प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 28 फरवरी को प्रस्तावित अजमेर दौरा शहर में सुरक्षा और तैयारियों को लेकर व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। प्रशासन और पुलिस ने कार्यक्रम स्थल कायड़ विश्रामस्थली, आसपास के ग्रामीण इलाकों और शहर के प्रवेश मार्गों को सुरक्षा की दृष्टि से मजबूत कर दिया है। प्रधानमंत्री की जनसभा में बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए शहर में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कार्यक्रम स्थल के पास लगभग 6 किलोमीटर के दायरे को सीज करने की तैयारी है, ताकि सुरक्षा में किसी प्रकार की कमी न रहे।
सुरक्षा में तैनात होंगे 10 आईपीएस, 15 आईएएस और 5000 से अधिक जवान
प्रधानमंत्री की यात्रा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए उच्चस्तरीय अधिकारी तैनात किए गए हैं। इस कार्यक्रम के लिए
10 आईपीएस अधिकारी
15 आईएएस अधिकारी
करीब 70 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी
ड्यूटी पर तैनात किए गए हैं।
इसके साथ ही पुलिस, आरएसी, क्यूआरटी, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा बलों के 5000 से अधिक जवान शहर के हर कोने में सुरक्षा संभालेंगे। अजमेर को सुरक्षा की दृष्टि से तीन मुख्य जोन में बांटा गया है, जिनमें असुरक्षित क्षेत्र, संवेदनशील जोन और अत्यधिक संवेदनशील जोन शामिल हैं। हर क्षेत्र में विशेष टीमों को नियुक्त किया गया है।
एसपीजी ने संभाली सुरक्षा की कमान
प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए नियुक्त स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के अधिकारी अजमेर पहुंच चुके हैं। एसपीजी की टीम ने कार्यक्रम स्थल के मंच, हेलीपैड, प्रवेश मार्गों और आसपास के इलाकों का पूरा निरीक्षण कर लिया है। हेलीपैड पर वायुसेना के हेलीकॉप्टर से ट्रायल भी किया जा चुका है। प्रधानमंत्री किशनगढ़ से हेलीकॉप्टर द्वारा सीधे कायड़ विश्रामस्थली पहुंचेंगे। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक लगातार स्थल पर जाकर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था का समन्वय कर रहे हैं।
सड़कों पर बड़े स्तर पर यातायात में बदलाव
प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर बड़े पैमाने पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा। कई प्रमुख मार्गों को कुछ घंटों के लिए सील किया जाएगा और आमजन को वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी जाएगी। अजमेर शहर में विभिन्न चौराहों और रूटों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई है। साथ ही आने-जाने वाले वाहनों की जांच सख्ती से की जा रही है।
8000 से अधिक वाहनों के लिए बनाई गई विशेष पार्किंग
सभा में बड़ी संख्या में भीड़ के आने की संभावना जताई जा रही है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सभा में पहुंचने के लिए आमंत्रित किया गया है, जिसके चलते लगभग 2 लाख लोगों की उपस्थिति का अनुमान है। भीड़ को नियंत्रित रखने और व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए 8000 से अधिक वाहनों की पार्किंग के लिए विशेष स्थान निर्धारित किए गए हैं। सभी पार्किंग स्थल कार्यक्रम स्थल से नियंत्रित दूरी पर रखे गए हैं, ताकि सुरक्षा में कोई बाधा न आए।
23 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
प्रधानमंत्री की इस यात्रा का मुख्य आकर्षण 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास है। इन परियोजनाओं में शामिल हैं—
शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाएँ
ग्रामीण पेयजल व्यवस्था के विस्तार
सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण
ऊर्जा क्षेत्र में नई परियोजनाएँ
रेलवे संरचना को मजबूत करने के प्रयास
इन परियोजनाओं से न केवल अजमेर बल्कि पूरे राजस्थान के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
21 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र
प्रधानमंत्री की सभा का एक अहम हिस्सा 21 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने से जुड़ा है। यह नियुक्तियाँ राज्य के विभिन्न विभागों में पूरी की गई हैं और नई पीढ़ी के रोजगार के अवसरों के विस्तार में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। पटवारी, तकनीकी सहायक, पशुधन सहायक, स्वास्थ्य कर्मी, नर्सिंग स्टाफ और लैब तकनीशियन सहित कई पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को प्रधानमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।
अजमेर में पीएम से बड़ी घोषणा की उम्मीद
कार्यक्रम को लेकर यह भी अनुमान है कि प्रधानमंत्री कोई महत्वपूर्ण घोषणा कर सकते हैं, जो आगामी महीनों में प्रदेश की राजनीति और विकास को नई दिशा दे सकती है। अजमेर, जो राजनीतिक रूप से हमेशा महत्वपूर्ण रहा है, एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है। भाजपा के स्थानीय नेताओं ने इस सभा को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया है।
तैयारियों को लेकर प्रशासन का दावा
अजमेर जिला प्रशासन का कहना है कि सभी व्यवस्थाएँ पूरी तरह तैयार हैं। सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, चिकित्सा सहायता, आपातकालीन प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण—हर स्तर पर योजनाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान किसी भी असुविधा को रोकने के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय रखा गया है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी स्वयं निगरानी कर रहे हैं।


