जयपुर से जुड़े नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए 1 अप्रैल से नया बदलाव लागू होने जा रहा है। National Highways Authority of India ने टोल दरों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जो जयपुर से विभिन्न शहरों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर प्रभावी होगी। इस बढ़ोतरी के तहत जयपुर रिंग रोड, जयपुर-किशनगढ़, जयपुर-सीकर और जयपुर-दौसा हाईवे के टोल प्लाजा शामिल किए गए हैं। यह निर्णय वार्षिक समीक्षा के तहत लिया गया है और इसका उद्देश्य सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव और विकास को बनाए रखना बताया जा रहा है।
किन टोल प्लाजा पर बढ़े रेट
एनएचएआई द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, जयपुर से दिल्ली जाने वाले पुराने हाईवे पर स्थित दौलतपुरा, मनोहरपुर और शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर नई दरें लागू होंगी। इसके अलावा जयपुर-किशनगढ़ मार्ग पर ठीकरिया और बड़गांव, रिंग रोड पर सीतारामपुरा और हिंगोनिया तथा जयपुर-सीकर हाईवे पर टाटियावास टोल बूथ भी इस बढ़ोतरी के दायरे में आएंगे। इन मार्गों का उपयोग रोजाना हजारों वाहन करते हैं, जिससे इस फैसले का असर बड़ी संख्या में यात्रियों और परिवहन सेवाओं पर पड़ेगा।
कार चालकों को राहत
इस बार की टोल दर बढ़ोतरी में आम वाहन चालकों को आंशिक राहत दी गई है। नोटिफिकेशन के अनुसार, कार और निजी हल्के वाहनों के लिए टोल दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। हालांकि, भारी और व्यावसायिक वाहनों के लिए टोल दरों में बढ़ोतरी की गई है। इससे ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर सीधा असर पड़ सकता है, जिसका अप्रत्यक्ष प्रभाव वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
5 से 20 रुपए तक बढ़ी दरें
अलग-अलग टोल प्लाजा पर यह बढ़ोतरी 5 से लेकर 20 रुपए तक की गई है। विशेष रूप से भारी वाहनों के लिए यह वृद्धि लागू होगी, जबकि कुछ जगहों पर हल्के कॉमर्शियल वाहनों को भी राहत दी गई है। जयपुर रिंग रोड पर निजी वाहनों के अलावा हल्के कॉमर्शियल वाहनों के लिए कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, लेकिन भारी वाहनों के लिए दरों में संशोधन किया गया है।
कैसे तय होती हैं टोल दरें
टोल टैक्स की दरें तय करने के लिए Wholesale Price Index का उपयोग किया जाता है। हर साल इस इंडेक्स का मूल्यांकन किया जाता है और उसी के आधार पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नई दरें तय करता है। इसके अलावा टोल की राशि सड़क की लंबाई और उस पर उपलब्ध सुविधाओं जैसे फ्लाईओवर, अंडरपास और टनल पर भी निर्भर करती है। जहां अधिक आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर होता है, वहां टोल दरें अपेक्षाकृत अधिक होती हैं।
सालाना पास भी हुआ महंगा
टोल दरों के साथ-साथ सालाना पास की कीमतों में भी बदलाव किया गया है। अब कार चालकों को सालाना पास के लिए 3,075 रुपए चुकाने होंगे, जबकि पहले इसकी कीमत 3,000 रुपए थी। इस पास के तहत वाहन चालक एक साल में 200 बार टोल प्लाजा पार कर सकते हैं। यह सुविधा नियमित रूप से हाईवे पर सफर करने वालों के लिए काफी उपयोगी मानी जाती है।
सालाना रिवीजन का हिस्सा
अधिकारियों के अनुसार, यह बढ़ोतरी किसी अचानक लिए गए निर्णय का परिणाम नहीं है, बल्कि यह सालाना रिवीजन प्रक्रिया का हिस्सा है। जब फास्टैग आधारित एनुअल पास योजना शुरू की गई थी, तभी इसमें हर साल कीमतों की समीक्षा का प्रावधान रखा गया था। इस बार लगभग 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी उसी निर्धारित फॉर्मूले के तहत की गई है, जो पूरे देश में लागू होता है।
लाखों यूजर्स को होगा असर
देशभर में इस एनुअल पास का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अब तक 52 लाख से अधिक हाईवे यूजर्स इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। यह पास विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो नियमित रूप से लंबी दूरी तय करते हैं। बार-बार रिचार्ज की सुविधा इसे और भी सुविधाजनक बनाती है।
31 मार्च तक पुराने रेट का मौका
यदि कोई वाहन चालक इस बढ़ोतरी से बचना चाहता है, तो उसके पास 31 मार्च तक का समय है। इस तारीख तक पास रिचार्ज कराने या नया पास खरीदने पर पुराने रेट यानी 3,000 रुपए ही लागू होंगे। 1 अप्रैल से नई दरें लागू होते ही सिस्टम में बदलाव कर दिए जाएंगे और उसके बाद नए रेट के अनुसार ही भुगतान करना होगा।


