राजस्थान में LPG संकट की खबरों और बढ़ती चिंताओं के बीच राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य है और प्रदेश में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने गुरुवार को कहा कि प्रदेश के घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी तरह की आशंका या घबराहट की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण गैस आपूर्ति को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति जरूर बनी है, लेकिन सरकार इस पूरे मामले पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर समय पर और बिना किसी परेशानी के उपलब्ध हो सके।
जमाखोरी और डायवर्जन रोकने के लिए निगरानी
मंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों से उत्पन्न मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की किसी भी प्रकार की जमाखोरी या अवैध डायवर्जन न हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में विजिलेंस टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। इन टीमों का मुख्य काम गैस वितरण व्यवस्था पर नजर रखना और किसी भी तरह की अनियमितता को तुरंत रोकना है। इसके अलावा जिलों में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और विभागीय अधिकारियों की संयुक्त टीमों द्वारा भी नियमित जांच की जा रही है। प्रशासन गैस एजेंसियों, गोदामों और वितरण प्रणाली की निगरानी कर रहा है ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिलों से मिली रिपोर्ट में स्थिति सामान्य
सरकार की ओर से जिलों में घरेलू गैस आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष समितियां गठित की गई हैं। इन समितियों से रोजाना रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है। मंत्री के अनुसार इन रिपोर्टों में यह सामने आया है कि प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी या अवैध भंडारण जैसी गतिविधियों को प्रशासन ने पूरी तरह रोक दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में फिलहाल इस प्रकार की कोई अवैध गतिविधि सामने नहीं आई है और वितरण व्यवस्था सामान्य तरीके से चल रही है।
गैस बुकिंग के लिए तय किए गए नियम
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने गैस बुकिंग को लेकर भी कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग निर्धारित समय के बाद ही करनी चाहिए ताकि वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ता पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही नया गैस सिलेंडर बुक कर सकते हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को पिछली डिलीवरी के 45 दिन बाद ही बुकिंग करनी होगी। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों पर जाकर बुकिंग कराने से बचने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि बुकिंग केवल डिजिटल माध्यमों के जरिए ही की जानी चाहिए।
डिजिटल माध्यम से ही करें बुकिंग
मंत्री ने कहा कि गैस सिलेंडर की बुकिंग मोबाइल एप, वेबसाइट, व्हाट्सएप और आईवीआरएस जैसे माध्यमों से की जा सकती है। इन माध्यमों के जरिए बुकिंग करने से उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी और गैस एजेंसियों पर भीड़ कम होगी। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल व्यवस्था से गैस वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी बनती है और इससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम हो जाती है।
बुकिंग के बाद 2 से 3 दिन में डिलीवरी
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि गैस बुकिंग करवाने के बाद उपभोक्ताओं को अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मंत्री ने कहा कि बुकिंग के दो से तीन दिन के भीतर उपभोक्ताओं के घर तक गैस सिलेंडर की डिलीवरी कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की सभी डिलीवरी ओटीपी के माध्यम से की जा रही है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सिलेंडर केवल वास्तविक उपभोक्ता को ही मिले और वितरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
गैस एजेंसी पर प्वाइंट डिलीवरी बंद
मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने गैस एजेंसियों पर प्वाइंट डिलीवरी की व्यवस्था अस्थायी रूप से बंद कर दी है। मंत्री ने कहा कि यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि गैस एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ न लगे और वितरण प्रणाली व्यवस्थित तरीके से चल सके। उपभोक्ताओं को सीधे घर पर ही सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।
व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर रोक
सरकार ने 9 मार्च को जारी एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर के तहत व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर रोक लगाने का निर्णय भी लिया है। हालांकि आवश्यक सेवाओं को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम घरेलू गैस उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए उठाया गया है।
शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर
मंत्री ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि गैस आपूर्ति में किसी भी प्रकार की परेशानी होती है या उन्हें कालाबाजारी और अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। इसके लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 112, 14435 और 181 जारी किए हैं। इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराने के बाद प्रशासन तत्काल कार्रवाई करेगा।
सरकार का कहना है कि गैस वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।


