राजस्थान

आमेर मावठा झील में 9 मार्च से बोटिंग शुरू

आमेर मावठा झील में 9 मार्च से बोटिंग शुरू

राजस्थान की राजधानी जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल आमेर किले के सामने स्थित मावठा झील में 9 मार्च से पर्यटकों के लिए बोटिंग सेवा शुरू होने जा रही है। इस नई सुविधा के शुरू होने के साथ ही आमेर आने वाले देशी और विदेशी पर्यटक झील में नौकायन करते हुए किले की भव्यता और आसपास के प्राकृतिक दृश्य का आनंद ले सकेंगे।

पर्यटन विभाग का मानना है कि इस पहल से आमेर क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा और पर्यटकों को एक अलग अनुभव प्राप्त होगा। मावठा झील में बोटिंग सेवा शुरू होने से जयपुर आने वाले सैलानियों के लिए यह स्थान और अधिक आकर्षक बन जाएगा।

पर्यटन को मिलेगा नया आकर्षण

पर्यटन विभाग के निदेशक माधव शर्मा ने बताया कि बोटिंग सेवा के संचालन का जिम्मा अनुबंध के तहत जसराज इन्फ्रा कंपनी को दिया गया है। विभाग का उद्देश्य आमेर किले के ऐतिहासिक महत्व को एक नए दृष्टिकोण से पर्यटकों के सामने प्रस्तुत करना है।

मावठा झील आमेर किले के सामने स्थित एक ऐतिहासिक जलाशय है, जो किले की सुंदरता को और भी बढ़ाता है। झील में बोटिंग शुरू होने से पर्यटक पानी के बीच से किले की भव्य संरचना और आसपास की पहाड़ियों का मनमोहक दृश्य देख सकेंगे। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुविधा जयपुर पर्यटन के लिए एक नया आकर्षण साबित हो सकती है।

पर्यटकों को मिलेंगे बोटिंग के कई विकल्प

जसराज इन्फ्रा के प्रमुख कपिल कछावा के अनुसार झील में पर्यटकों की पसंद और सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार की बोटिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें शिकारा बोट, पैडल बोट, स्पीड बोट और एक्वा साइकिल जैसे विकल्प शामिल किए गए हैं।

शिकारा बोट उन पर्यटकों के लिए उपयुक्त रहेगी जो झील के शांत वातावरण में आरामदायक और सुकून भरी सैर करना चाहते हैं। वहीं स्पीड बोट रोमांच पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनेगी। पैडल बोट और एक्वा साइकिल परिवार और युवाओं के बीच लोकप्रिय रहने की संभावना है।

झील के शांत जल में बोटिंग करते हुए पर्यटक आमेर किले की ऐतिहासिक वास्तुकला, आसपास की पहाड़ियों और झील के प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकेंगे। यह अनुभव खासतौर पर उन पर्यटकों के लिए यादगार होगा जो जयपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को करीब से देखना चाहते हैं।

बोटिंग के लिए तय किए गए किराये

पर्यटन विभाग ने बोटिंग के लिए अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार शुल्क निर्धारित किया है। पैडल बोट में चार लोगों के बैठने की सुविधा होगी और 30 मिनट के लिए भारतीय पर्यटकों को 200 रुपये तथा विदेशी पर्यटकों को 400 रुपये देने होंगे। दो सीटर स्पेशल पैडल बोट के लिए भारतीय पर्यटकों से 300 रुपये और विदेशी पर्यटकों से 600 रुपये शुल्क लिया जाएगा।

इलेक्ट्रिक मोटर बोट की 20 मिनट की सवारी के लिए भारतीय पर्यटकों को 400 रुपये और विदेशी पर्यटकों को 800 रुपये चुकाने होंगे। वहीं लोकगीत और संगीत के साथ इलेक्ट्रिक लग्ज़री मोटर बोट की 30 मिनट की सवारी के लिए भारतीय पर्यटकों से 800 रुपये और विदेशी पर्यटकों से 1600 रुपये शुल्क तय किया गया है।

इसके अलावा 30 मिनट की शिकारा राइड के लिए भारतीय पर्यटकों को 500 रुपये और विदेशी पर्यटकों को 1000 रुपये देने होंगे, जबकि 45 मिनट की स्पेशल शिकारा राइड का शुल्क भारतीय पर्यटकों के लिए 700 रुपये और विदेशी पर्यटकों के लिए 1400 रुपये रखा गया है। स्पीड बोट की प्रति चक्कर सवारी के लिए भारतीय पर्यटकों से 400 रुपये और विदेशी पर्यटकों से 800 रुपये लिए जाएंगे।

बच्चों के लिए विशेष रियायत

पर्यटन विभाग ने बच्चों के लिए टिकट शुल्क में विशेष छूट का प्रावधान भी किया है। तीन से आठ वर्ष तक के बच्चों के लिए भारतीय पर्यटकों के टिकट पर 50 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा, जबकि तीन वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए बोटिंग पूरी तरह निशुल्क होगी।

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