राजस्थान के उदयपुर जिले में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के अवैध उपयोग और रिफिलिंग को लेकर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला प्रशासन के निर्देश पर रसद विभाग की टीम ने एक विशेष अभियान चलाते हुए अवैध गैस रिफिलिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान छह व्यावसायिक गैस सिलेंडर जब्त किए गए। प्रशासन का कहना है कि हाल के दिनों में गैस आपूर्ति को लेकर बढ़ती संवेदनशीलता और संभावित कमी की आशंका को देखते हुए अवैध उपयोग और रिफिलिंग के मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसी के तहत जिले में लगातार निरीक्षण और जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।
कलेक्टर के निर्देश पर चला जांच अभियान
जिला प्रशासन के अनुसार व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर अस्थायी रोक लगाए जाने के बाद यह सुनिश्चित करना जरूरी हो गया था कि गैस का दुरुपयोग न हो। इसी उद्देश्य से जिला कलेक्टर के निर्देश पर रसद विभाग की टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में सघन जांच के निर्देश दिए गए।
इसी क्रम में रसद विभाग की टीम ने शहर के सवीना क्षेत्र में स्थित वीआईपी कॉलोनी में आकस्मिक निरीक्षण किया। अधिकारियों को पहले से सूचना मिली थी कि इस क्षेत्र में कुछ लोग व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग कर रहे हैं। जांच के दौरान टीम को मौके पर ही सिलेंडरों से गैस निकालकर अन्य सिलेंडरों में भरते हुए पाया गया। यह गतिविधि पूरी तरह अवैध मानी जाती है और इससे सुरक्षा संबंधी खतरे भी उत्पन्न होते हैं।
टीम ने मौके से छह सिलेंडर जब्त किए
अधिकारियों ने मौके पर कार्रवाई करते हुए छह व्यावसायिक गैस सिलेंडर जब्त कर लिए। इन सिलेंडरों का उपयोग अवैध रिफिलिंग के लिए किया जा रहा था। जांच दल का नेतृत्व कर रहे मनीष भटनागर ने बताया कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों से न केवल गैस वितरण व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि इससे आम उपभोक्ताओं को भी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है क्योंकि बिना किसी सुरक्षा मानकों के गैस का स्थानांतरण किया जाता है।
कार्रवाई में शामिल रहे कई अधिकारी
इस जांच अभियान में रसद विभाग के कई अधिकारी शामिल रहे। टीम में प्रवर्तन अधिकारी मानसी पंड्या और प्रवर्तन निरीक्षक डॉ. कोमल सिंह सोलंकी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
अधिकारियों ने मौके पर जांच के दौरान गैस सिलेंडरों के उपयोग, भंडारण और रिफिलिंग से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की। जांच में यह पाया गया कि सिलेंडरों का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार नहीं किया जा रहा था। इसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए सिलेंडरों को जब्त कर लिया गया और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज
जिला रसद अधिकारी मनीष भटनागर ने बताया कि इस मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति गैस सिलेंडरों का अवैध उपयोग या भंडारण करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन का कहना है कि इस मामले में जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
अवैध रिफिलिंग से बढ़ता है सुरक्षा जोखिम
गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग केवल नियमों का उल्लंघन ही नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर सुरक्षा जोखिम भी पैदा करती है। विशेषज्ञों के अनुसार बिना उचित उपकरणों और सुरक्षा मानकों के गैस भरने से आग लगने या विस्फोट जैसी घटनाएं हो सकती हैं। इसी कारण सरकार और प्रशासन समय-समय पर ऐसे मामलों के खिलाफ अभियान चलाते रहते हैं। उदयपुर प्रशासन का भी कहना है कि अवैध रिफिलिंग के कारण कई बार गैस वितरण प्रणाली में असंतुलन पैदा हो जाता है और वास्तविक उपभोक्ताओं तक गैस समय पर नहीं पहुंच पाती।
जिलेभर में जारी रहेगा अभियान
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल एक शुरुआत है और आने वाले दिनों में जिलेभर में ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे। जिला रसद अधिकारी ने कहा कि गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग और उपयोग को रोकने के लिए नियमित रूप से जांच अभियान चलाया जाएगा। जिन क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियों की शिकायत मिलेगी, वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि यदि उन्हें कहीं गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग या दुरुपयोग की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता
प्रशासन का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में गैस की आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। यदि अवैध गतिविधियों को नहीं रोका गया तो इससे पूरे वितरण तंत्र पर असर पड़ सकता है। इसी कारण प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उदयपुर में की गई इस कार्रवाई के बाद यह संदेश भी गया है कि प्रशासन गैस सिलेंडरों के अवैध उपयोग को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतेगा और कानून के अनुसार सख्त कदम उठाता रहेगा।


