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राजस्थान दिवस पर 593 राजकीय मंदिरों में विशेष आरती, 51 प्रमुख मंदिरों में भव्य आयोजन

राजस्थान दिवस पर 593 राजकीय मंदिरों में विशेष आरती, 51 प्रमुख मंदिरों में भव्य आयोजन

राजस्थान दिवस के अवसर पर 18 मार्च को प्रदेशभर के राजकीय मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। देवस्थान विभाग की ओर से प्रबंधित राज्य के सभी 593 राजकीय मंदिरों में इस दिन विशेष पूजा-अर्चना, आरती और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य राजस्थान की समृद्ध धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाना है।

देवस्थान विभाग ने इस अवसर को और अधिक भव्य बनाने के लिए 51 प्रमुख मंदिरों का चयन किया है, जहां विशेष रूप से बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें 30 राजकीय मंदिर और 21 सार्वजनिक प्रन्यास प्रबंधित मंदिर शामिल हैं। इन मंदिरों में भव्य आरती, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण प्रदान किया जाएगा।

उदयपुर क्षेत्र के मंदिरों में भी विशेष आयोजन

देवस्थान विभाग के अनुसार उदयपुर क्षेत्र के कई प्रमुख मंदिरों में भी राजस्थान दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उदयपुर में स्थित श्री हनुमान जी मांझी का घाट, चांदपोल मंदिर तथा प्रतापगढ़ का श्री दीनानाथ महादेव मंदिर इस आयोजन का प्रमुख केंद्र रहेंगे।

इसके अलावा आत्मनिर्भर श्रेणी के मंदिरों में राजसमंद का श्री रूपनारायण मंदिर, चित्तौड़गढ़ का मंगलेश्वर महादेव मंदिर और सलूंबर का श्री तेजानंद बिहारी मंदिर भी इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और आरती के साथ भक्तों के लिए खुले रहेंगे।

सार्वजनिक प्रन्यास प्रबंधित मंदिरों में उदयपुर के सूरजपोल स्थित श्री कल्याणरायजीअस्थल मंदिर और कांकरोली का प्रसिद्ध पुष्टिमार्गीय तृतीय पीठ श्री द्वारकाधीश मंदिर भी इस अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजनों का केंद्र बनेंगे।

प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में भव्य कार्यक्रम

राजस्थान दिवस के मौके पर राज्य के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी भव्य आयोजन किए जाएंगे। जोधपुर का श्री राजराणछोड़जी मंदिर, जैसलमेर का श्री बांके बिहारी मंदिर और बीकानेर का श्री सदाशिव जी मंदिर भी इस अवसर पर विशेष आरती और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए सजाए जाएंगे।

इसी तरह जयपुर के चांदनी चौक स्थित बृजनिधि मंदिर और आमेर का श्री माताजी मंदिर भी राजस्थान दिवस के कार्यक्रमों में शामिल होंगे। अजमेर जिले का विश्व प्रसिद्ध पुष्कर स्थित श्री ब्रह्मा मंदिर भी इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और आरती के आयोजन का प्रमुख केंद्र रहेगा।

भरतपुर, धौलपुर, करौली और अलवर जिलों के कई प्रमुख मंदिरों में भी विशेष धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इनमें भरतपुर का श्री राधाबिहारी जी मंदिर, करौली का श्री प्रतापनवल बिहारी जी मंदिर और अलवर का श्री महादेव जी त्रिपोलिया मंदिर भी शामिल हैं।

श्रद्धालुओं की भागीदारी से होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

देवस्थान विभाग के अनुसार राजस्थान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। मंदिरों में विशेष आरती के साथ-साथ भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को प्रदर्शित करने का प्रयास किया जाएगा। विभाग का मानना है कि ऐसे आयोजनों से न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को बल मिलता है, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत होती है।

विभिन्न खंड कार्यालयों में चयनित मंदिर

देवस्थान विभाग ने राज्य के विभिन्न खंड कार्यालयों के माध्यम से मंदिरों का चयन किया है। इन मंदिरों में प्रत्यक्ष प्रभार, आत्मनिर्भर और सार्वजनिक प्रन्यास प्रबंधित मंदिर शामिल हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल 14 मंदिर प्रत्यक्ष प्रभार श्रेणी में, 16 मंदिर आत्मनिर्भर श्रेणी में और 21 मंदिर सार्वजनिक प्रन्यास प्रबंधित श्रेणी में चयनित किए गए हैं।

कोटा, भरतपुर, अजमेर, जयपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, जोधपुर, उदयपुर और ऋषभदेव खंड कार्यालयों के अंतर्गत आने वाले मंदिरों में इन आयोजनों की विशेष तैयारियां की जा रही हैं।

राजस्थान दिवस के अवसर पर होने वाले ये धार्मिक आयोजन प्रदेश की आस्था, संस्कृति और परंपरा को एक साथ जोड़ने का कार्य करेंगे। इसके साथ ही मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और देवस्थान विभाग ने व्यवस्थाओं को भी सुदृढ़ करने की तैयारी शुरू कर दी है।

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