अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब देश के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है, जिसका सीधा प्रभाव घरेलू रसोई गैस आपूर्ति पर पड़ा है। राजस्थान के झालावाड़ जिले में बीते एक सप्ताह से गैस सिलेंडर की किल्लत बनी हुई है। हालात यह हैं कि उपभोक्ताओं को सुबह से शाम तक गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें आम हो गई हैं। लोग हाथ में डायरी और बुकिंग रसीद लेकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आते हैं। इसके बावजूद कई उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जिससे आमजन की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
डिएक्टिव हो रहे हजारों गैस कनेक्शन
इस संकट के बीच सरकार ने उन उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, जिन्होंने लंबे समय से गैस सिलेंडर नहीं लिया है। रसद विभाग ने ऐसे कनेक्शनों को डिएक्टिव करना शुरू कर दिया है, जो पिछले नौ महीनों से निष्क्रिय हैं।
झालावाड़ जिले में करीब 20 हजार गैस कनेक्शन इस श्रेणी में आते हैं। इनमें से लगभग 15 हजार उज्ज्वला योजना के कनेक्शन हैं, जिनके उपभोक्ताओं ने 2016-17 में कनेक्शन लेने के बाद दोबारा सिलेंडर नहीं लिया। वहीं करीब 5 हजार अन्य उपभोक्ता भी ऐसे हैं, जिन्होंने नौ माह से अधिक समय से गैस का उपयोग नहीं किया है। अब इन कनेक्शनों को बंद किए जाने से उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ गई है और वे अपने कनेक्शन बचाने के लिए गैस एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं।
बुकिंग और सप्लाई में गड़बड़ी से बढ़ी परेशानी
गैस संकट का एक बड़ा कारण बुकिंग और सप्लाई सिस्टम में आई बाधा भी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि कई बार बुकिंग दर्ज ही नहीं हो पा रही या फिर समय पर डिलीवरी नहीं मिल रही। हालांकि, जिले में तीन प्रमुख कंपनियों की गैस एजेंसियां संचालित हैं, लेकिन बढ़ती मांग के मुकाबले सप्लाई कम पड़ रही है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है, लेकिन अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।
कॉमर्शियल गैस की कमी से व्यापार प्रभावित
घरेलू गैस संकट के साथ-साथ कॉमर्शियल सिलेंडर की कमी ने व्यापारियों के सामने भी गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। खासकर मिठाई और नमकीन बनाने वाले दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। झालावाड़ के व्यापारी लालचंद सुमन ने बताया कि लंबे समय से उन्होंने डीजल भट्टियों का उपयोग बंद कर दिया था, लेकिन अब मजबूरी में उन्हें फिर से चालू करना पड़ रहा है। गैस की अनुपलब्धता के कारण उत्पादन प्रभावित हो रहा है और लागत भी बढ़ रही है।
अवैध उपयोग पर सख्ती, सिलेंडर जब्त
इस बीच रसद विभाग ने घरेलू गैस के अवैध उपयोग के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बकानी क्षेत्र में एक टी स्टॉल पर छापेमारी के दौरान 8 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए, जिनमें 3 भरे हुए और 5 खाली थे। साथ ही रिफिलिंग में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक मोटर और तोल कांटा भी बरामद किया गया। जिलेभर में इस तरह की 5 कार्रवाइयों में कुल 63 सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं। विभाग का कहना है कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
एजेंसियों पर बढ़ती भीड़ और उपभोक्ताओं की चिंता
गैस एजेंसियों के बाहर बढ़ती भीड़ इस संकट की गंभीरता को दर्शाती है। उपभोक्ता न केवल सिलेंडर लेने बल्कि बुकिंग और कनेक्शन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी एजेंसियों का रुख कर रहे हैं। कई लोग भविष्य में गैस की उपलब्धता को लेकर आशंकित हैं, जिसके चलते वे समय से पहले ही बुकिंग कराने की कोशिश कर रहे हैं। इससे एजेंसियों पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है और व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
प्रशासन का दावा- स्थिति हो रही सामान्य
जिला प्रशासन ने हालांकि दावा किया है कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। जिला नोडल अधिकारी ए.के. सिंह के अनुसार अब पर्याप्त मात्रा में गैस की आपूर्ति शुरू हो चुकी है और डीलर अपनी आवश्यकता के अनुसार सप्लाई मंगवा रहे हैं। इसके बावजूद जमीनी हकीकत यह है कि उपभोक्ताओं को अभी भी राहत नहीं मिल पा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में सप्लाई पूरी तरह बहाल होना और वितरण व्यवस्था का संतुलन बनना बेहद जरूरी होगा, ताकि आमजन और व्यापारियों को इस संकट से निजात मिल सके।


