देश में घरेलू रसोई गैस पर मिलने वाली सब्सिडी कई परिवारों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता होती है। लेकिन कई बार लोगों को यह शिकायत रहती है कि उनके बैंक अकाउंट में LPG Subsidy की राशि नहीं पहुंच रही है। ऐसे में अक्सर गैस कंपनी को जिम्मेदार माना जाता है, जबकि कई मामलों में समस्या बैंक अकाउंट लिंकिंग या आधार से जुड़ी तकनीकी वजहों के कारण भी हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को समय-समय पर यह जांच करते रहना चाहिए कि उनके खाते में सब्सिडी आ रही है या नहीं। कई बार सब्सिडी पुराने बैंक खाते में चली जाती है या फिर बैंक और आधार की सही मैपिंग नहीं होने के कारण ट्रांजेक्शन पूरा नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता ऑनलाइन कुछ आसान स्टेप्स अपनाकर घर बैठे सब्सिडी की स्थिति जान सकते हैं।
पुराने बैंक अकाउंट के कारण भी रुक सकती है सब्सिडी
कई घरों में यह समस्या सामने आती है कि सब्सिडी समय पर नहीं मिलती। इसकी एक बड़ी वजह यह होती है कि गैस कनेक्शन के साथ जुड़ा बैंक अकाउंट पुराना हो चुका होता है या फिर उसमें बदलाव किया जा चुका होता है।
अगर उपभोक्ता ने नया बैंक अकाउंट खुलवाया है लेकिन गैस कंपनी के रिकॉर्ड में अभी भी पुराना अकाउंट दर्ज है, तो सब्सिडी उसी पुराने खाते में ट्रांसफर हो सकती है। कई बार यह राशि पूरी तरह से स्किप भी हो जाती है। इसलिए समय-समय पर यह जांच करना जरूरी होता है कि सब्सिडी सही बैंक अकाउंट में पहुंच रही है या नहीं।
MyLPG पोर्टल के जरिए ऐसे चेक करें स्टेटस
एलपीजी उपभोक्ता अपने सब्सिडी स्टेटस की जानकारी ऑनलाइन भी प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल MyLPG Portal पर जाना होगा। वेबसाइट पर पहुंचने के बाद उपभोक्ताओं को अपने गैस प्रदाता का चयन करना होगा। भारत में मुख्य रूप से Indian Oil Corporation का इंडेन गैस, HPCL की एचपी गैस और Bharat Petroleum की भारत गैस सेवाएं उपलब्ध हैं।
इसके बाद उपभोक्ता को अपने कंज्यूमर नंबर की मदद से लॉग इन करना होगा। यदि पहले से अकाउंट नहीं बनाया गया है तो रजिस्ट्रेशन का विकल्प चुनकर नया अकाउंट भी बनाया जा सकता है। लॉग इन करने के बाद वेबसाइट पर “View Content / Refill History” का विकल्प दिखाई देगा। इस सेक्शन में जाने के बाद उपभोक्ता को “Subsidy Amount” और “Bank Status” नाम के कॉलम दिखाई देंगे। यहां से यह आसानी से देखा जा सकता है कि गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी की राशि किस तारीख को और किस बैंक खाते में ट्रांसफर हुई है।
आधार और NPCI मैपिंग होना जरूरी
यदि पोर्टल पर सब्सिडी की कोई एंट्री दिखाई नहीं देती है तो यह भी संभव है कि उपभोक्ता का बैंक अकाउंट सही तरीके से आधार से लिंक नहीं हो। सरकार द्वारा लागू व्यवस्था के तहत सब्सिडी ट्रांसफर की प्रक्रिया National Payments Corporation of India यानी एनपीसीआई की मैपिंग के जरिए पूरी होती है। इसका मतलब यह है कि उपभोक्ता का बैंक अकाउंट आधार नंबर से जुड़ा होना चाहिए। यदि यह लिंकिंग पूरी नहीं होती है तो सब्सिडी की राशि खाते तक नहीं पहुंच पाती। इसलिए उपभोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका आधार और बैंक अकाउंट सही तरीके से लिंक हो।
समय-समय पर वेरिफिकेशन करना जरूरी
डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी भी अब ऑनलाइन आसानी से उपलब्ध हो रही है। एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए भी यह जरूरी है कि वे समय-समय पर अपने गैस कनेक्शन और बैंक अकाउंट से जुड़ी जानकारी की जांच करते रहें।
ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सब्सिडी का स्टेटस चेक करना एक आसान प्रक्रिया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि सरकारी सहायता सही तरीके से लाभार्थियों तक पहुंच रही है। यदि किसी तरह की गड़बड़ी दिखाई देती है तो उपभोक्ता अपने गैस एजेंसी या बैंक से संपर्क कर उसे ठीक करवा सकते हैं।


