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राजस्थान में भारी बारिश और ओलावृष्टि, 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

राजस्थान में भारी बारिश और ओलावृष्टि, 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

राजस्थान में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव पूरे प्रदेश में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। मौसम विभाग की ओर से पहले ही 20 मार्च को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया था, जो अब सटीक साबित हो रहा है। प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर ठंड का अहसास भी फिर से लौट आया है। इस बदलाव ने मार्च महीने के सामान्य मौसम चक्र को प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार यह मौसम परिवर्तन पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण हुआ है, जिसका असर आने वाले दिनों में भी बना रह सकता है।

कई जिलों में रिकॉर्ड बारिश

प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में सबसे अधिक 16 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकिअलवर  में 13 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। राजधानी जयपुर में भी सुबह करीब 3 बजे से बारिश का दौर जारी है। शहर के कई हिस्सों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश हो रही है और आसमान में बादल छाए हुए हैं। इस कारण सूरज की तेज तपिश से लोगों को राहत मिली है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में गंभीर मौसम परिस्थितियों को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। जयपुर सहित नागौर, अजमेर, सीकर, टोंक, झुंझुनू, अलवर और दौसा जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में मेघगर्जन, तेज हवाएं और मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

16 जिलों में येलो अलर्ट

इसके अलावा प्रदेश के 16 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें सवाई माधोपुर, बूंदी, धौलपुर, भीलवाड़ा, बारां, कोटा, जोधपुर, पाली, चूरू, बीकानेर, उदयपुर, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, डूंगरपुर और बांसवाड़ा शामिल हैं। इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और मौसम में अचानक बदलाव की संभावना है। लोगों को विशेष रूप से सावधानी बरतने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने के लिए कहा गया है।

ओलावृष्टि और आंधी से बढ़ी परेशानी

राजस्थान के कई इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी दर्ज की गई है। खासतौर पर सीकर और कोटपूतली जैसे क्षेत्रों में ओले गिरने की खबरें सामने आई हैं। आंधी और बारिश के साथ ओलावृष्टि ने जहां मौसम को ठंडा किया है, वहीं इससे आमजन और किसानों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

तापमान में आई भारी गिरावट

बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। कुछ क्षेत्रों में तापमान 10 से 11 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे लोगों को अचानक ठंड का अनुभव होने लगा है। मार्च के महीने में जहां आमतौर पर गर्मी बढ़ने लगती है, वहीं इस बार मौसम के इस बदलाव ने लोगों को राहत दी है। दिन के समय भी हल्की ठंड महसूस की जा रही है।

किसानों के लिए चिंता का कारण

हालांकि बारिश से आमजन को राहत मिली है, लेकिन यह मौसम किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। खासतौर पर रबी की फसलों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में अचानक हुई बारिश और ओले किसानों की मेहनत पर असर डाल सकते हैं। कई क्षेत्रों से फसलों के नुकसान की प्रारंभिक सूचनाएं भी मिलने लगी हैं।

आगे भी बना रह सकता है असर

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और विशेष रूप से आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतें।

कुल मिलाकर राजस्थान में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज जहां एक ओर गर्मी से राहत दे रहा है, वहीं दूसरी ओर सतर्क रहने की भी आवश्यकता है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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