राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर डूंगरपुर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बेणेश्वर धाम में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस अवसर पर उन्होंने बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूंबर और सिरोही जिलों के लिए 1902 करोड़ रुपये की लागत के 326 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज अपनी समृद्ध परंपरा, विशिष्ट संस्कृति और प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव के लिए जाना जाता है। इस समाज ने देश की आजादी की लड़ाई में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे वीर सपूतों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज भी जनजातीय समाज देश और प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर काम कर रही है और राजस्थान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में एक दिन आदिवासी समाज को समर्पित किया गया है।
बेणेश्वर धाम के विकास की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेणेश्वर धाम आदिवासी आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है और इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार यहां व्यापक विकास कार्य करवाने की योजना बना रही है। उन्होंने बताया कि बेणेश्वर धाम के सौंदर्यीकरण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसके साथ ही यहां संगम और अबूदरा घाटों के निर्माण तथा वर्षभर पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए बेणेश्वर एनिकट की रिमॉडलिंग भी करवाई जाएगी।
जनजातीय समाज के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनजातीय विद्यार्थियों और युवाओं के हित में कई अहम फैसले किए हैं। छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए मैस भत्ता 2500 रुपये से बढ़ाकर 3250 रुपये प्रति माह किया गया है। इसके साथ ही खेल अकादमियों में भी मैस भत्ते में बढ़ोतरी की गई है।
उन्होंने बताया कि कक्षा 10वीं और 12वीं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले जनजातीय विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावा चार्टर्ड अकाउंटेंट और कंपनी सेक्रेटरी जैसी परीक्षाएं उत्तीर्ण करने वाले जनजातीय विद्यार्थियों के लिए भी प्रोत्साहन राशि बढ़ाई गई है, ताकि अधिक से अधिक युवा उच्च शिक्षा और पेशेवर क्षेत्रों में आगे बढ़ सकें।
वन अधिकार पट्टों के लिए विशेष अभियान
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वनों में निवास करने वाले जनजातीय परिवारों को व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार दिलाने के लिए राज्य सरकार विशेष अभियान चलाएगी। इन वन अधिकार पट्टों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा, जिससे संबंधित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। साथ ही वे बैंक से ऋण भी प्राप्त कर सकेंगे और अपनी आजीविका को मजबूत बना सकेंगे।
ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट का विकास
जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 100 करोड़ रुपये की लागत से ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट विकसित करने की योजना भी घोषित की है। इस सर्किट में त्रिपुर सुंदरी मंदिर, मानगढ़ धाम, बेणेश्वर धाम, सीतामाता अभयारण्य, ऋषभदेव, गौतमेश्वर मंदिर और मातृ कुंडिया जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसर भी बढ़ेंगे।
लाभार्थियों से संवाद और योजनाओं का वितरण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी सम्मान योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सांकेतिक चेक और टैबलेट प्रदान किए। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया।
इस दौरान बालिकाओं को स्कूटी भी वितरित की गई, जिससे उनकी शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने डूंगरपुर में वाल्मीकि मंदिर और हरि मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके लिए शिक्षा, रोजगार, पर्यटन और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिससे आदिवासी समाज की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया जा सके।


