latest-newsजयपुरराजनीतिराजस्थान

राजस्थान में गैस सिलेंडर संकट पर सियासत तेज

राजस्थान में गैस सिलेंडर संकट पर सियासत तेज

राजस्थान में गैस सिलेंडरों की किल्लत अब एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक संकट का रूप लेती जा रही है। प्रदेश के कई जिलों में घरेलू और कॉमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने से आम लोगों से लेकर होटल-रेस्टोरेंट व्यवसायियों तक को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़े तनाव और तकनीकी समस्याओं के कारण गैस सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। एक ओर ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर तेल कंपनियों के तकनीकी सिस्टम में आई समस्या से बुकिंग प्रक्रिया भी बाधित हो गई है। इसी मुद्दे को लेकर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बुधवार को नागौर में सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया और घोषणा की कि कांग्रेस गुरुवार से प्रदेशभर में इस मुद्दे को लेकर आंदोलन शुरू करेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो यह संकट और गहरा सकता है।

शादी और पर्यटन सीजन के बीच बढ़ी मुश्किलें

राजस्थान में इस समय शादियों का सीजन चल रहा है और साथ ही बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों का दौरा कर रहे हैं। ऐसे समय में गैस सिलेंडरों की कमी ने होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

कई स्थानों पर होटल संचालकों का कहना है कि उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिसके कारण भोजन तैयार करने में दिक्कत हो रही है। इससे पर्यटकों और स्थानीय ग्राहकों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों के अनुसार यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो पर्यटन उद्योग पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

कोटा में छात्रों के भोजन पर संकट

राज्य की कोचिंग सिटी के रूप में पहचाने जाने वाले कोटा में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बताई जा रही है। यहां कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई लगभग पूरी तरह से रुक गई है। हॉस्टल और मैस संचालकों का कहना है कि गैस उपलब्ध नहीं होने के कारण कई जगहों पर खाना बनाना बंद करना पड़ा है। इससे हजारों छात्रों के सामने भोजन की समस्या खड़ी हो गई है।

कुछ संचालकों ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर लकड़ी की भट्टियों का उपयोग शुरू कर दिया है। हालांकि इससे शहर में अचानक भट्टियों की मांग बढ़ गई है और साथ ही प्रदूषण बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

जयपुर में कालाबाजारी के आरोप

राजधानी जयपुर में भी गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत देखी जा रही है। होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों का आरोप है कि बाजार में सिलेंडरों की कालाबाजारी शुरू हो गई है। व्यापारियों के अनुसार जो कॉमर्शियल सिलेंडर पहले सामान्य कीमत पर आसानी से मिल जाता था, उसके लिए अब 3000 से 3500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। मानसरोवर और सिंधी कैंप जैसे इलाकों में कई छोटे ढाबे और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। होटल संचालकों का कहना है कि यदि जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो उन्हें कारोबार बंद करना पड़ सकता है।

अलवर में गैस एजेंसी पर हंगामा

गैस की कमी के कारण कई जगहों पर लोगों का गुस्सा भी सामने आने लगा है। अलवर में बुधवार को घरेलू गैस की किल्लत के चलते एक गैस एजेंसी पर जमकर हंगामा हुआ। बताया गया कि ‘मॉडर्न गैस सर्विस’ पर सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग सिलेंडर लेने के लिए कतार में लगे हुए थे। काफी देर इंतजार के बाद जब ग्राहकों को बताया गया कि स्टॉक खत्म हो गया है तो लोगों का धैर्य जवाब दे गया।

गुस्साए लोगों ने एजेंसी पर कालाबाजारी के आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि एजेंसी मालिक को खुद को कार्यालय के कैबिन में बंद करना पड़ा और पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा।

टोंक में मिड-डे मील पर असर

टोंक जिले में गैस संकट ने प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। यहां एक गैस एजेंसी ने सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील योजना के लिए दिए जाने वाले सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी है। एजेंसी संचालक ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर बताया कि कंपनी के मौखिक निर्देश के बाद फिलहाल सिलेंडरों की सप्लाई बंद की गई है।

इस फैसले के बाद कई स्कूलों में बच्चों के लिए बनने वाले दोपहर के भोजन की व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो मिड-डे मील योजना पर भी असर पड़ सकता है।

झुंझुनूं और सीकर में बुकिंग ठप

शेखावाटी क्षेत्र के झुंझुनूं और सीकर  जिलों में तकनीकी खामी के कारण गैस बुकिंग की प्रक्रिया प्रभावित हो गई है। झुंझुनूं में पिछले लगभग 72 घंटों से सर्वर डाउन होने के कारण ऑनलाइन या व्हाट्सएप के माध्यम से बुकिंग नहीं हो पा रही है। सीकर जिले के गोरिया जैसे ग्रामीण इलाकों में चार दिनों से गैस वितरक नहीं पहुंचा है। ऐसे में ग्रामीण परिवारों को मजबूरी में लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक

बढ़ते संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार शाम मुख्यमंत्री कार्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में मुख्य सचिव सहित प्रमुख तेल कंपनियों के अधिकारियों को तलब किया गया है, जिनमें Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum के राज्य प्रमुख शामिल हैं।

बैठक का उद्देश्य गैस सिलेंडरों की सप्लाई को जल्द से जल्द सामान्य करना और बाजार में हो रही कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम तय करना है। सरकार की कोशिश है कि तकनीकी समस्याओं को जल्द दूर किया जाए और प्रभावित जिलों में प्राथमिकता के आधार पर गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। राजस्थान में बढ़ते गैस संकट ने अब प्रशासन और सरकार दोनों के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। यदि सप्लाई व्यवस्था जल्द बहाल नहीं हुई तो इसका असर आम जीवन, शिक्षा, पर्यटन और व्यापार सहित कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading