संकेत जरूर देता है कि इतने बड़े प्रोजेक्ट्स में हर स्तर पर सतर्कता और सटीक तैयारी जरूरी है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और रिफाइनरी के नए उद्घाटन कार्यक्रम पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले समय में घोषित किया जाएगा।

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