अजमेर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के उद्देश्य से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम कायड़ विश्रामस्थली में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में छात्राएं, अभिभावक और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। इस पहल को महिला स्वास्थ्य सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सर्वाइकल कैंसर रोकथाम की दिशा में बड़ा कदम
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं उपस्थित रहकर बालिकाओं से संवाद किया और टीकाकरण के महत्व को समझाया। उन्होंने बच्चियों से पूछा कि वैक्सीनेशन की आवश्यकता क्यों है। इस पर छात्राओं ने आत्मविश्वास से उत्तर दिया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए यह टीका आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने उनके उत्तर की सराहना की और कहा कि जागरूकता ही किसी भी बीमारी से लड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
इस अभियान का उद्देश्य किशोरियों को कम उम्र में ही HPV संक्रमण से सुरक्षित करना है, जिससे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, 9 से 14 वर्ष की आयु टीकाकरण के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है, क्योंकि इस उम्र में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली टीके के प्रति बेहतर प्रतिक्रिया देती है।
बालिकाओं से संवाद और उत्साह का माहौल
कार्यक्रम में दौलतपुरा अजमेर निवासी मनीषा रावत, गगवाना निवासी भूमिका, हरिभाऊ उपाध्याय नगर की पूर्वी अग्रवाल, वैशाली नगर की चंचल और कदमपुरा तिलाना की चिड़िया मेघवंशी का वैक्सीनेशन किया गया। प्रधानमंत्री ने इन सभी बालिकाओं से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। उन्होंने पढ़ाई, परीक्षा और खेलकूद में उनकी रुचि के बारे में भी पूछा।
पूर्वी अग्रवाल और चंचल ने कार्यक्रम के बाद बताया कि प्रधानमंत्री से बातचीत करना उनके लिए यादगार अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि आज सबसे पहले वैक्सीनेशन होना उनके लिए गर्व और खुशी की बात है। छात्राओं के चेहरे पर उत्साह और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था, जो इस अभियान की सफलता का संकेत देता है।
राज्य नेतृत्व की मौजूदगी
इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे़, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह भी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिला और बाल स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्ध है और यह अभियान आने वाले समय में हजारों बालिकाओं को लाभान्वित करेगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अधिक से अधिक किशोरियों तक पहुंचने की योजना बनाई गई है, ताकि किसी भी पात्र बालिका को टीकाकरण से वंचित न रहना पड़े।
नियुक्ति पत्र वितरण से बढ़ा उत्साह
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। अजमेर के रूपनगढ़ बुहारू निवासी मुकेश का चयन नगर पालिका नसीराबाद में जूनियर इंजीनियर पद पर हुआ है। प्रधानमंत्री ने उनसे उनका नाम और रैंक पूछी। मुकेश ने बताया कि उन्हें राजस्थान में 27वीं रैंक प्राप्त हुई है और उन्हें खेलकूद में विशेष रुचि है। प्रधानमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त कर मुकेश ने इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण क्षण बताया।
इसी प्रकार अजमेर के केकड़ी निवासी अंकिता का चयन सीएचसी ऑफिसर के पद पर हुआ है। उन्हें भी प्रधानमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिला। अंकिता ने कहा कि यह अवसर उनके लिए प्रेरणादायक है और वे पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी।
स्वास्थ्य और रोजगार दोनों पर फोकस
यह कार्यक्रम केवल स्वास्थ्य पहल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में भी संदेश देता नजर आया। एक ओर जहां किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत हुई, वहीं दूसरी ओर युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर उनके भविष्य को सशक्त बनाने का प्रयास किया गया।
अजमेर में आयोजित इस कार्यक्रम ने स्वास्थ्य जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और युवा रोजगार जैसे तीन महत्वपूर्ण मुद्दों को एक साथ जोड़ने का काम किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि HPV वैक्सीनेशन अभियान व्यापक स्तर पर सफल होता है, तो आने वाले वर्षों में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में उल्लेखनीय कमी देखी जा सकती है।
कुल मिलाकर, अजमेर से शुरू हुआ यह अभियान राजस्थान ही नहीं, बल्कि देशभर में महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश देने वाला साबित हो सकता है। प्रधानमंत्री की मौजूदगी और बालिकाओं के साथ संवाद ने इस पहल को विशेष महत्व प्रदान किया है, जिससे समाज में टीकाकरण के प्रति सकारात्मक सोच को बल मिलेगा।


