देश में सोना चांदी की कीमतों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। पिछले सप्ताह इन दोनों की कीमतों में तेजी देखने को मिली थी, लेकिन इसके बावजूद यह अभी भी अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं। विशेष रूप से चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है, जबकि सोना भी हालिया बढ़त के बावजूद अपने रिकॉर्ड स्तर तक नहीं पहुंच पाया है।
13 अप्रैल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, चांदी अपने उच्चतम स्तर से लगभग 1.96 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो चुकी है। वहीं सोना भी अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 50 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम कम कीमत पर मिल रहा है। यह गिरावट उन निवेशकों और खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है, जो लंबे समय से बुलियन बाजार पर नजर बनाए हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, इस वर्ष 29 जनवरी को सोना और चांदी दोनों ने अपने-अपने रिकॉर्ड स्तर को छुआ था। उस दिन चांदी की कीमत लगभग 4.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी, जबकि सोना 1.90 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। हालांकि इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और घरेलू परिस्थितियों के चलते कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे दोनों धातुएं अपने उच्चतम स्तर से नीचे आ गईं।
वर्तमान में चांदी की कीमत लगभग 2,59,900 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई है, जो निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर के रूप में देखी जा रही है। वहीं सोने की बात करें तो 24 कैरेट सोना 1,52,830 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 1,40,090 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना 1,14,620 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
देश के प्रमुख शहरों में भी सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है। दिल्ली में 24 कैरेट सोना करीब 1,51,330 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है, जबकि मुंबई में यह लगभग 1,51,590 रुपये है। कोलकाता और जयपुर जैसे शहरों में भी कीमतें लगभग इसी स्तर के आसपास बनी हुई हैं। चेन्नई और बेंगलुरु में कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है, जो स्थानीय बाजार और टैक्स संरचना के कारण होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों, डॉलर की मजबूती, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और भू-राजनीतिक तनाव के कारण होता है। जब वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोना और चांदी की ओर रुख करते हैं, जिससे कीमतों में तेजी आती है। वहीं परिस्थितियां सामान्य होने पर कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है।
खरीदारों के लिए यह समझना जरूरी है कि बाजार में जो कीमतें दिखाई जाती हैं, वे आमतौर पर बेंचमार्क रेट होती हैं, जिन्हें इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा तय किया जाता है। हालांकि रिटेल बाजार में गहनों की कीमत इससे अलग हो सकती है, क्योंकि इसमें जीएसटी और मेकिंग चार्ज भी शामिल होते हैं। यही कारण है कि दुकानों पर सोने-चांदी के गहनों की अंतिम कीमत अधिक हो जाती है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि निवेश या खरीदारी से पहले बाजार के रुझानों पर नजर रखना बेहद जरूरी है। सोना और चांदी दोनों ही ऐसी धातुएं हैं जिनकी कीमतें तेजी से बदलती रहती हैं, इसलिए सही समय पर निर्णय लेना निवेशकों के लिए लाभदायक साबित हो सकता है।
इसके अलावा, लंबी अवधि के निवेश के नजरिए से सोना हमेशा एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है, जबकि चांदी में उतार-चढ़ाव अधिक होता है, जिससे इसमें जोखिम और अवसर दोनों मौजूद रहते हैं। वर्तमान में चांदी की कीमत अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे होने के कारण कुछ निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकती है।


