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बंगाल में भजनलाल शर्मा का शक्ति प्रदर्शन

बंगाल में भजनलाल शर्मा का शक्ति प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है। भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल में अपने चुनावी अभियान को तेज करने के लिए कई राज्यों के वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारा है, जिनमें राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भूमिका खास मानी जा रही है। शुक्रवार को दिल्ली से बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचने के बाद जिस गर्मजोशी से उनका स्वागत हुआ, उसने भाजपा कार्यकर्ताओं के उत्साह को नई ऊर्जा दे दी। इसके बाद मुख्यमंत्री सीधे सिलीगुड़ी पहुंचे, जहां रोड शो के माध्यम से उन्होंने शक्ति प्रदर्शन किया और पार्टी समर्थकों में जोश भरने का प्रयास किया।

सिलीगुड़ी में आयोजित रोड शो को भाजपा के लिए रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर बंगाल क्षेत्र में सिलीगुड़ी राजनीतिक और व्यापारिक दृष्टि से अहम शहर है। यहां बड़ी संख्या में व्यापारी वर्ग, प्रवासी समुदाय और युवा मतदाता मौजूद हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी को भाजपा संगठन ने व्यापक संदेश देने के अवसर के रूप में देखा। रोड शो के दौरान समर्थकों की मौजूदगी और नारों के बीच मुख्यमंत्री ने हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया और कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर चुनावी लड़ाई लड़ने का संदेश दिया।

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पश्चिम बंगाल की मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता बदलाव चाहती है और भ्रष्टाचार के खिलाफ माहौल बन चुका है। उनके अनुसार, लोगों में भाजपा को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है और आने वाले समय में राज्य में बड़ा राजनीतिक परिवर्तन संभव है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति और तुष्टिकरण ने बंगाल के विकास को प्रभावित किया है। भाजपा अब विकास, रोजगार और सुशासन के मुद्दे पर जनता के बीच जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा पश्चिम बंगाल में स्थानीय नेतृत्व के साथ-साथ बाहरी राज्यों के सफल मुख्यमंत्रियों और लोकप्रिय नेताओं को प्रचार में उतारकर बहुस्तरीय रणनीति अपना रही है। राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में भजनलाल शर्मा को भाजपा ऐसे नेता के तौर पर पेश कर रही है, जो नए नेतृत्व, प्रशासनिक बदलाव और संगठनात्मक मजबूती का प्रतिनिधित्व करते हैं। इससे पार्टी बंगाल के मतदाताओं तक यह संदेश पहुंचाना चाहती है कि भाजपा विभिन्न राज्यों में शासन अनुभव रखने वाली पार्टी है।

सिलीगुड़ी कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने टी ट्रेडर्स एसोसिएशन परिसर में मारवाड़ी समाज और व्यापारिक समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। पश्चिम बंगाल, विशेषकर कोलकाता और उत्तर बंगाल के व्यापारिक ढांचे में मारवाड़ी समाज की भूमिका लंबे समय से महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में यह संवाद केवल सामाजिक मुलाकात नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। भाजपा इस वर्ग को आर्थिक नीतियों, व्यापारिक सुरक्षा और स्थिर शासन के मुद्दों पर अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है।

मुख्यमंत्री का कोलकाता दौरा भी राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शुक्रवार देर शाम कोलकाता पहुंचने के बाद उनका कार्यक्रम जोड़ासांको विधानसभा क्षेत्र में निर्धारित था। इसके बाद भवानीपुर क्षेत्र में ‘चाय पर चर्चा’ कार्यक्रम के जरिए कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से संवाद की योजना बनाई गई। भवानीपुर को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का प्रभावशाली क्षेत्र माना जाता है, इसलिए यहां भाजपा की सक्रियता को प्रतीकात्मक और रणनीतिक दोनों रूपों में देखा जा रहा है।

शनिवार के कार्यक्रमों में आध्यात्मिक और सामाजिक दोनों आयाम शामिल किए गए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कालीघाट मंदिर और दक्षिणेश्वर काली मंदिर में दर्शन कार्यक्रम को सांस्कृतिक जुड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। बंगाल की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़कर भाजपा स्थानीय भावनाओं तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। इसके बाद कला मंदिर में आयोजित प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन इस दौरे का प्रमुख आकर्षण माना जा रहा है, जहां बंगाल में बसे राजस्थान मूल के लोगों को संबोधित किया जाना है।

प्रवासी राजस्थानी समुदाय पश्चिम बंगाल में व्यापार, उद्योग, शिक्षा और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से प्रभावशाली भूमिका निभाता है। भाजपा इस वर्ग को भावनात्मक और राजनीतिक रूप से सक्रिय समर्थन आधार में बदलना चाहती है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह सम्मेलन उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। राजस्थान से जुड़े सांस्कृतिक संबंधों के माध्यम से पार्टी संगठनात्मक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया संदेशों में कार्यकर्ताओं के उत्साह को अपनी शक्ति बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में परिवर्तन के संकल्प की बात कही। इससे साफ है कि भाजपा बंगाल चुनाव को केवल राज्य स्तरीय मुकाबला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीतिक संदेश के रूप में भी देख रही है। पार्टी केंद्रीय नेतृत्व, राज्य नेताओं और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एकजुट अभियान के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

अपने भाषणों में भजनलाल शर्मा राजस्थान सरकार के फैसलों और विकास कार्यों का भी उल्लेख कर रहे हैं। भाजपा बंगाल में यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि जिन राज्यों में उसकी सरकार है, वहां विकास, योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक सुधारों पर काम हो रहा है। राजस्थान मॉडल का उल्लेख इसी राजनीतिक नैरेटिव का हिस्सा है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति लंबे समय से तीखे मुकाबले का केंद्र रही है। यहां तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और अन्य दलों के बीच लगातार संघर्ष देखा जाता है। ऐसे माहौल में बाहरी राज्यों के प्रमुख नेताओं की सक्रियता चुनावी तापमान को और बढ़ाती है। भजनलाल शर्मा का दौरा भी इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है।

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