राजस्थान की राजधानी में स्थित जयपुर एयरपोर्ट पर इस बार गर्मी के मौसम में यात्रियों को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी का लाभ मिलने जा रहा है। 29 मार्च से 24 अक्टूबर तक लागू होने वाले समर शेड्यूल के तहत उड़ानों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।नए शेड्यूल के अनुसार प्रति सप्ताह 750 घरेलू और 74 अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रैफिक मूवमेंट्स संचालित किए जाएंगे। यह आंकड़ा पिछले वर्ष 2025 की तुलना में लगभग 7.5 प्रतिशत अधिक है, जो एयर ट्रैफिक में निरंतर वृद्धि को दर्शाता है।
यात्रियों को मिलेंगे अधिक विकल्प
एयर ट्रैफिक मूवमेंट्स में बढ़ोतरी का सीधा फायदा यात्रियों को मिलेगा। नए शेड्यूल के तहत जयपुर एयरपोर्ट अब कुल 26 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जुड़ चुका है। इससे यात्रियों के पास यात्रा के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे। प्रतिदिन कुल 118 एयर ट्रैफिक मूवमेंट्स होने से उड़ानों की उपलब्धता बढ़ेगी और यात्रियों को अपनी सुविधा के अनुसार समय और रूट चुनने में आसानी होगी। यह विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए फायदेमंद होगा, जो व्यवसायिक या पर्यटन के उद्देश्य से यात्रा करते हैं।
पर्यटन सीजन को ध्यान में रखकर बनाया गया शेड्यूल
गर्मी के मौसम में राजस्थान में पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है, खासतौर पर जयपुर जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर में। इसी को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट प्रबंधन ने यह शेड्यूल तैयार किया है। इससे न केवल देश के विभिन्न हिस्सों से बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जयपुर आने वाले पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस की भागीदारी
इस समर शेड्यूल में कई प्रमुख एयरलाइंस शामिल हैं। घरेलू उड़ानों का संचालन IndiGo, Air India, SpiceJet, Alliance Air, Star Air और Air India Express द्वारा किया जाएगा। वहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में Etihad Airways, Thai AirAsia, SalamAir और Air Arabia जैसी एयरलाइंस अपनी सेवाएं देंगी। इन एयरलाइंस की भागीदारी से यात्रियों को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक सीधी या कनेक्टिंग उड़ानों की सुविधा मिलेगी।
यात्रा होगी अधिक सुगम और आरामदायक
एयरपोर्ट प्रबंधन का मानना है कि बढ़ती उड़ानों और बेहतर कनेक्टिविटी से यात्रियों की यात्रा अधिक सुगम, सुरक्षित और आरामदायक बनेगी। फ्लाइट्स की संख्या बढ़ने से भीड़ का दबाव भी संतुलित होगा, जिससे यात्रियों को एयरपोर्ट पर कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, समय की बचत और यात्रा की सुविधा में भी सुधार होगा।


