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अमरनाथ यात्रा 2026: हाड़ौती से पहला जत्था 1 जुलाई को रवाना

अमरनाथ यात्रा 2026: हाड़ौती से पहला जत्था 1 जुलाई को रवाना

पवित्र अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) को लेकर देशभर के श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल बनना शुरू हो गया है और इस बार भी हाड़ौती संभाग के भक्तों में विशेष उत्सुकता देखने को मिल रही है। वर्ष 2026 में यह धार्मिक यात्रा 3 जुलाई से प्रारंभ होगी, लेकिन इसके पहले ही 1 जुलाई को राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र से श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना हो जाएगा। इस जत्थे में तालेड़ा से 160 और रावतभाटा से 125 श्रद्धालु शामिल होंगे, जो बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए कश्मीर की ओर प्रस्थान करेंगे।

हाड़ौती क्षेत्र, जिसमें मुख्य रूप से Kota, Rawatbhata और आसपास के इलाके आते हैं, से हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा में भाग लेते हैं। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक सेवा और सामूहिक सहयोग का भी एक उदाहरण बनती जा रही है। कोटा से जाने वाला यह जत्था हर वर्ष अमरनाथ में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी करता है, जो इस बार भी जारी रहेगा।

Shiv Shakti Seva Mandal के पदाधिकारियों ने बताया कि इस बार बालटाल में श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भंडारे की व्यवस्था की जाएगी। हालांकि, इस वर्ष श्राइन बोर्ड द्वारा केवल एक स्थान बालटाल पर ही भंडारे की अनुमति दी गई है, जबकि पहले यह सुविधा तीन अलग-अलग स्थानों पर उपलब्ध होती थी। इस बदलाव को लेकर श्रद्धालुओं और आयोजकों में कुछ असंतोष भी है। इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को पत्र लिखकर पूर्व व्यवस्था बहाल करने की मांग की गई है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।

यात्रा में शामिल होने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू हो रही है। कोटा में दादाबाड़ी स्थित Punjab National Bank और छावनी स्थित State Bank of India में पंजीयन की व्यवस्था की गई है। इसके लिए मेडिकल सर्टिफिकेट, आधार कार्ड और दो पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य होंगे। यह प्रक्रिया यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अनिवार्य की गई है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।

इस बार अमरनाथ यात्रा में सुरक्षा व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत किया गया है। विशेष रूप से आरएफआईडी (RFID) तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिसके तहत प्रत्येक यात्री को एक RFID आईडी कार्ड जारी किया जाएगा। यह कार्ड जम्मू स्थित भगवती नगर बेस कैंप पर बनाया जाएगा और इसके माध्यम से यात्रियों की लोकेशन को लगातार ट्रैक किया जा सकेगा। इस तकनीक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों तक तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

हाड़ौती क्षेत्र के श्रद्धालुओं की संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है, लेकिन रजिस्ट्रेशन की सीमित सुविधाएं एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही हैं। वर्तमान में कोटा में केवल दो और झालावाड़ में एक बैंक में ही पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है, जहां प्रतिदिन मात्र 20 रजिस्ट्रेशन ही किए जाते हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। शिव शक्ति सेवा मंडल के पदाधिकारी दुष्यंत कुमार ने बताया कि इस समस्या को देखते हुए रजिस्ट्रेशन काउंटर और दैनिक पंजीयन संख्या बढ़ाने की मांग की गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पवित्र यात्रा में शामिल हो सकें।

अमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह आस्था, साहस और सेवा का संगम है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लंबी पैदल यात्रा के बावजूद श्रद्धालु पूरे उत्साह और विश्वास के साथ इसमें भाग लेते हैं। हाड़ौती क्षेत्र के लोग इस यात्रा को एक सामूहिक आयोजन के रूप में देखते हैं, जहां न केवल दर्शन का महत्व होता है, बल्कि सेवा और सहयोग की भावना भी प्रमुख होती है।

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