भारत में सुरक्षित निवेश विकल्पों की बात आती है तो पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग स्कीम्स को सबसे भरोसेमंद योजनाओं में गिना जाता है। ये योजनाएं सरकार द्वारा समर्थित होती हैं, इसलिए इनमें निवेश को अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है। इसके साथ ही इन योजनाओं में निवेशकों को स्थिर और आकर्षक ब्याज दर भी मिलती है।
इन्हीं योजनाओं में से एक है पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम यानी एमआईएस। यह योजना उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी मानी जाती है जो एकमुश्त रकम निवेश कर नियमित मासिक आय प्राप्त करना चाहते हैं। नाम से ही स्पष्ट है कि इस योजना का उद्देश्य निवेशकों को हर महीने एक निश्चित आय उपलब्ध कराना है। यदि किसी व्यक्ति के पास एकमुश्त बचत राशि है और वह उसे सुरक्षित निवेश में लगाकर नियमित आय पाना चाहता है, तो पोस्ट ऑफिस एमआईएस एक उपयुक्त विकल्प माना जाता है।
एकमुश्त निवेश के बाद मिलती है नियमित मासिक आय
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें निवेशक को सिर्फ एक बार निवेश करना होता है और इसके बाद पूरे कार्यकाल के दौरान हर महीने निश्चित आय प्राप्त होती रहती है। इस योजना में निवेश करने के बाद निवेशक को हर महीने ब्याज के रूप में राशि मिलती है। यह राशि सीधे निवेशक के खाते में जमा होती है, जिससे उसे नियमित आय का स्रोत मिलता है।
यह योजना उन लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होती है जो रिटायरमेंट के बाद नियमित आय चाहते हैं या जिनके पास एकमुश्त धनराशि है और वे उसे सुरक्षित निवेश में लगाकर स्थिर आय प्राप्त करना चाहते हैं।
योजना की मैच्योरिटी अवधि और लाभ
पोस्ट ऑफिस एमआईएस की मैच्योरिटी अवधि पांच वर्ष होती है। इसका मतलब है कि निवेश करने के बाद पांच साल तक निवेशक को हर महीने ब्याज के रूप में निश्चित आय मिलती रहती है। पांच साल की अवधि पूरी होने पर निवेशक को उसकी मूल निवेश राशि वापस मिल जाती है। इस तरह यह योजना निवेशक को दोहरा लाभ देती है, जिसमें एक ओर उसे हर महीने आय मिलती है और दूसरी ओर उसकी जमा पूंजी भी सुरक्षित रहती है। यदि निवेशक चाहे तो मैच्योरिटी के बाद इस राशि को किसी अन्य योजना में दोबारा निवेश भी कर सकता है।
निवेश की न्यूनतम और अधिकतम सीमा
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में निवेश की सीमा भी स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई है। इस योजना में कोई भी भारतीय नागरिक खाता खुलवा सकता है और इसमें सिंगल तथा जॉइंट दोनों प्रकार के खाते उपलब्ध हैं। इस योजना में न्यूनतम निवेश राशि एक हजार रुपये रखी गई है। वहीं अधिकतम निवेश सीमा सिंगल अकाउंट के लिए नौ लाख रुपये तय की गई है। यदि दो या तीन लोग मिलकर जॉइंट अकाउंट खोलते हैं तो अधिकतम निवेश सीमा बढ़कर 15 लाख रुपये तक हो जाती है। इससे परिवार के सदस्य मिलकर भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
वर्तमान ब्याज दर और आय की गणना
फिलहाल पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम पर 7.40 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर दी जा रही है। इस ब्याज दर के आधार पर निवेशक को हर महीने निश्चित राशि प्राप्त होती है। हालांकि एक महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि निवेशक हर महीने मिलने वाले ब्याज को अपने खाते से नहीं निकालता है, तो उस पर अतिरिक्त ब्याज नहीं दिया जाता। यानी यह ब्याज केवल मासिक आय के रूप में ही मिलता है और उसे पुनर्निवेश करने पर अलग से लाभ नहीं मिलता। इसलिए निवेशक को यह समझना जरूरी है कि यह योजना मुख्य रूप से नियमित मासिक आय के उद्देश्य से बनाई गई है।
9 लाख रुपये निवेश करने पर कितनी मिलेगी आय
यदि कोई निवेशक इस योजना में अधिकतम सीमा यानी नौ लाख रुपये का निवेश करता है, तो उसे हर महीने लगभग 5,550 रुपये ब्याज के रूप में प्राप्त हो सकते हैं। यह राशि पूरे पांच वर्षों तक नियमित रूप से मिलती रहती है। इस तरह निवेशक को पांच साल के दौरान हर महीने एक निश्चित आय का लाभ मिलता है।
जब पांच वर्ष की अवधि पूरी हो जाती है तो निवेशक को उसकी मूल निवेश राशि यानी नौ लाख रुपये वापस मिल जाते हैं। इससे निवेशक की पूंजी सुरक्षित रहती है और उसे नियमित आय का लाभ भी मिलता है।
स्थिर आय के लिए बेहतर विकल्प
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम उन निवेशकों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है जो जोखिम से बचना चाहते हैं और स्थिर आय की तलाश में हैं। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, रिटायर हो चुके लोगों या ऐसे परिवारों के लिए यह योजना उपयोगी मानी जाती है जिनके पास एकमुश्त बचत राशि है। सरकार समर्थित होने के कारण इस योजना में निवेश अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है। इसके साथ ही निश्चित ब्याज दर और मासिक आय की सुविधा इसे कई निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है।
यदि कोई व्यक्ति सुरक्षित निवेश के साथ नियमित आय का विकल्प तलाश रहा है, तो पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम उसके लिए एक संतुलित और भरोसेमंद निवेश योजना साबित हो सकती है।


