राजस्थान की पत्रकारिता जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व सूचना आयुक्त नारायण बारेठ का शनिवार देर रात जयपुर में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही पत्रकारिता जगत, राजनीतिक क्षेत्र और सामाजिक संगठनों में शोक की लहर फैल गई। करीब 68 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वे पिछले कुछ समय से निमोनिया से पीड़ित थे और जयपुर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। देर रात करीब 1.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद उनके परिजनों, मित्रों और पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों में गहरा दुख देखा गया।
मोक्षधाम में हुआ अंतिम संस्कार
नारायण बारेठ का अंतिम संस्कार जयपुर के मालवीय नगर स्थित अपेक्स सर्किल के पास मोक्षधाम में किया गया। इस दौरान परिवार के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग मौजूद रहे। सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और योगदान को देखते हुए उनके निधन को राजस्थान के मीडिया जगत के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।
पत्रकारिता में बनाया विशिष्ट स्थान
नारायण बारेठ ने अपने लंबे पत्रकारिता जीवन में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया। उन्होंने बीबीसी हिंदी जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में भी अपनी सेवाएं दीं और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इसके अलावा उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया, नवभारत टाइम्स सहित कई प्रमुख मीडिया संस्थानों में भी पत्रकारिता की। अपने करियर के दौरान उन्होंने सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर गहन और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी लेखन शैली, विषयों की गहराई से समझ और निष्पक्ष दृष्टिकोण के कारण उन्हें व्यापक सम्मान मिला।
शिक्षा के क्षेत्र में भी दिया योगदान
पत्रकारिता के साथ-साथ नारायण बारेठ ने शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे राजस्थान के हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में लंबे समय तक व्याख्याता के रूप में कार्यरत रहे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारिता के विद्यार्थियों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान दिया, बल्कि अपने व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से मीडिया की वास्तविक चुनौतियों और जिम्मेदारियों से भी परिचित कराया। उनके कई विद्यार्थी आज देश के विभिन्न मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
सूचना आयुक्त के रूप में निभाई अहम भूमिका
पत्रकारिता के अलावा नारायण बारेठ ने प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभाईं। उन्हें राजस्थान का सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया था, जहां उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। सूचना आयुक्त के रूप में उन्होंने सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया और नागरिकों को जानकारी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को मजबूत बनाने की दिशा में काम किया।
राजनीतिक नेताओं ने जताया शोक
नारायण बारेठ के निधन पर कई राजनीतिक नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व सूचना आयुक्त नारायण बारेठ का निधन बेहद दुखद है। उन्होंने लिखा कि बारेठ कई दिनों से निमोनिया से पीड़ित थे और उनके निधन से पत्रकारिता जगत को बड़ी क्षति हुई है। अशोक गहलोत ने अपने संदेश में कहा कि नारायण बारेठ ने बीबीसी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता कर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई थी। उन्होंने यह भी कहा कि सूचना आयुक्त के रूप में भी उन्होंने एक कुशल प्रशासक की तरह काम किया और अपनी अमिट छाप छोड़ी।
पत्रकारिता जगत में शोक की लहर
नारायण बारेठ के निधन पर पत्रकारिता जगत से जुड़े कई वरिष्ठ पत्रकारों और मीडिया संगठनों ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है। उनके सहयोगियों और मित्रों ने उन्हें एक समर्पित, ईमानदार और जनहित से जुड़ा पत्रकार बताया। मीडिया जगत के लोगों का कहना है कि नारायण बारेठ ने हमेशा निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता को महत्व दिया। उन्होंने अपने लेखन और रिपोर्टिंग के माध्यम से समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाने का काम किया। उनके निधन को राजस्थान की पत्रकारिता के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके योगदान और विचार आने वाली पीढ़ियों के पत्रकारों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।


