राजस्थान में हाल ही में सक्रिय रहे पश्चिमी विक्षोभ का असर अब धीरे-धीरे समाप्त हो चुका है, लेकिन इसके प्रभाव से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बीते दिनों आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के कारण दिन के तापमान में सामान्य से पांच से आठ डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के चलते दिन और रात दोनों समय हल्की ठंड का अहसास बना रहा, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। झुंझुनूं जिले के मंडावा क्षेत्र में सबसे अधिक 18 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कई अन्य इलाकों में भी बादलों की आवाजाही और बूंदाबांदी का दौर जारी रहा।
तापमान में गिरावट, मौसम हुआ सुहाना
बारिश और बादलों के असर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 26 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जो इस समय के औसत तापमान से कम है। जैसलमेर, बाड़मेर और सीकर सहित कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मौसम परिवर्तन से जहां तापमान में राहत मिलती है, वहीं अचानक बदलाव के कारण दैनिक जीवन भी प्रभावित होता है। कई क्षेत्रों में लोगों को तेज हवाओं और बारिश के चलते अपने कामकाज में असुविधा का सामना करना पड़ा।
22 मार्च को फिर सक्रिय होगा नया सिस्टम
मौसम केन्द्र के अनुसार 22 मार्च को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से राज्य में एक बार फिर मौसम बदलने की संभावना है। इस दौरान पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के साथ शेखावाटी क्षेत्र में मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
हालांकि इसके बाद अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है। राहत की बात यह है कि आगामी एक सप्ताह तक राज्य में लू चलने की कोई संभावना नहीं जताई गई है, जिससे लोगों को तेज गर्मी से फिलहाल राहत मिलेगी।
जैसलमेर में बारिश और ठंडी हवाओं का असर
जैसलमेर में मौसम का अचानक बदला मिजाज लोगों के लिए राहत लेकर आया। दोपहर के समय ठंडी हवाएं चलने लगीं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शाम के समय मौसम ने अचानक तेज रूप ले लिया और गड़गड़ाहट के साथ बारिश शुरू हो गई।
बारिश कभी धीमी तो कभी तेज रफ्तार से जारी रही, जिससे सड़कों पर आवाजाही कम हो गई। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाते नजर आए और बाजारों में भी हलचल कम हो गई।
हाड़ौती अंचल में भी दिखा असर
कोटा सहित हाड़ौती क्षेत्र में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। सुबह तेज धूप के बाद दिन चढ़ने के साथ बादलों की आवाजाही बनी रही। ठंडी हवाओं के कारण मौसम सुहाना बना रहा और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
हालांकि इसके बावजूद कोटा का अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गौरतलब है कि इससे पहले 12 मार्च को तापमान 39.8 डिग्री तक पहुंच गया था, जिससे गर्मी का असर बढ़ गया था और कूलर-पंखों का इस्तेमाल तेज हो गया था।
मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी
राजस्थान में फिलहाल मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर बना हुआ है। एक ओर जहां बारिश और ठंडी हवाएं राहत दे रही हैं, वहीं दूसरी ओर बार-बार बदलते मौसम के कारण लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। आने वाले दिनों में हल्की बारिश के बाद फिर से शुष्क मौसम रहने की संभावना है, जिससे तापमान धीरे-धीरे बढ़ सकता है।


