LPG गैस रिफिल बुकिंग को लेकर हाल ही में सामने आई खबरों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए कोई अलग रिफिल बुकिंग नियम लागू नहीं किया गया है। मंत्रालय ने उन सभी खबरों का खंडन किया है, जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को शहरी क्षेत्रों में 45 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक करने की अनुमति होगी। सरकार ने साफ किया है कि इस तरह की जानकारी भ्रामक है और लोगों को ऐसी अफवाहों से बचना चाहिए।
रिफिल बुकिंग के लिए सिर्फ दो समय सीमा
मंत्रालय द्वारा जारी स्पष्टीकरण में बताया गया है कि देशभर में एलपीजी रिफिल बुकिंग के लिए केवल दो ही समय सीमा लागू हैं। शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ता 25 दिन बाद अगली रिफिल बुक कर सकते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 45 दिन की है। इन नियमों में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों और सामान्य उपभोक्ताओं के बीच कोई भेद नहीं किया गया है। इसका मतलब यह है कि सभी उपभोक्ताओं के लिए एक समान व्यवस्था लागू है और किसी भी वर्ग के लिए अलग से कोई प्रतिबंध नहीं है।
पर्याप्त एलपीजी भंडार, घबराने की जरूरत नहीं
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों के कारण घबराहट में आकर जल्दबाजी में सिलेंडर बुक न करें। इस स्पष्टीकरण का उद्देश्य उपभोक्ताओं के बीच विश्वास बनाए रखना और बाजार में अनावश्यक दबाव को रोकना है।
राजस्थान में आपूर्ति पर सख्त निगरानी
इसी बीच राजस्थान में भी गैस आपूर्ति को लेकर प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है। राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा है कि प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त सप्लाई और स्टोरेज उपलब्ध है। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर कड़ी नजर रखें और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही आमजन से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सख्ती
इससे पहले भजनलाल शर्मा द्वारा प्रदेश में गैस और ईंधन की आपूर्ति व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की गई थी। इस बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों और जिला कलेक्टरों के साथ बैठक कर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गैस आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रखें और किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत रोकें।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी गैस की कालाबाजारी, जमाखोरी और दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में गैस आपूर्ति से संबंधित किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए अधिकारियों को सतर्क रहकर कार्य करना होगा।
दैनिक निगरानी और समन्वय पर जोर
राज्य सरकार ने गैस आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए दैनिक निगरानी को अनिवार्य किया है। जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों का नियमित निरीक्षण करें और स्टॉक तथा आपूर्ति की स्थिति पर नजर रखें। इसके अलावा जिला प्रशासन, पुलिस और ऑयल एवं गैस कंपनियों के नोडल अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि किसी भी समस्या का समाधान तुरंत किया जा सके।
पारदर्शिता और डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा
मुख्य सचिव ने गैस आपूर्ति में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन बुकिंग को अनिवार्य करने पर जोर दिया है। साथ ही सिलेंडर की डिलीवरी ओटीपी के माध्यम से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे फर्जीवाड़े और अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। इसके अलावा पीएनजी और सीएनजी कनेक्शन से जुड़े लंबित आवेदनों का निस्तारण 27 मार्च से पहले करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को तेजी से विस्तार देना है, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को पाइप्ड गैस की सुविधा मिल सके।
उपभोक्ताओं के लिए क्या है संदेश
सरकार और प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि गैस आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि एलपीजी की आपूर्ति सुचारू बनी रहे और किसी भी उपभोक्ता को परेशानी का सामना न करना पड़े।


