राजस्थान की स्वर्णनगरी कहे जाने वाले जैसलमेर के लिए एक बार फिर पुरानी कहावत सच होती दिखाई दे रही है कि यहां पहुंचने के लिए घोड़ा काठ का और पैर पत्थर के होने चाहिए। कारण यह है कि 28 मार्च के बाद जैसलमेर का हवाई संपर्क देश के बड़े शहरों से पूरी तरह समाप्त होने वाला है। एयरलाइंस के समर शेड्यूल में जैसलमेर का नाम शामिल नहीं किया गया है, जिसके चलते यहां का जैसलमेर एयरपोर्ट अगले कुछ महीनों के लिए लगभग शांत रहने वाला है। पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस शहर के लिए हवाई सेवाओं का बंद होना स्थानीय पर्यटन उद्योग, होटल व्यवसाय, टैक्सी सेवा और गाइडों के लिए चिंता का कारण बन गया है। पर्यटन से जुड़े लोग इसे स्वर्णनगरी की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं।
छह नियमित उड़ानें होंगी बंद
फिलहाल जैसलमेर एयरपोर्ट से देश के कई बड़े शहरों के लिए नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं। वर्तमान में यहां से दिल्ली, मुंबई, जयपुर और बेंगलुरु के लिए कुल छह उड़ानें संचालित होती हैं। ये उड़ानें पर्यटकों के लिए जैसलमेर पहुंचने का सबसे तेज और सुविधाजनक माध्यम हैं। हालांकि 29 मार्च से लागू होने वाले समर शेड्यूल में इन उड़ानों को जारी नहीं रखा गया है। एयरलाइंस कंपनियों ने हर साल की तरह इस बार भी तापमान बढ़ने और गर्मियों में पर्यटकों की संख्या कम होने को कारण बताया है। लेकिन स्थानीय पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि यह तर्क पूरी तरह सही नहीं है।
उनका कहना है कि वर्तमान समय में भी इन उड़ानों में औसतन 60 से 70 प्रतिशत यात्री भार मिल रहा है, जो किसी भी व्यावसायिक उड़ान के लिए पर्याप्त माना जाता है। इसके बावजूद समर सीजन के लिए जैसलमेर को शेड्यूल से बाहर कर दिया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
बुकिंग्स रद्द होने लगीं
फ्लाइट्स बंद होने की खबर सामने आते ही पर्यटन उद्योग पर इसका असर दिखाई देने लगा है। होटल और रिसोर्ट संचालकों के अनुसार अप्रैल और मई के लिए पहले से बुक किए गए कई टूर ग्रुप्स अब अपनी बुकिंग रद्द कराने लगे हैं। पर्यटकों का कहना है कि बिना हवाई कनेक्टिविटी के जैसलमेर का सफर लंबा और असुविधाजनक हो जाता है। ट्रेन या सड़क मार्ग से यहां पहुंचने में काफी समय लगता है, जिसके कारण कई पर्यटक अपने टूर प्लान बदल रहे हैं।
स्थानीय टूर ऑपरेटरों के अनुसार जैसलमेर आने वाले विदेशी और घरेलू पर्यटकों में से बड़ी संख्या उन लोगों की होती है जो सीमित समय में राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्रा करना चाहते हैं। ऐसे पर्यटकों के लिए हवाई सेवा बेहद महत्वपूर्ण होती है।
रिकॉर्ड यात्रियों के बावजूद बंद हो रही उड़ानें
जैसलमेर एयरपोर्ट ने हाल ही में यात्रियों की संख्या के मामले में नया रिकॉर्ड भी बनाया था। विंटर शेड्यूल 2025-26 के दौरान यहां यात्री संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच लगभग 80 हजार यात्रियों ने जैसलमेर एयरपोर्ट से यात्रा की। मार्च के पहले सप्ताह तक अधिकांश उड़ानें पूरी तरह भरी हुई थीं। इसके बावजूद समर शेड्यूल से जैसलमेर का नाम हटाया जाना स्थानीय लोगों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए हैरान करने वाला है।
वेडिंग और फिल्म इंडस्ट्री पर असर
पिछले कुछ वर्षों में जैसलमेर केवल एक पर्यटन स्थल ही नहीं रहा बल्कि यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का डेस्टिनेशन बन चुका है। यहां भव्य शादियों, प्री-वेडिंग शूट और फिल्मों की शूटिंग के लिए देश और विदेश से लोग आते हैं। बॉलीवुड फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग के लिए भी जैसलमेर की लोकेशन काफी लोकप्रिय है। इसके अलावा डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए भी यहां के होटल और रिसोर्ट लगातार पसंद किए जा रहे हैं।
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि इन गतिविधियों के लिए हवाई कनेक्टिविटी बेहद जरूरी होती है। फ्लाइट्स बंद होने से होटल, टैक्सी, गाइड और स्थानीय व्यवसायों पर सीधा असर पड़ेगा।
पर्यटकों की भी चिंता
दिल्ली और अन्य शहरों से आने वाले कई पर्यटकों का कहना है कि ट्रेन से यात्रा करने में काफी समय लग जाता है। यदि हवाई सेवा उपलब्ध नहीं होगी तो जैसलमेर का टूर प्लान करना कठिन हो जाएगा। कुछ पर्यटकों का यह भी कहना है कि वे कम समय में राजस्थान के कई शहरों की यात्रा करना चाहते हैं और ऐसे में हवाई कनेक्टिविटी बेहद महत्वपूर्ण होती है। फ्लाइट्स बंद होने से उनका यात्रा कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है।
पर्यटन नीतियों पर उठे सवाल
फ्लाइट्स बंद होने के मुद्दे ने राज्य की पर्यटन नीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर राज्य सरकार समर टूरिज्म और नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रमुख पर्यटन स्थलों की हवाई कनेक्टिविटी कमजोर होती दिखाई दे रही है। पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में जैसलमेर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है तो यहां की हवाई सेवाओं को सालभर बनाए रखना जरूरी है।
आगे क्या होगा
जैसलमेर की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा पर्यटन पर निर्भर करता है। ऐसे में हवाई सेवाओं का बंद होना स्थानीय व्यापार और रोजगार पर असर डाल सकता है। पर्यटन से जुड़े लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार और एयरलाइंस कंपनियां इस मुद्दे पर फिर से विचार करेंगी और जैसलमेर की हवाई कनेक्टिविटी को बनाए रखने के लिए कोई समाधान निकाला जाएगा।
फिलहाल 28 मार्च के बाद जैसलमेर एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन बंद होने से स्वर्णनगरी के पर्यटन उद्योग के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।


