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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा बड़ी घोषणाएँ: तीन शहरों के नाम बदलने से लेकर 300 नई बसों तक

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा बड़ी घोषणाएँ: तीन शहरों के नाम बदलने से लेकर 300 नई बसों तक

राजस्थान विधानसभा में भजनलाल शर्मा ने वित्त विधेयक पर बोलते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं, जिनमें राज्य के कुछ प्रमुख शहरों के नाम बदलना सबसे अधिक चर्चा में रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को और अधिक मजबूती देने के उद्देश्य से इन स्थानों के नामों में परिवर्तन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ये बदलाव केवल औपचारिक नहीं होंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक पहचान को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बनेंगे।

ऐतिहासिक शहरों के नाम बदलने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि राज्य के तीन प्रमुख शहरों के नाम ऐतिहासिक आधार पर परिवर्तित किए जाएंगे। माउंट आबू, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पहाड़ी पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है, अब ‘आबूराज’ के नाम से जाना जाएगा। सरकार का तर्क है कि यह नाम स्थानीय इतिहास और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के अधिक निकट है। इसी तरह जहाजपुर का नाम बदलकर ‘यज्ञपुर’ किया जाएगा, जिसका संबंध प्राचीन वैदिक परंपराओं और यज्ञ संस्कृति से जोड़ा जा रहा है। वहीं भरतपुर संभाग का कामां अब ‘कामवन’ के नाम से जाना जाएगा, जिसे धार्मिक और पुराणों में वर्णित कामवन क्षेत्र की पहचान को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का कहना है कि इन नाम परिवर्तनों से प्रदेश की सांस्कृतिक ब्रांडिंग को नई उड़ान मिलेगी और इन स्थानों को पहचान के नए आयाम प्राप्त होंगे।

जयपुर में 36 किलोमीटर एलिवेटेड रोड का निर्माण

राजधानी जयपुर में लगातार बढ़ती जनसंख्या और ट्रैफिक दबाव को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने द्रव्यवती नदी के ऊपर 36 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जयपुर का ट्रैफिक हर वर्ष तेजी से बढ़ता जा रहा है, ऐसे में एक लंबी एलिवेटेड सड़क शहर की यातायात समस्या का दीर्घकालिक समाधान बन सकती है। यह रोड शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों को जोड़ते हुए यात्रा समय को कम करेगी और प्रदूषण स्तर में भी कमी लाने में मदद करेगी। सरकार का मानना है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में जयपुर की आधारभूत संरचना को नई दिशा देगी।

सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए 300 नई रोडवेज बसें

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा भी की कि राज्य में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए 300 नई रोडवेज बसें खरीदी जाएंगी। राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच सुगम कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रोडवेज बेड़े का विस्तार किया जा रहा है। नई बसों के शामिल होने से यात्रियों को बेहतर आराम, सुरक्षा और समयबद्ध सेवा मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इन बसों के आने से न केवल यात्रा सुविधा बढ़ेगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे और परिवहन नेटवर्क अधिक मजबूत होगा।

गैर-नगरीय मजदूरों के लिए जीरामजी योजना में बड़े बदलाव

मुख्यमंत्री ने वीबी जीरामजी योजना को और अधिक कारगर बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण संशोधनों की घोषणा की। अब मजदूरों को साप्ताहिक भुगतान किया जाएगा, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से अधिक स्थिरता मिल सके। इसके साथ ही इस योजना में 100 दिन की जगह 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यदि भुगतान में देरी होती है तो सरकार मजदूरों को क्षतिपूर्ति (compensation) भी देगी, ताकि मजदूरों को हक का पैसा समय पर मिल सके। सरकार इस योजना पर 4000 करोड़ रुपये का व्यय करेगी और आवश्यकता के अनुसार बाद में इसकी राशि बढ़ाने का भी प्रावधान रखा गया है।

राज्य के दीर्घकालिक विकास पर मुख्यमंत्री का जोर

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान के विकास के लिए दीर्घकालिक योजनाओं की आवश्यकता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि केवल वर्तमान ही नहीं, बल्कि आने वाले कई दशकों को ध्यान में रखते हुए नीतियों का निर्माण किया जा रहा है। उनका कहना था कि भारत के विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में राजस्थान एक मजबूत ग्रोथ इंजन साबित होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में नई ऊँचाइयाँ छुएगी।

समाज, संस्कृति और विकास का संतुलित मेल

नाम परिवर्तन से लेकर नई सड़क, बस बेड़े का विस्तार और श्रमिकों के लिए योजनाओं में बदलाव—ये सभी घोषणाएँ सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। सरकार का लक्ष्य सांस्कृतिक धरोहर को संजोते हुए आधुनिक विकास को भी आगे बढ़ाना है, ताकि राजस्थान एक मजबूत, आत्मनिर्भर और तेजी से प्रगति करने वाला राज्य बन सके।

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