राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय(CMO) में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों के बीच काम का विस्तृत बंटवारा कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत कई वरिष्ठ अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागों और संभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे शासन-प्रशासन के कार्यों में तेजी और समन्वय सुनिश्चित किया जा सके। इस फेरबदल को राज्य सरकार की प्रशासनिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य विभिन्न विभागों के कामकाज को बेहतर ढंग से संचालित करना है।
इस नए बंटवारे में सबसे प्रमुख जिम्मेदारी जितेंद्र कुमार सोनी को सौंपी गई है, जिन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय के कई अहम विभागों का प्रभार दिया गया है। अब वे पीएचईडी, भूजल विभाग, जल संसाधन, इंदिरा गांधी नहर परियोजना, कमांड एरिया डेवलपमेंट, सार्वजनिक निर्माण विभाग, ऊर्जा, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, मोटर गैराज, एस्टेट, सिविल एविएशन, कैबिनेट, कार्मिक विभाग, परिवहन और मुख्यमंत्री राहत कोष से जुड़े कार्यों की निगरानी करेंगे। इसके अलावा उन्हें जयपुर संभाग की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार ने उन पर विशेष भरोसा जताया है।
वहीं, सिद्धार्थ सिहाग को भरतपुर संभाग का दायित्व सौंपा गया है। साथ ही उन्हें उद्योग, एमएसएमई, खादी, बीआईपी, कर्मचारी राज्य बीमा निगम, रीको, विधि, खान एवं पेट्रोलियम, गृह विभाग, पुलिस, होम गार्ड, सतर्कता, जेल, सिविल डिफेंस, राज्य बीमा और भविष्य निधि से जुड़े कार्यों के साथ-साथ वन एवं पर्यावरण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जिम्मेदारी भी दी गई है। इसके अतिरिक्त सीएमआईएस से जुड़े कार्य भी उनके अधीन रहेंगे, जो राज्य की डिजिटल प्रशासनिक प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मुकुल शर्मा को कोटा और बीकानेर संभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जो प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र माने जाते हैं। इसके साथ ही उन्हें मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों, विभिन्न सरकारी आयोजनों, बैठकों की तैयारियों और विजिटर्स तथा प्रतिनिधिमंडलों के समन्वय का दायित्व भी सौंपा गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री निवास में होने वाली जनसुनवाई की व्यवस्था भी उनके जिम्मे रहेगी, जो आम जनता और सरकार के बीच संवाद का एक अहम माध्यम है।
जगवीर सिंह को जोधपुर संभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वे आपदा प्रबंधन, राहत एवं पुनर्वास, पशुपालन, गोपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, कृषि, कृषि विपणन और बागवानी जैसे विभागों के कार्यों की निगरानी करेंगे। इसके अलावा राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड, प्रशासनिक सुधार, प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी, सहकारिता, खाद्य एवं आपूर्ति, चुनाव और सूचना का अधिकार से जुड़े कार्य भी उनके जिम्मे होंगे। यह सभी विभाग सीधे तौर पर ग्रामीण और कृषि अर्थव्यवस्था से जुड़े हुए हैं, इसलिए इनकी जिम्मेदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
उत्सव कौशल को उदयपुर और अजमेर संभाग का दायित्व सौंपा गया है। साथ ही उन्हें नगरीय विकास एवं आवासन, स्थानीय स्वशासन, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, वाटरशेड एवं मृदा संरक्षण, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, पुरातत्व एवं संग्रहालय और देवस्थान विभाग की जिम्मेदारी भी दी गई है। इसके अलावा मुख्यमंत्री कार्यालय के सामान्य प्रशासन से जुड़े कार्य भी उनके अधीन रहेंगे, जो पूरे कार्यालय के संचालन के लिए अहम माने जाते हैं।
अन्य अधिकारियों में अमिता शर्मा को वित्त एवं कर, आबकारी, अल्प बचत, राज्य बीमा, सामान्य भविष्य निधि, आयोजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, युवा एवं खेल, सूचना प्रौद्योगिकी और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। यह सभी विभाग राज्य की आर्थिक और तकनीकी प्रगति से जुड़े हुए हैं, इसलिए इनका प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
संयुक्त सचिव अंजू राजपाल को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, आयुर्वेद, परिवार कल्याण, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, प्रारंभिक शिक्षा, श्रम, रोजगार एवं कौशल विकास, फैक्ट्री एवं बॉयलर्स, भाषा और पुस्तकालय से जुड़े विभागों का दायित्व सौंपा गया है। ये विभाग सीधे तौर पर राज्य की सामाजिक और शैक्षणिक संरचना से जुड़े हैं और इनके बेहतर संचालन से आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलता है।
उप सचिव जयप्रकाश नारायण को महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, विशेष योग्यजन, जनजातीय क्षेत्रीय विकास, अल्पसंख्यक मामलात, वक्फ, राजस्व, उपनिवेशन, सैनिक कल्याण और शांति एवं अहिंसा से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। यह सभी विभाग सामाजिक कल्याण और समावेशी विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


