राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड इस समय प्रदेशभर में आयोजित दसवीं और बारहवीं परीक्षाओं के साथ-साथ कॉपियों के मूल्यांकन कार्य में भी पूरी सक्रियता से जुटा हुआ है। बोर्ड का लक्ष्य है कि परिणामों को इस वर्ष निर्धारित समय से पहले जारी किया जाए। इसी क्रम में राज्य के विभिन्न जिला शिक्षा अधिकारियों की देखरेख में केंद्रीयकृत मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जहां परीक्षकों को तुरंत कॉपियां उपलब्ध करवाई जा रही हैं। बोर्ड द्वारा इस बार कॉपी जांच को और अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए मोबाइल मैसेज और ओटीपी आधारित प्रणाली लागू की गई है। परीक्षकों को संग्रहण केंद्रों से बंडल भेजने के बाद उनकी ट्रैकिंग सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसी भी चरण में विलंब या तकनीकी समस्या की संभावना कम हो सके।
दसवीं और बारहवीं परीक्षाओं के परिणाम मार्च-अप्रैल तक
दसवीं की परीक्षाएं 28 फरवरी तक और बारहवीं की परीक्षाएं 11 मार्च तक जारी रहेंगी। बोर्ड सूत्रों के अनुसार, यदि मूल्यांकन कार्य समय पर पूरा होता है और तकनीकी स्तर पर कोई बाधा नहीं आती, तो परिणामों को मार्च या अधिकतम अप्रैल अंत तक जारी करने की योजना है। परिणाम जारी करने का अंतिम निर्णय राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के स्तर पर किया जाएगा। इस बार बोर्ड ने कॉपियों के मूल्यांकन कार्य को परीक्षा अवधि के साथ ही शुरू कर दिया है, जिससे समूची प्रक्रिया पहले की तुलना में तेज गति से आगे बढ़ रही है। यह पहली बार है जब बोर्ड परीक्षाएं मार्च के शुरुआती पखवाड़े में ही पूरी हो जाएंगी, जिससे मूल्यांकन के लिए पर्याप्त समय रहेगा।
दसवीं का संस्कृत पेपर देकर समाप्त हुई वार्षिक परीक्षा
शनिवार को दसवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा अंतिम चरण में पहुंची, जिसमें विद्यार्थियों ने संस्कृत विषय का द्वितीय पेपर सुबह निर्धारित समय में दिया। इससे पहले अंग्रेज़ी, सामाजिक विज्ञान, हिंदी, गणित, ऑटोमोटिव, आईटी और फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस सहित अधिकांश विषयों की परीक्षाएं हो चुकी हैं। इस वर्ष दसवीं (सैकंडरी) परीक्षा में 10 लाख 68 हजार 109 विद्यार्थी पंजीकृत हुए हैं, जो प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे की व्यापकता को दर्शाता है। वहीं बारहवीं (सीनियर सैकंडरी) परीक्षा में 9 लाख 10 हजार 9 विद्यार्थी, प्रवेशिका परीक्षा में 7 हजार 817 और वरिष्ठ उपाध्याय वर्ग में 4 हजार 122 विद्यार्थी पंजीकृत हुए हैं।
बारहवीं परीक्षाएं 11 मार्च तक, विषयवार पेपर जारी
बारहवीं कक्षा (सीनियर सेकंडरी) के विषयवार पेपर 11 मार्च तक चलेंगे। विज्ञान, कॉमर्स और आर्ट्स संकाय के विद्यार्थी अलग-अलग केंद्रों पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपने-अपने विषयों की परीक्षाएं दे रहे हैं। बोर्ड ने इस बार परीक्षा प्रक्रिया में समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई सख्त व्यवस्थाएं लागू की हैं। परीक्षा संचालित करने वाले अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की गड़बड़ी, नकल या अवांछित गतिविधि की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाए।
बोर्ड सचिव और प्रशासक ने किए अनेक परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण
परीक्षाओं की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड प्रशासक और संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इसी क्रम में बोर्ड सचिव गजेंद्र सिंह ने अजमेर स्थित राजकीय तोपदड़ा सीनियर सेकंडरी स्कूल, राजकीय सावित्री बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय सहित कई केंद्रों पर पहुंचकर परीक्षाओं की निगरानी की। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और केंद्रों पर आवश्यक सुरक्षा एवं अनुशासन बनाए रखा जाए।
परीक्षा केंद्रों पर तलाशी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले विद्यार्थियों की तलाशी ली गई। मोबाइल, बैग, पुस्तकें और अन्य अनावश्यक सामग्री केंद्र के बाहर ही रखवा दी गई थी। इस बार बोर्ड ने यह भी सुनिश्चित किया कि सभी विद्यार्थी स्कूल यूनिफॉर्म में ही परीक्षा देने आएं, जिससे संदिग्ध या डमी उम्मीदवारों की संभावनाएं नगण्य रह सकें।अभिभावकों को भी छात्रों के साथ परीक्षा केंद्रों पर एक घंटे पहले पहुंचने की सलाह दी गई, जिससे भीड़भाड़ और अव्यवस्था से बचा जा सके।
तथ्यात्मक स्थिति: लाखों विद्यार्थी परीक्षा प्रक्रिया में शामिल
राजस्थान बोर्ड की इस वर्ष की परीक्षा प्रक्रिया राज्यों में सबसे बड़े शैक्षिक आयोजनों में से एक है। दसवीं और बारहवीं दोनों मिलाकर करीब 20 लाख विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं का भाग बने हैं। यह संख्या राज्य के शैक्षणिक स्तर और माध्यमिक शिक्षा में हो रहे विस्तार को दर्शाती है। बोर्ड की मंशा है कि मूल्यांकन और परिणाम जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता बनी रहे। इसलिए कॉपी जांच के हर चरण में तकनीक आधारित प्रक्रियाओं का उपयोग किया जा रहा है, ताकि परिणामों में किसी भी प्रकार के विलंब को टाला जा सके।


