बिहार की राजनीति में इस समय बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करते हुए संकेत दिया है कि वे अब राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं। उनके इस कदम के बाद राज्य की राजनीतिक गतिविधियाँ और तेज हो गई हैं। इस फैसले पर राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
‘जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़’
सचिन पायलट ने नीतीश कुमार के निर्णय को जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़ करार दिया। पायलट ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री के चेहरे और नेतृत्व को ध्यान में रखकर लड़ा गया था और जनता ने उसी आधार पर नीतीश कुमार को समर्थन दिया। ऐसे में अचानक पद छोड़कर राज्यसभा जाने का निर्णय लेना उचित नहीं माना जा सकता।
उन्होंने आगे कहा कि यदि नीतीश कुमार पहले ही संकेत दे देते कि वे राज्यसभा जाना चाहते हैं, तो चुनावी परिस्थितियाँ और परिणाम बिल्कुल अलग हो सकते थे। पायलट ने नीतीश कुमार के राजनीतिक इतिहास पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने कई बार अपना रुख बदला है, कभी एक गठबंधन में रहे तो कभी उसके विरोध में। पायलट ने कहा कि अब जब वे दिल्ली जा रहे हैं, तो आगे परिस्थितियाँ किस दिशा में जाएँगी, यह देखने वाली बात होगी।
नीतीश कुमार ने जताया जनता के प्रति आभार
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट कर बिहार की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि पिछले दो दशकों से भी अधिक समय तक उन्हें जनता का जो भरोसा और समर्थन मिला, उसी के बल पर उन्होंने राज्य की सेवा की है। उनके अनुसार, बिहार को विकास और सम्मान की नई दिशा देने के प्रयासों में जनता हमेशा उनके साथ खड़ी रही है।
नीतीश कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वे बिहार विधानमंडल और संसद—दोनों सदनों के सदस्य बनें। इसी इच्छा को पूरा करने के लिए उन्होंने राज्यसभा चुनाव में उतरने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा जाने के बावजूद बिहार की जनता के साथ उनका संबंध पहले की तरह मजबूत रहेगा और वे नई सरकार को पूर्ण सहयोग और मार्गदर्शन देते रहेंगे।


