संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित हो चुका है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में देशभर के हजारों उम्मीदवारों ने भाग लिया था, जिनमें से कई प्रतिभागियों ने अपनी मेहनत, लगन और धैर्य के बल पर सफलता हासिल की है। राजस्थान के लिए भी इस बार का परिणाम खास रहा है, क्योंकि प्रदेश के कई अभ्यर्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया है।
चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा निवासी डॉ. अनुज अग्निहोत्री ने इस वर्ष सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया प्रथम स्थान हासिल कर देशभर में चर्चा बटोरी है। वहीं राजस्थान के टोंक जिले की रहने वाली साक्षी जैन ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 37वीं रैंक प्राप्त की है। उनकी सफलता की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो लंबे समय तक प्रयास करने के बावजूद निराश नहीं होते और अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगातार मेहनत करते रहते हैं।
टोंक की साक्षी जैन ने हासिल की 37वीं रैंक
राजस्थान के टोंक जिले से ताल्लुक रखने वाली साक्षी जैन ने इस बार सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 37वीं रैंक प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। साक्षी की उपलब्धि खास इसलिए भी है क्योंकि यह सफलता उन्हें कई असफल प्रयासों के बाद मिली है। साक्षी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई की और वर्ष 2018 में उन्होंने सीए की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने नोएडा में यूनाइटेड किंगडम के एक बैंक में नौकरी शुरू की। कॉर्पोरेट क्षेत्र में अच्छी नौकरी होने के बावजूद उनके मन में प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना था।
परिवार में कई सदस्य सरकारी सेवाओं में कार्यरत होने के कारण उनके भीतर भी समाज के लिए काम करने की प्रेरणा बनी रही। इसी प्रेरणा ने उन्हें यूपीएससी की तैयारी की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कोविड काल में लिया बड़ा फैसला
साक्षी जैन के जीवन में वर्ष 2020 एक महत्वपूर्ण मोड़ लेकर आया। कोविड महामारी के दौरान उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया और पूरी तरह से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गईं। यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य पर पूरा भरोसा रखा। उन्होंने वर्ष 2021 में पहली बार सिविल सेवा परीक्षा का प्रयास किया, हालांकि उस समय उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार अपनी तैयारी जारी रखी।
आने वाले वर्षों में उन्होंने अपनी रणनीति में सुधार किया और निरंतर मेहनत करती रहीं। वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 में उन्होंने मेन्स परीक्षा उत्तीर्ण की और इंटरव्यू तक पहुंचीं। कई बार इंटरव्यू तक पहुंचने के बाद भी अंतिम सूची में नाम न आने के बावजूद उन्होंने धैर्य बनाए रखा। आखिरकार वर्ष 2025 के परिणाम में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने ऑल इंडिया 37वीं रैंक हासिल कर अपने सपने को साकार कर लिया।
इंटरव्यू में पूछे गए रोचक सवाल
साक्षी जैन ने बताया कि उनका इंटरव्यू लगभग 30 मिनट तक चला। इस दौरान बोर्ड के सदस्यों ने उनसे उनके शैक्षणिक पृष्ठभूमि और व्यक्तिगत रुचियों से जुड़े कई सवाल पूछे। चूंकि उनका बैकग्राउंड चार्टर्ड अकाउंटेंसी का रहा है, इसलिए इंटरव्यू में उनसे वित्त और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा उनसे उनकी हॉबी जैसे योग और गार्डनिंग के बारे में भी प्रश्न पूछे गए।
राजस्थान से संबंधित सामाजिक मुद्दों पर भी बातचीत हुई। विशेष रूप से बाल विवाह जैसे संवेदनशील विषय पर उनसे विचार पूछे गए और इस समस्या के समाधान को लेकर उनके दृष्टिकोण को समझने की कोशिश की गई।
साड़ी को लेकर भी हुआ दिलचस्प सवाल
साक्षी ने बताया कि इंटरव्यू के दौरान एक दिलचस्प सवाल उस साड़ी को लेकर भी पूछा गया जिसे पहनकर वह इंटरव्यू देने पहुंची थीं। बोर्ड के एक सदस्य ने उनसे साड़ी की डिजाइन और उसके सांस्कृतिक महत्व के बारे में सवाल किया। इसके अलावा उनसे योग से जुड़े कई प्रश्न पूछे गए, जिनमें योग के विभिन्न प्रकार और उसका ऐतिहासिक विकास शामिल था। साक्षी ने इन सभी सवालों के जवाब आत्मविश्वास के साथ दिए।
युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
साक्षी जैन की सफलता यह साबित करती है कि कठिन परिश्रम, निरंतर प्रयास और धैर्य से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। कई बार असफलताओं का सामना करने के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और लगातार प्रयास करती रहीं।
उनकी यह उपलब्धि न केवल टोंक जिले बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गर्व का विषय है। साथ ही यह उन युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण है जो सिविल सेवा जैसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि साक्षी जैन की यह सफलता आने वाले समय में कई युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी।


