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कबूतरों से छुटकारा पाने के आसान और सुरक्षित उपाय

कबूतरों से छुटकारा पाने के आसान और सुरक्षित उपाय

शहरी जीवन में रहने वाले लोगों के लिए बालकनी, खिड़की या एसी यूनिट पर कबूतरों का बैठना एक आम दृश्य बन चुका है। पहली नजर में यह दृश्य भले ही सामान्य और शांतिपूर्ण लगे, लेकिन समय के साथ यह एक गंभीर समस्या का रूप ले सकता है। कबूतरों की लगातार मौजूदगी से न केवल गंदगी फैलती है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ जाते हैं। इनके मल में मौजूद बैक्टीरिया और फंगस सांस से जुड़ी बीमारियों और एलर्जी का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा, कबूतर छोटी-छोटी जगहों में घोंसला बनाकर स्थायी रूप से बस जाते हैं, जिससे उन्हें हटाना और भी मुश्किल हो जाता है।

कबूतरों की वजह से घर की दीवारें, फर्श और बालकनी की रेलिंग गंदी हो जाती है। उनके पंख उड़ने से धूल और गंदगी पूरे घर में फैलती है, जिससे वातावरण अस्वच्छ हो जाता है। लगातार उनकी गुटर-गूं की आवाज भी घर की शांति को भंग करती है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि समय रहते इस समस्या का समाधान किया जाए। अच्छी बात यह है कि कबूतरों को भगाने के लिए किसी हानिकारक या महंगे उपाय की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि कुछ सरल और सुरक्षित तरीके अपनाकर इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

सबसे प्रभावी उपायों में से एक है बर्ड स्पाइक्स और नेट्स का उपयोग। बर्ड स्पाइक्स प्लास्टिक या धातु से बनी पतली, नुकीली स्ट्रिप्स होती हैं, जिन्हें बालकनी की रेलिंग, खिड़की या एसी यूनिट के ऊपर लगाया जाता है। इन स्पाइक्स की वजह से कबूतर वहां बैठ नहीं पाते और धीरे-धीरे उस स्थान पर आना बंद कर देते हैं। यह तरीका पूरी तरह से सुरक्षित होता है, क्योंकि इससे पक्षियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचता, बल्कि केवल उन्हें बैठने से रोका जाता है। इसी तरह बालकनी में नेट लगवाना भी एक बेहद प्रभावी समाधान है। नेट लगाने से कबूतरों की एंट्री पूरी तरह बंद हो जाती है और वे अंदर आ ही नहीं पाते। यह उपाय उन लोगों के लिए खासतौर पर उपयोगी है, जिनकी बालकनी में कबूतर बार-बार घोंसला बनाने की कोशिश करते हैं।

इसके अलावा, कबूतरों को दूर रखने के लिए चमकदार वस्तुओं का इस्तेमाल भी काफी कारगर माना जाता है। कबूतर आमतौर पर ऐसी चीजों से दूर रहते हैं जो चमकती हैं या हवा के साथ हिलती-डुलती हैं। आप अपनी बालकनी में पुराने सीडी, एल्युमिनियम फॉयल या चमकीले रिबन टांग सकते हैं। जब ये वस्तुएं हवा में हिलती हैं और उन पर पड़ने वाली रोशनी का रिफ्लेक्शन होता है, तो कबूतर भ्रमित हो जाते हैं और वहां आने से बचते हैं। इसके अलावा विंड चाइम्स का उपयोग भी किया जा सकता है, जो न केवल देखने में आकर्षक लगते हैं, बल्कि उनकी आवाज भी कबूतरों को दूर रखने में मदद करती है।

तीसरा प्रभावी तरीका है तेज गंध का उपयोग। कबूतरों को तीखी और तेज गंध बिल्कुल पसंद नहीं होती। ऐसे में आप बालकनी के कोनों में हल्का सा मिर्च पाउडर या काली मिर्च छिड़क सकते हैं। इसके अलावा लहसुन या सिरके का पानी बनाकर स्प्रे करना भी उपयोगी साबित होता है। इन उपायों से इंसानों को कोई नुकसान नहीं होता, लेकिन कबूतर उस जगह से दूरी बनाकर रखते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि इनका उपयोग संतुलित मात्रा में ही किया जाए, ताकि घर के अन्य सदस्यों को असुविधा न हो।

कबूतरों की समस्या से बचने के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना भी अत्यंत आवश्यक है। यदि बालकनी में खाने के दाने या अन्य खाद्य पदार्थ खुले में पड़े रहते हैं, तो कबूतर बार-बार वहीं लौटकर आते हैं। इसलिए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बालकनी में कोई भी खाने की चीज न हो। इसके साथ ही गमले, पुराने डिब्बे या ऐसी वस्तुएं, जिनमें कबूतर घोंसला बना सकते हैं, उन्हें हटा देना चाहिए। साफ और व्यवस्थित बालकनी कबूतरों को आकर्षित नहीं करती।

यदि समस्या अधिक गंभीर हो जाए, तो आधुनिक तकनीक का सहारा भी लिया जा सकता है। बाजार में ऐसे मोशन सेंसर और साउंड डिवाइस उपलब्ध हैं, जो कबूतर के पास आते ही हलचल या आवाज उत्पन्न करते हैं। इससे कबूतर डरकर वहां से उड़ जाते हैं और दोबारा आने से बचते हैं। यह तरीका विशेष रूप से उन स्थानों के लिए उपयोगी है, जहां कबूतरों की संख्या अधिक होती है और पारंपरिक उपाय पर्याप्त नहीं होते।

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